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हर दर्द और निराशा ने मुझे और मजबूत किया: संजू सैमसन का आत्मविश्वास

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हर दर्द और निराशा ने मुझे और मजबूत किया: संजू सैमसन का आत्मविश्वास

सारांश

संजू सैमसन ने हर दर्द और निराशा को ताकत में बदलने की बात की है। उन्होंने अपने माता-पिता का आभार व्यक्त किया और कठिन समय में अपने साथी का समर्थन भी साझा किया। जानें उनकी कहानी।

मुख्य बातें

हर दर्द और निराशा को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।
अपने माता-पिता का समर्थन महत्वपूर्ण है।
कठिन समय में परिवार का सहारा बहुत महत्वपूर्ण होता है।
टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का खिताब जीतना एक ऐतिहासिक पल है।
संजू सैमसन का प्रदर्शन उनकी मेहनत और संघर्ष का परिणाम है।

तिरुवनंतपुरम, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर टी20 विश्व कप का खिताब रिकॉर्ड तीसरी बार अपने नाम किया। इस महत्वपूर्ण जीत में बल्ले से योगदान देने वाले संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। संजू ने कहा कि हर दर्द और निराशा को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना चाहिए, क्योंकि यही चीजें आपको मजबूत बनाती हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज ने बताया कि जो कुछ भी वह हैं, वह अपने माता-पिता की वजह से हैं।

संजू सैमसन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मुझे बचपन से चीजों को सकारात्मक तरीके से देखने की सीख दी गई है। मुझे लगता है कि हर दर्द, निराशा और सेटबैक ने मुझे और अधिक मजबूत बनाया है। यही वजह है कि मैं ऐसा प्रदर्शन कर सका हूं। मेरे अनुसार, अगर जीवन और करियर में हर दर्द, सेटबैक और निराशा को सकारात्मक तरीके से लिया जाए, तो वे आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।"

संजू ने अपने माता-पिता को धन्यवाद देते हुए कहा, "मैं अपने माता-पिता का आभारी हूं, जिन्होंने क्रिकेट को मेरी ज़िंदगी में शामिल किया। आज जो भी हूं, वो उनकी वजह से ही हूं।" सैमसन ने यह भी बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज के बाद वह मानसिक रूप से काफी टूट गए थे और उन्हें पता था कि टी20 विश्व कप 2026 के शुरुआती मैचों में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिलेगा। इस कठिन समय में, उनकी पत्नी ने उन्हें बहुत सहारा दिया और मानसिक मजबूती बनाए रखने में मदद की।

संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप 2026 में अपना पहला मैच सुपर-8 राउंड में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला, जिसमें उन्होंने 22 रन बनाए। लेकिन 'करो या मरो' मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 97 रनों की नाबाद पारी खेलकर सभी को प्रभावित किया। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने केवल 42 गेंदों में 89 रन बनाए। न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी संजू ने अपनी शानदार फॉर्म को बनाए रखते हुए 46 गेंदों में 89 रन बनाए। भारतीय टीम इस जीत के साथ अपने घरेलू सरजमीं पर टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे व्यक्तिगत संघर्षों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जा सकता है। उनकी मेहनत और परिवार का समर्थन उनकी सफलता की कुंजी है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजू सैमसन ने किस टूर्नामेंट में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता?
संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता।
संजू सैमसन के अनुसार निराशा को कैसे देखना चाहिए?
संजू सैमसन के अनुसार, निराशा को सकारात्मक तरीके से देखने पर वह आपकी ताकत बन सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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