संजू सैमसन: न्यूजीलैंड सीरीज के बाद टूट गए थे, लेकिन ईश्वर ने बनाई अलग योजना
सारांश
Key Takeaways
- संजू सैमसन का वर्ल्ड कप में बेहतरीन प्रदर्शन।
- खिलाड़ी की मानसिक मजबूती का महत्व।
- दिग्गज खिलाड़ियों का सहयोग।
- खुद पर विश्वास और मेहनत का फल।
- ईश्वर पर विश्वास की शक्ति।
अहमदाबाद, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब दिलाने में संजू सैमसन की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने टूर्नामेंट के अंतिम तीन मैचों में 97*, 89 और 89 रन की शानदार पारियां खेलीं। सैमसन ने इस प्रतियोगिता में 80.25 की औसत से कुल 321 रन बनाए, जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब मिला।
रविवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने 5 विकेट पर 255 रन बनाए, जबकि न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में केवल 159 रन पर आउट हो गई।
खिताबी जीत के बाद संजू सैमसन ने कहा, "यह किसी सपने जैसा प्रतीत हो रहा है। मैं अत्यधिक खुश और आभारी हूं। मेरे पास शब्द नहीं हैं, भावनाएं भी व्यक्त नहीं कर पा रहा हूं।"
अपनी तीन अर्धशतकों के बारे में, सैमसन ने कहा, "सच कहूं तो इसकी शुरुआत एक-दो साल पहले हुई थी। जब मैं टी20 वर्ल्ड कप 2024 की टीम में था, लेकिन मुझे खेलने का मौका नहीं मिला, तब से मैं इसे लगातार सोचता रहा और मेहनत करता रहा। मैं वही करना चाहता था जो आज कर पाया हूं।"
जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। उन्होंने पांच मैचों में केवल 46 रन बनाए थे। उन्होंने कहा, "न्यूजीलैंड सीरीज के बाद मैं पूरी तरह से टूट गया था। मेरे सपने बिखर गए थे और मैं सोच रहा था कि अब क्या करूं, लेकिन ईश्वर की कुछ और ही योजना थी। शायद बड़े सपने देखने की हिम्मत करने का मुझे इनाम मिला है।"
खराब फॉर्म के बीच, संजू को दिग्गज खिलाड़ियों का समर्थन मिला, जिसका जिक्र उन्होंने वर्ल्ड कप जीतने के बाद किया। संजू ने कहा, "कई पूर्व खिलाड़ियों ने मुझसे संपर्क किया और मेरी मदद करने की कोशिश की। पिछले कुछ महीनों से मैं लगातार सचिन तेंदुलकर सर के संपर्क में था। मैंने उनसे खुद संपर्क किया और लंबी बातचीत की। उनके जैसे महान खिलाड़ी से मार्गदर्शन मिलना इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है? जिन्होंने भी मेरा साथ दिया, मैं उन सभी का आभारी हूं।"