14 अगस्त 2026
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आरजी कर केस: पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जमानत याचिका खारिज

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आरजी कर केस: पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जमानत याचिका खारिज

सारांश

आरजी कर कांड में एक और बड़ी गिरफ्तारी — ओडिशा से पकड़े गए पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को बैरकपुर अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोप है कि उन्होंने पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाकर दूसरे पोस्टमार्टम की संभावना खत्म करने की साजिश रची।

मुख्य बातें

पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को बैरकपुर जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा; जमानत याचिका खारिज।
आरोप है कि घोष ने पनिहाटी श्मशान घाट पर पीड़िता के शव का नियमों का उल्लंघन करते हुए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाया, ताकि दूसरा पोस्टमार्टम न हो सके।
घोष को फरारी के बाद ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था।
एफआईआर में तीन नामजद आरोपी — निर्मल घोष, TMC पार्षद सोमनाथ डे (अभी फरार), और संजीव बनर्जी (गिरफ्तार)।
मामले की नई जाँच शुभेंदु अधिकारी की घोषणा के बाद शुरू हुई; पीड़िता के पिता की शिकायत पर नई एफआईआर दर्ज।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को 15 अगस्त 2026 को बैरकपुर की जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कोलकाता में अगस्त 2024 में हुए एक जूनियर महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या मामले से जुड़ी बड़ी साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्हें एक दिन पहले पड़ोसी राज्य ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था, जहाँ वे फरार थे।

मुख्य आरोप: जल्दबाजी में अंतिम संस्कार की साजिश

घोष के विरुद्ध प्राथमिक आरोप यह है कि वे उन तीन प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे जिन्होंने पीड़िता के शव का पनिहाटी के एक श्मशान घाट में नियमों का उल्लंघन करते हुए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाने की व्यवस्था की। कथित तौर पर यह इसलिए किया गया ताकि दूसरे पोस्टमार्टम की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इस मामले में खड़दह थाने में नई एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें घोष के अलावा पनिहाटी नगरपालिका के स्थानीय TMC पार्षद सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव बनर्जी को भी नामजद किया गया है।

जमानत याचिका और अदालत का फैसला

घोष के वकील ने स्वास्थ्य आधार पर जमानत की माँग की। उन्होंने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल की आयु 78 वर्ष है और वे उम्र से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, जिनके लिए निरंतर उपचार आवश्यक है। हालाँकि, सरकारी वकील ने इस मामले की असाधारण गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया। जिला अदालत के न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी और घोष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

मामले की पृष्ठभूमि और नई जाँच

यह ऐसे समय में आया है जब 8 अगस्त को पनिहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता के शव के 'सुनियोजित' और 'जल्दबाजी में' किए गए अंतिम संस्कार की बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय से नए सिरे से जाँच कराने की घोषणा की थी। इसके बाद पीड़िता के पिता ने खड़दह थाने में नई शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर नई एफआईआर दर्ज हुई। गौरतलब है कि यह मामला देशभर में चिकित्सा संस्थानों में महिला सुरक्षा को लेकर बड़े आंदोलन की वजह बना था।

अन्य आरोपियों की स्थिति

तीन नामजद आरोपियों में से संजीव बनर्जी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, TMC पार्षद सोमनाथ डे अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। घोष की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के साथ यह मामला एक नए और निर्णायक मोड़ पर आ गया है।

आगे क्या होगा

न्यायिक हिरासत की अवधि के दौरान जाँच एजेंसियाँ घोष से पूछताछ कर सकती हैं। सोमनाथ डे की गिरफ्तारी और मामले की आगे की सुनवाई इस केस की दिशा तय करेगी। यह देखना अहम होगा कि क्या जाँच में नए तथ्य सामने आते हैं जो आरजी कर कांड की व्यापक साजिश की परतें उघाड़ सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ यह साबित करना होगा कि अंतिम संस्कार की जल्दबाजी आकस्मिक थी या सुनियोजित।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निर्मल घोष कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
निर्मल घोष तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक हैं। उन्हें आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म-हत्या मामले से जुड़ी साजिश में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया — विशेष रूप से पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाने के आरोप में।
आरजी कर केस में पनिहाटी अंतिम संस्कार विवाद क्या है?
आरोप है कि निर्मल घोष सहित तीन व्यक्तियों ने पनिहाटी श्मशान घाट में पीड़िता के शव का नियमों का उल्लंघन करते हुए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाया, ताकि दूसरे पोस्टमार्टम की संभावना खत्म हो जाए। इस आरोप के आधार पर नई एफआईआर दर्ज की गई है।
बैरकपुर अदालत ने जमानत क्यों खारिज की?
घोष के वकील ने 78 वर्षीय आयु और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए जमानत माँगी, लेकिन सरकारी वकील ने मामले की गंभीरता का तर्क देकर इसका विरोध किया। अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया।
इस मामले में अन्य आरोपियों की क्या स्थिति है?
एफआईआर में नामजद तीन आरोपियों में से संजीव बनर्जी को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और निर्मल घोष न्यायिक हिरासत में हैं। TMC पार्षद सोमनाथ डे अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
यह नई जाँच कैसे शुरू हुई?
8 अगस्त को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पनिहाटी में अंतिम संस्कार की नए सिरे से जाँच की माँग की। इसके बाद पीड़िता के पिता ने खड़दह थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर नई एफआईआर दर्ज हुई और गिरफ्तारियाँ शुरू हुईं।
राष्ट्र प्रेस
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