सोशल मीडिया से दूरी बनाकर संजू सैमसन ने फाइनल में शानदार वापसी का राज खोला
सारांश
Key Takeaways
- संजू सैमसन ने लगातार प्रदर्शन करके भारत को फाइनल में पहुँचाया।
- सोशल मीडिया से दूरी बनाकर खुद को बेहतर तरीके से तैयार किया।
- धैर्य और बेसिक्स पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संजू सैमसन की प्रतिभा और क्षमता पर कभी भी प्रश्न नहीं उठे, लेकिन निरंतरता के साथ अपनी क्षमता को प्रदर्शित न कर पाना उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई थी। इस कमी को संजू ने टी20 क्रिकेट के महाकुंभ टी20 विश्व कप 2026 में दूर किया है और लगातार मैचों में विस्फोटक पारियां खेलते हुए भारत को फाइनल का टिकट दिलाया है।
सैमसन की हाल की पारियों ने क्रिकेट आलोचकों की कई धारणाओं को बदल दिया है। अपने इस शानदार प्रदर्शन के लिए संजू ने खेल के साथ-साथ अपने मानसिकता पर भी कार्य किया है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा, "टूर्नामेंट से पहले का समय उनके लिए आसान नहीं था। टीम में जगह न मिलना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा। न्यूजीलैंड श्रृंखला के दौरान वह टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए काफी प्रयास कर रहे थे और शायद इसी वजह से वह थोड़ा अधिक दबाव में खेल रहे थे।"
उन्होंने आगे कहा, "पीछे मुड़कर देखने पर महसूस हुआ कि उन्हें खेल को थोड़ा शांत मन से लेना चाहिए था। टी20 क्रिकेट भले ही तेज और आक्रामक फॉर्मेट है, लेकिन इसमें भी धैर्य और बेसिक्स का उतना ही महत्व है। दुनिया के कई बड़े बल्लेबाज भी इस फॉर्मेट में लगातार रन बनाने के लिए संघर्ष करते हैं, इसलिए खेल के मूल सिद्धांतों का सम्मान करना आवश्यक है।"
सैमसन ने साझा किया, "मैंने खेल की बुनियादी बातों पर फिर से ध्यान दिया और खुद को बेहतर तरीके से तैयार किया। इसी परिवर्तन की वजह से टूर्नामेंट में अब तक सफलता मिली है।"
विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, "मुझे लगता है कि जब मुसीबत का समय आ रहा था, तो मेरे करीबी लोग, जिनसे मैं प्यार करता हूं, और जिन्हें मैं समर्थन करता हूं, वे मेरे साथ थे। मैंने अपना फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया पर नहीं था, अभी भी नहीं हूं, इसलिए कम लोग मुझसे इंटरैक्ट कर रहे थे। मुझे लगता है कि इससे मुझे सही दिशा में फोकस करने में सच में मदद मिली और मैं बहुत खुश हूं कि मैं जैसा कर रहा हूं।"
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया मुकाबला नॉकआउट मुकाबले की तरह था। पारी की शुरुआत करने वाले सैमसन ने इस मैच में 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन की पारी खेलकर भारतीय टीम को जीत दिलाई और सेमीफाइनल में पहुँचने में मदद की। सेमीफाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से हुआ। सैमसन ने 42 गेंदों पर 89 रन की विस्फोटक पारी खेली और टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों पारियां दबाव वाले समय में खेली गईं जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। दोनों मैचों में सैमसन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
न्यूजीलैंड के खिलाफ 8 मार्च को होने वाले टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में भी सैमसन के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी।