ऐतिहासिक मतदान: बंगाल में 92.88%25 वोटिंग पर अमित शाह बोले— सुशासन के नए युग की शुरुआत

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ऐतिहासिक मतदान: बंगाल में 92.88%25 वोटिंग पर अमित शाह बोले— सुशासन के नए युग की शुरुआत

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 152 सीटों पर ऐतिहासिक 92.88%25 मतदान हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे सुशासन के नए युग की शुरुआत बताया। कूचबिहार में सर्वाधिक 96.04%25 वोट पड़े। यह 2011 के 84.72%25 के रिकॉर्ड को तोड़ता है।

Key Takeaways

  • पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर 92.88%25 ऐतिहासिक मतदान दर्ज, जो राज्य का अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा है।
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे बंगाल में सुशासन के नए युग की आहट बताया और मतदाताओं का अभिनंदन किया।
  • कूचबिहार जिले में सर्वाधिक 96.04%25 और कालिम्पोंग में सबसे कम 83.07%25 मतदान हुआ।
  • यह 2011 के 84.72%25 के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ता है और 2021 के 81.5%25 से भी काफी अधिक है।
  • 3.6 करोड़ मतदाताओं ने 16 जिलों में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान किया।
  • SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान के बाद मतदाता सूचियों की सफाई को इस उछाल का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में गुरुवार को 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर 92.88 प्रतिशत का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया। इस रिकॉर्ड मतदान के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश के मतदाताओं को बधाई देते हुए इसे बंगाल में सुशासन के नए युग की आहट बताया। यह आंकड़ा बंगाल के चुनावी इतिहास में अब तक का सर्वोच्च मतदान प्रतिशत है।

अमित शाह का संदेश — लोकतंत्र की जीत

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पश्चिम बंगाल में प्रथम चरण में ऐतिहासिक मतदान कर लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता के सभी रिकॉर्ड तोड़ने के लिए प्रदेश के मतदाताओं का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि यह बंगाल के इतिहास का सबसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित मतदान रहा।

शाह ने भारत निर्वाचन आयोग, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों और पश्चिम बंगाल पुलिस की भी सराहना की। उनका यह बयान राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बंगाल में चुनावी हिंसा की लंबी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि रही है।

रिकॉर्ड मतदान — पिछले आंकड़ों से तुलना

पहले चरण में 3.6 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और मतदान प्रतिशत 92.88%25 तक पहुंचा। यह 2011 के पिछले रिकॉर्ड 84.72%25 से लगभग 8 प्रतिशत अंक अधिक है। वहीं 2021 के विधानसभा चुनावों में कुल मतदान 81.5%25 ही रहा था।

विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद मतदाता सूचियों की सफाई और जागरूकता अभियानों ने इस उछाल में अहम भूमिका निभाई। यह प्रवृत्ति संकेत देती है कि बंगाल का मतदाता अब अधिक सक्रिय और सजग है।

जिलेवार मतदान आंकड़े — कूचबिहार सबसे आगे

चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कूचबिहार जिले में सर्वाधिक 96.04%25 मतदान हुआ। इसके बाद दक्षिण दिनाजपुर में 95.44%25, जलपाईगुड़ी में 94.65%25, बीरभूम में 94.51%25, मालदा में 94.46%25 और उत्तर दिनाजपुर में 94.16%25 वोट पड़े।

मुर्शिदाबाद में 93.61%25, अलीपुरद्वार में 92.71%25, झारग्राम में 92.26%25, पश्चिमी मेदिनीपुर में 92.18%25, बंकुरा में 92.15%25, पूर्वी मेदिनीपुर में 91.21%25, पुरुलिया में 90.95%25, पश्चिम बर्धमान में 90.33%25 और दार्जिलिंग में 88.80%25 मतदान दर्ज किया गया। कालिम्पोंग में सबसे कम 83.07%25 वोट पड़े।

राजनीतिक संदर्भ — क्यों अहम है यह मतदान?

बंगाल में चुनावी हिंसा और बूथ कैप्चरिंग की घटनाएं दशकों से चर्चा में रही हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों में हिंसा की व्यापक शिकायतें दर्ज हुई थीं और सुप्रीम कोर्ट तक मामले पहुंचे थे। ऐसे में 92.88%25 के शांतिपूर्ण मतदान को विश्लेषक एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

भाजपा के लिए यह आंकड़ा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि उच्च मतदान प्रतिशत को पार्टी अपने पक्ष में भीड़ जुटाने की सफलता के रूप में प्रस्तुत कर रही है। वहीं तृणमूल कांग्रेस का तर्क है कि उच्च मतदान उनके जमीनी संगठन की ताकत को दर्शाता है।

आगे क्या होगा?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के शेष चरणों के परिणाम तय करेंगे कि अमित शाह का सुशासन के नए युग का दावा कितना सटीक साबित होता है। अगले चरणों में कोलकाता और उसके आसपास के शहरी क्षेत्रों में मतदान होना है, जहां राजनीतिक समीकरण भिन्न हैं। मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि रिकॉर्ड मतदान किस दल के पक्ष में गया।

Point of View

बल्कि बंगाल के राजनीतिक परिवेश में एक संभावित भूकंप की पूर्वसूचना है। दशकों तक बूथ कैप्चरिंग और हिंसा की छाया में ढके बंगाल के चुनावों में यह शांतिपूर्ण और रिकॉर्ड मतदान दर्शाता है कि CAPF की तैनाती और SIR अभियान ने जमीनी बदलाव लाया है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह उच्च मतदान सत्ता परिवर्तन की इच्छा है या सत्तारूढ़ दल के समर्थकों की लामबंदी — इसका जवाब मतगणना के दिन मिलेगा। अमित शाह का सुशासन के नए युग का दावा अभी राजनीतिक बयानबाजी है; जनादेश ही इसे वैधता देगा।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण में कितना मतदान हुआ?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 92.88 प्रतिशत मतदान हुआ, जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है। यह 2011 के पिछले रिकॉर्ड 84.72 प्रतिशत से करीब 8 प्रतिशत अंक अधिक है।
अमित शाह ने बंगाल के मतदान पर क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह बंगाल में सुशासन के नए युग की आहट है। उन्होंने मतदाताओं, चुनाव आयोग, CAPF जवानों और पश्चिम बंगाल पुलिस का अभिनंदन किया।
बंगाल के किस जिले में सबसे अधिक मतदान हुआ?
कूचबिहार जिले में सबसे अधिक 96.04 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद दक्षिण दिनाजपुर में 95.44 प्रतिशत और जलपाईगुड़ी में 94.65 प्रतिशत मतदान हुआ।
2021 की तुलना में 2026 में बंगाल का मतदान कितना बढ़ा?
2021 के विधानसभा चुनाव में कुल 81.5 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि 2026 के पहले चरण में यह 92.88 प्रतिशत रहा। यानी करीब 11 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के पहले चरण में कितनी सीटों पर वोटिंग हुई?
पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। इन सीटों पर 3.6 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
Nation Press