हूती विद्रोहियों का जाजान पर मिसाइल हमले का दावा, सऊदी अरब ने जाजान और यानबू के लिए जारी किया इमरजेंसी अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती विद्रोही समूह (अंसारुल्लाह) ने शनिवार, 25 जुलाई को दावा किया कि उसने दक्षिणी सऊदी अरब के शहर जाजान पर मिसाइल हमला किया है। समूह ने यह दावा अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल अंसारुल्लाह मीडिया के ज़रिए किया। इसके तत्काल बाद सऊदी अरब के अधिकारियों ने जाजान और लाल सागर तटीय शहर यानबू के निवासियों के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी किया।
मुख्य घटनाक्रम
हूती समूह ने इस हफ्ते हुए हमलों को लेकर सऊदी अरब से बदला लेने की कसम खाई थी। शुक्रवार की रात से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सऊदी अधिकारियों के अलर्ट अपडेट होते रहे — पहले खतरे की चेतावनी, फिर स्थिति सामान्य होने की सूचना, और बाद में यानबू के लिए नया अलर्ट जारी किया गया।
हूती समूह के मुख्य वार्ताकार एवं प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुलसलाम ने शनिवार को सऊदी अरब पर सना एयरपोर्ट बंद रखने पर जोर देने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि रियाद ने अपनी नीति जारी रखी तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
यानबू की रणनीतिक अहमियत
यानबू पश्चिमी सऊदी अरब के मदीना प्रांत में लाल सागर तट पर स्थित एक प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक बंदरगाह शहर है। जिद्दा के बाद यह लाल सागर का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है।
स्कूबा डाइविंग, कोरल रीफ्स और समुद्री गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध इस बंदरगाह पर किसी भी हमले का व्यापक आर्थिक असर पड़ सकता है — यही कारण है कि सऊदी अरब इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से सतर्क है।
हूती प्रवक्ता की चेतावनी
अब्दुलसलाम ने एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि सऊदी अरब बयानों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों की आड़ में यमन पर आर्थिक नाकाबंदी बनाए हुए है। उन्होंने हूतियों की समुद्री नाकाबंदी की घोषणा को 'नाकाबंदी के बदले नाकाबंदी' अभियान का 'सिर्फ पहला कदम' बताया।
होदेइदा पर हमले और सऊदी जहाज़ को नुकसान
हूती से जुड़े अल मसीरा टेलीविजन ने दावा किया कि सऊदी अरब ने यमन के होदेइदा पर हमला किया, जबकि अल अरबिया ने शहर में हथियार डिपो पर धमाकों की खबर दी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार लाल सागर के बंदरगाह पर भी कई हमले हुए।
सऊदी प्रेस एजेंसी ने जनरल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के एक आधिकारिक सूत्र के हवाले से बताया कि शुक्रवार को लाल सागर में यात्रा के दौरान सऊदी जहाज़ एनसीसी मासा पर हमला हुआ, जिसमें मामूली नुकसान हुआ। यह हमला ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा बाब अल-मंडेब स्ट्रेट से सऊदी से जुड़े शिपिंग पर नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा के चार दिन बाद हुआ।
क्या होगा आगे
दोनों पक्षों की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं और तनाव में कमी के कोई संकेत नहीं हैं। बाब अल-मंडेब स्ट्रेट वैश्विक शिपिंग के लिए एक अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग है और इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला को प्रभावित कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और संभावित कूटनीतिक हस्तक्षेप पर अब सबकी नज़रें टिकी हैं।