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क्या इजरायली हमले में हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहवी की मौत हुई?

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क्या इजरायली हमले में हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहवी की मौत हुई?

सारांश

क्या इजरायल के हवाई हमले में हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहवी की मौत हुई? इस घटना ने यमन में राजनीतिक स्थिति को नया मोड़ दिया है। जानिए इस हमले के पीछे की कहानी और इसके प्रभाव क्या हो सकते हैं।

मुख्य बातें

हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहवी की इजरायली हवाई हमले में मौत।
हमले में कई अन्य सहयोगी भी मारे गए।
इजरायली रक्षा बलों ने सटीक हमला किया।
हूतियों ने आरोप लगाया कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे 'युद्ध अपराध' बताया।

सना, २९ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ईरान समर्थित हूती समूह के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहवी की इजरायली हवाई हमले में मौत हो गई है। यमनी मीडिया आउटलेट्स अल-जुम्हूरिया और अदन अल-घद ने यह दावा किया है कि अहमद अल-रहवी शुक्रवार को सना में एक अपार्टमेंट पर हुए इस हमले में मारे गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में अहमद अल-रहवी के कई सहयोगियों की भी जान गई। हालांकि, इजरायल ने अभी तक इन खबरों की पुष्टि नहीं की है।

इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की कि उनकी वायु सेना ने सना, यमन के पास एक हूती सैन्य लक्ष्य पर सटीक हमला किया। इससे पहले दिन में दो ड्रोन को भी रोका गया था।

रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज के कार्यालय के अनुसार, यह मिशन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर और अन्य उच्च अधिकारियों के साथ समन्वय में स्वीकृत किया गया था।

इजराइल काट्ज ने एक बयान में कहा, "अंधकार की विपत्ति के बाद जेठा की विपत्ति आती है।" इससे यह संकेत मिलता है कि हमले का निशाना हूती समूह के उच्च पदों पर बैठे नेता हो सकते हैं। यह बात पहले आई कुछ इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स से भी मेल खाती है, जिनमें कहा गया था कि ईरान समर्थित इस समूह के राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाया गया है।

हालांकि, हूतियों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इजरायल पर नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करने का आरोप लगाया और इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया।

यमन के सार्वजनिक स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय ने इस हमले को 'युद्ध अपराध' बताया है। इस बीच, कुछ दिन पहले ही हूतियों ने दक्षिणी इजरायल पर मिसाइल दागने की जिम्मेदारी ली थी, जिसे इजरायली रक्षा बलों ने सफलतापूर्वक विफल कर दिया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना होगा कि यह घटना केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यमन के राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित कर सकती है। हमें इस मुद्दे पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए और यमन की जनता की आवाज को भी सुनना चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमद अल-रहवी कौन थे?
अहमद अल-रहवी ईरान समर्थित हूती समूह के प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने यमन में सरकार का नेतृत्व किया।
इजरायली हमले का कारण क्या था?
इजरायली हमले का उद्देश्य हूती समूह के उच्चस्तरीय नेताओं को निशाना बनाना बताया गया है।
हूतियों ने हमले के बारे में क्या कहा?
हूतियों ने इजरायल पर नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले का आरोप लगाया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा।
इस हमले का यमन की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस घटना से यमन में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है और यह हूती समूह की स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस हमले पर क्या कहा?
यमन के सार्वजनिक स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय ने इस हमले को 'युद्ध अपराध' करार दिया।
राष्ट्र प्रेस
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