हरियाणा पुलिस का उत्कृष्ट प्रदर्शन: 44वीं ऑल इंडिया पुलिस इक्वेस्ट्रियन मीट में 4 पदक जीते
सारांश
Key Takeaways
- हरियाणा पुलिस ने 4 पदक जीते।
- डीजीपी ने मेहनत की सराहना की।
- तमिलनाडु पुलिस ने 7 पदक जीते।
- प्रतियोगिता मध्य प्रदेश में आयोजित हुई।
- घुड़सवारी कौशल का महत्त्व।
चंडीगढ़, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 44वीं ऑल इंडिया पुलिस इक्वेस्ट्रियन (घुड़सवारी) ड्यूटी मीट में हरियाणा पुलिस ने अद्वितीय प्रदर्शन करते हुए कुल 4 पदक अपने नाम किए हैं।
यह प्रतियोगिता मध्यप्रदेश के टेकनपुर में 12 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक आयोजित की गई थी। हरियाणा पुलिस की टीम के खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में अपनी कौशलता और अनुशासन का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए हरियाणा पुलिस का नाम रोशन किया।
हरियाणा पुलिस के डीजीपी अजय सिंघल ने टीम को इस सफलता पर बधाई दी है और इसे मेहनत और अनुशासन का परिणाम बताया है।
उन्होंने कहा, "हरियाणा पुलिस के जवान हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इक्वेस्ट्रियन खेलों में सफलता न केवल टीम की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है, बल्कि यह हरियाणा पुलिस की पेशेवर दक्षता और प्रशिक्षण की उच्च गुणवत्ता को भी दर्शाती है। मुझे उम्मीद है कि भविष्य में भी हरियाणा पुलिस के खिलाड़ी इसी प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाते रहेंगे।"
इस प्रतियोगिता में तमिलनाडु पुलिस की टीम ने कुल 7 पदक जीते, जिनमें 2 स्वर्ण और 5 कांस्य पदक शामिल हैं, साथ ही 2 रोलिंग ट्रॉफी भी मिली हैं। चेन्नई सिटी पुलिस माउंटेड यूनिट ने एक स्वर्ण, पांच कांस्य और एक रोलिंग ट्रॉफी जीती।
एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस कुणाल उथम शिरोडे ने एक स्वर्ण पदक जीता। चेन्नई सिटी पुलिस माउंटेड यूनिट की हेड कांस्टेबल सुगन्या ने एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीते। हेड कांस्टेबल मणिकंदन, हॉर्स हैंडलर मणिवन्नन और असिस्टेंट कार्तिक ने भी कांस्य पदक जीते। मिस्टर शिरोडे को एक विशेष रोलिंग ट्रॉफी भी प्राप्त हुई, जबकि मिस सुगन्या को बेस्ट लेडी राइडर के लिए रोलिंग ट्रॉफी दी गई।
ग्रेटर चेन्नई पुलिस कमिश्नर ए. अरुण ने मध्य प्रदेश में हुई 44वीं ऑल इंडिया पुलिस इक्वेस्ट्रियन चैंपियनशिप और माउंटेड पुलिस ड्यूटी मीट में पदक जीतने वालों को बधाई दी।
अखिल भारतीय पुलिस इक्वेस्ट्रियन (घुड़सवारी) चैंपियनशिप और माउंटेड पुलिस ड्यूटी मीट एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता है। यह भारत के विभिन्न पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बीच घुड़सवारी कौशल, अनुशासन और टीम भावना को बढ़ावा देती है।