नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर जदयू कार्यकर्ताओं का विरोध, पटना में लगे पोस्टर
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नीतीश कुमार को राज्यसभा में भेजने और बिहार के मुख्यमंत्री पद से हटाने के निर्णय पर जनता दल (यूनाइटेड) में असंतोष बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पटना में जदयू कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और पोस्टर चिपकाए।
पटना में जदयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर में लिखा गया, "नीतीश सेवक कर रहा पुकार, नेता करें अपने निर्णय पर पुनर्विचार।" इसके साथ ही लिखा गया है, "लोकतंत्र में जनता के जनादेश और आत्मसम्मान का हनन। अब नहीं होगा सहन। जनादेश के सम्मान में 'नीतीश सेवक'।"
शुक्रवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जदयू कार्यालय के बाहर और मुख्यमंत्री के आवास के पास इकट्ठा हो गए। उन्होंने मांग की कि नीतीश कुमार अपने राज्यसभा जाने के फैसले पर पुनर्विचार करें। जदयू के कई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी ने नीतीश कुमार के नाम पर चुनाव लड़ा और जीता था, इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाना समर्थकों के साथ अन्याय होगा।
एक जदयू कार्यकर्ता ने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बने रहने की अपील करते हुए उनके आवास के बाहर भूख हड़ताल शुरू की। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं नीतीश कुमार को बिहार से जाने नहीं दूंगा। हमारी इच्छा है कि नीतीश कुमार आखिरी समय तक बिहार को सुशोभित करें। हम लोग उन्हें रोकने की कोशिश करेंगे। जिस तरह सीएम नीतीश कहते हैं कि पूरा बिहार मेरा परिवार है, उसी तरह हम भी कहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश हमारे परिवार के ही सदस्य हैं।"
गौरतलब है कि बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों पर चुनाव होने हैं। भाजपा ने नितिन नवीन और शिवेश कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि रालोमो के उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा उम्मीदवार हैं। जदयू से रामनाथ ठाकुर के अलावा नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव लड़ने की घोषणा करके बिहार की राजनीति को गरमा दिया।
सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके राज्यसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। इसके बाद बिहार सरकार में उलटफेर संभव माना जा रहा है। हालांकि, जदयू कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे हैं।