13 जुलाई 2026
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सना हवाई अड्डे पर सऊदी हवाई हमले का दावा, ईरानी विमान की वापसी पर तनाव चरम पर

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सना हवाई अड्डे पर सऊदी हवाई हमले का दावा, ईरानी विमान की वापसी पर तनाव चरम पर

सारांश

हूती मीडिया के अनुसार सऊदी अरब ने सना हवाई अड्डे पर हवाई हमले किए — ठीक उस वक्त जब एक ईरानी विमान हूती प्रतिनिधिमंडल को लेकर वापस लौट रहा था। सऊदी पक्ष की पुष्टि नहीं, लेकिन यह घटना दस साल पुराने यमन संघर्ष में नए तनाव का संकेत है।

मुख्य बातें

हूती चैनल अल-मसीरा टीवी ने दावा किया कि सऊदी अरब ने 13 जुलाई को सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर कई हवाई हमले किए।
सऊदी अरब की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं; नुकसान का कोई सत्यापित आँकड़ा उपलब्ध नहीं।
हमले उस समय हुए जब तेहरान से ईरानी यात्री विमान हूती प्रतिनिधिमंडल को लेकर सना की ओर आ रहा था।
यमन के रक्षा मंत्री ताहिर अल-अकीली ने चेतावनी दी थी कि शत्रु विमान यमन के हवाई क्षेत्र में घुसा तो कार्रवाई होगी।
हूती प्रतिनिधिमंडल ने यमन सरकार का वैकल्पिक विमान का प्रस्ताव ठुकराया; उसी ईरानी विमान से वापसी पर अड़े हैं।
यमन में संघर्ष 2014 के अंत से जारी है जब हूती ने सना पर कब्ज़ा किया था।

हूती समूह के मीडिया चैनल अल-मसीरा टीवी ने सोमवार, 13 जुलाई को दावा किया कि सऊदी अरब ने हूती-नियंत्रित यमन की राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर कई हवाई हमले किए। यह हमले उस समय हुए जब तेहरान से एक हूती प्रतिनिधिमंडल को लेकर आ रहा एक ईरानी यात्री विमान सना की ओर बढ़ रहा था। यमन की सशस्त्र सेनाओं ने तत्काल हवाई अड्डा खाली करने की अपील जारी की।

मुख्य घटनाक्रम

रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब की ओर से इन हमलों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और नुकसान का भी कोई सत्यापित आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। इससे पहले सोमवार को ही यमन के रक्षा मंत्री ताहिर अल-अकीली ने टेलीविज़न पर स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि कोई शत्रु विमान यमन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो सशस्त्र बल उसके विरुद्ध कार्रवाई करेंगे।

ईरानी विमान विवाद की पृष्ठभूमि

यह वही ईरानी यात्री विमान है जो 4 जुलाई को सना हवाई अड्डे पर उतरा था और उसमें तेहरान से 200 से अधिक यमनी मरीज़ एवं अन्य यात्री सवार थे। बाद में यही विमान एक वरिष्ठ हूती प्रतिनिधिमंडल को तेहरान ले गया था, जहाँ वे ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए।

गौरतलब है कि 3 जुलाई को हूती समूह ने दावा किया था कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सऊदी लड़ाकू विमानों को रोक दिया था। हूती का आरोप था कि ये विमान उक्त ईरानी नागरिक विमान को सना हवाई अड्डे पर उतरने से रोकने के इरादे से यमन के हवाई क्षेत्र में घुसे थे।

हूती का रुख और यमन सरकार का प्रस्ताव

हूती प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया है कि वह उसी ईरानी विमान से वापस लौटेगा। उसने यमन सरकार के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें किसी अन्य, गैर-ईरानी विमान से सरकारी निगरानी में उनकी वापसी कराने की बात कही गई थी। इससे एक दिन पहले रविवार को हूती समूह ने सऊदी अरब और यमन सरकार दोनों को खुली चेतावनी दी थी कि वे इस उड़ान को रोकने का प्रयास न करें।

ज़मीनी हालात और व्यापक संघर्ष

पिछले कुछ दिनों में हूती समूह ने अपने नियंत्रण वाले इलाकों में गतिविधियाँ तेज़ कर दी हैं — आदिवासी सभाएँ, हथियारों के साथ रैलियाँ और सार्वजनिक प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं। साथ ही समूह ने एक बार फिर उस चीज़ को समाप्त करने की माँग की है जिसे वह सऊदी नेतृत्व वाली नाकेबंदी बताता है।

यह ऐसे समय में आया है जब यमन वर्ष 2014 के अंत से चले आ रहे गृह संघर्ष की चपेट में है। उस समय हूती समूह ने राजधानी सना पर कब्ज़ा कर लिया था, और 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप किया था।

आगे क्या

सना हवाई अड्डे पर हमले के इन दावों के बाद क्षेत्र में तनाव और गहरा होने की आशंका है। ईरानी विमान की वापसी को लेकर हूती समूह और यमन-सऊदी गठबंधन के बीच गतिरोध जारी रहने से कूटनीतिक रास्ता और संकरा होता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यमन संघर्ष में ईरान की भूमिका को लेकर बढ़ते तनाव का प्रतिबिंब है। ईरानी विमान का उपयोग हूती प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही के लिए किया जाना सऊदी-ईरान प्रतिद्वंद्विता को सीधे यमन के हवाई क्षेत्र में खींच लाता है। यह ऐसे समय में है जब क्षेत्र में कूटनीतिक प्रयास नाज़ुक दौर में हैं और किसी भी पक्ष की ओर से एकतरफा कदम स्थिति को तेज़ी से बिगाड़ सकता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि इस संघर्ष में नागरिक बुनियादी ढाँचे — जैसे हवाई अड्डे — बार-बार सैन्य दबाव के केंद्र बनते हैं, जिसकी सबसे बड़ी कीमत आम यमनी नागरिक चुकाते हैं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सना हवाई अड्डे पर हमले का दावा किसने किया?
हूती समूह के मीडिया चैनल अल-मसीरा टीवी ने 13 जुलाई को दावा किया कि सऊदी अरब ने सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर कई हवाई हमले किए। सऊदी अरब की ओर से इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरानी विमान विवाद क्या है?
यह वही ईरानी यात्री विमान है जो 4 जुलाई को 200 से अधिक यमनी मरीज़ों को लेकर सना पहुँचा था। बाद में यह हूती प्रतिनिधिमंडल को तेहरान ले गया और अब उसी विमान से उनकी वापसी पर गतिरोध है क्योंकि यमन सरकार ने वैकल्पिक विमान का प्रस्ताव दिया था जिसे हूती ने अस्वीकार कर दिया।
यमन में यह संघर्ष कब से चल रहा है?
यमन 2014 के अंत से संघर्ष की चपेट में है, जब हूती समूह ने राजधानी सना पर कब्ज़ा किया था। 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया था।
यमन के रक्षा मंत्री ने क्या चेतावनी दी थी?
यमन के रक्षा मंत्री ताहिर अल-अकीली ने सोमवार को टेलीविज़न पर कहा कि यदि कोई शत्रु विमान यमन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो सशस्त्र बल उसके विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। यह बयान ईरानी विमान की वापसी को लेकर बढ़ते तनाव के बीच आया।
हूती समूह की हालिया गतिविधियाँ क्या हैं?
पिछले कुछ दिनों में हूती समूह ने अपने नियंत्रण वाले इलाकों में आदिवासी सभाएँ, हथियारों के साथ रैलियाँ और सार्वजनिक प्रदर्शन आयोजित किए हैं। साथ ही उसने सऊदी नेतृत्व वाली नाकेबंदी समाप्त करने की माँग दोहराई है।
राष्ट्र प्रेस
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