रिकी पोंटिंग ने संजू सैमसन पर भरोसा करने के फैसले की सराहना की
सारांश
Key Takeaways
- संजू सैमसन ने T20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया।
- पोंटिंग का मानना है कि कप्तान और कोच का भरोसा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
- सूर्यकुमार यादव ने टीम का बेहतरीन नेतृत्व किया।
- अभिषेक शर्मा ने फाइनल में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- सैमसन को 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब मिला।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नामी क्रिकेटर रिकी पोंटिंग ने कहा है कि भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर रखने का निर्णय टीम के आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप 2026 में सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा था। पोंटिंग के अनुसार, कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोचिंग स्टाफ ने सैमसन पर जो विश्वास जताया, वही मैचों में जीत का कारण बना।
सैमसन के लिए यह टूर्नामेंट आसान नहीं रहा। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच टी20 मैचों में उन्होंने केवल 46 रन बनाये। ग्रुप स्टेज में नामीबिया के खिलाफ उन्हें तब खेलने का अवसर मिला जब अभिषेक शर्मा पेट के संक्रमण के कारण उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 में सैमसन को फिर से टीम में शामिल किया गया, जहां उन्होंने 15 गेंदों में 24 रन बनाए।
कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ लगभग नॉकआउट जैसे मैच में सैमसन ने 97 रन की नाबाद तेज पारी खेली। इसके बाद मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 89 रन बनाए। अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी उन्होंने 46 गेंदों में 89 रनों की यादगार पारी खेली। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने पांच पारियों में कुल 321 रन बनाये, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा टी20 विश्व कप के एक संस्करण में सबसे अधिक हैं। इसी शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब मिला।
पोंटिंग ने 'द आईसीसी रिव्यू' शो में कहा कि सैमसन को टॉप ऑर्डर में रखना एक बड़ा और साहसिक निर्णय था, लेकिन यह सही साबित हुआ। उन्होंने कहा कि जब कप्तान और कोच खिलाडिय़ों पर भरोसा करते हैं, तो उसका सकारात्मक असर होता है। सिर्फ एक छोटा सा हौसला बढ़ाने वाला शब्द भी खिलाड़ी का आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। पोंटिंग के अनुसार, जब खिलाड़ी में प्रतिभा हो और उसे टीम का समर्थन मिले, तो बड़े नतीजे सामने आते हैं।
पोंटिंग ने यह भी कहा कि सूर्यकुमार यादव ने टीम का बेहतरीन नेतृत्व किया। अभिषेक शर्मा ने भी फाइनल में 21 गेंदों में 52 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि कप्तान अपने खिलाड़ियों से अच्छा प्रदर्शन कराने में सफल रहे।
उन्होंने बताया कि हालांकि सूर्यकुमार की फॉर्म पूरे टूर्नामेंट में उतार-चढ़ाव में रही, लेकिन उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी को अच्छे से निभाया। पोंटिंग ने कहा कि जब खिलाड़ी खुद शानदार फॉर्म में हो, तो कप्तानी आसान हो जाती है, लेकिन खराब फॉर्म में टीम को संभालना कठिन होता है। फिर भी, सूर्यकुमार ने टीम को विश्व कप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।