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आरजी कर केस: पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष सीबीआई के सामने पेश, पानीहाटी श्मशान घाट की भी जांच

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आरजी कर केस: पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष सीबीआई के सामने पेश, पानीहाटी श्मशान घाट की भी जांच

सारांश

आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले में CBI ने जांच तेज करते हुए पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष से पूछताछ की और पानीहाटी श्मशान घाट का दौरा किया। पीड़ित परिवार ने सबूत मिटाने और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

मुख्य बातें

पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष 18 जून को आरजी कर दुष्कर्म-हत्या केस में CBI के सामने पेश हुए।
CBI टीम ने बुधवार को पानीहाटी श्मशान घाट का निरीक्षण किया जहाँ पीड़िता का अंतिम संस्कार हुआ था।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि दूसरा पोस्टमार्टम नहीं होने दिया गया और बिना कागजात के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया गया।
पीड़िता की माँ अब पानीहाटी से BJP विधायक हैं और शुरू से जांच पर सवाल उठाती रही हैं।
परिवार ने निर्मल घोष समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी की माँग की है; मामला सियालदह कोर्ट में भी विचाराधीन है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष गुरुवार, 18 जून को कोलकाता स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के दफ्तर में पूछताछ के लिए पेश हुए। यह पूछताछ अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच के तहत हुई। CBI ने इस मामले में अपनी जांच नए सिरे से तेज कर दी है।

मुख्य घटनाक्रम

CBI की टीम ने बुधवार को पानीहाटी श्मशान घाट का दौरा किया — वही स्थान जहाँ पीड़ित डॉक्टर का अंतिम संस्कार किया गया था। अधिकारी यह पता लगाने पहुँचे कि पार्थिव शरीर को वहाँ लाए जाने के बाद क्या प्रक्रिया अपनाई गई और अंतिम संस्कार किस परिस्थिति में हुआ। इसी क्रम में, जांच अधिकारियों ने पानीहाटी क्षेत्र के तत्कालीन विधायक निर्मल घोष और उनके बेटे तीर्थंकर घोष को पूछताछ के लिए बुलाया।

तीर्थंकर घोष ने बताया कि CBI ने उन्हें और उनके पिता दोनों को समन भेजा था। उन्होंने कहा कि उनके पिता जांच में सहयोग करने के इरादे से स्वेच्छा से CBI दफ्तर पहुँचे।

परिवार के आरोप और कानूनी लड़ाई

पीड़ित डॉक्टर की माँ अब पानीहाटी सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक हैं, जो हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में जीती हैं। वह शुरू से ही जांच की दिशा और पारदर्शिता पर सवाल उठाती रही हैं।

परिवार का आरोप है कि पीड़िता के शव का दूसरा पोस्टमार्टम नहीं होने दिया गया और बिना कोई कागजात सौंपे जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करा दिया गया। परिवार ने सबूत मिटाने, लापरवाही और घटना को दबाने की कोशिशों के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर परिवार ने तत्कालीन विधायक निर्मल घोष समेत तीन व्यक्तियों की गिरफ्तारी की माँग की है।

पिछले महीने पीड़िता के माता-पिता ने इस मामले में सियालदह कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था, जिसके बाद न्यायिक दबाव में जांच की रफ्तार बढ़ी है।

जांच का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि आरजी कर मामला अगस्त 2024 में सामने आने के बाद से देशभर में चिकित्सा समुदाय और नागरिक समाज के विरोध का केंद्र बना रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है, और पीड़ित परिवार की सदस्य का विधायक बनना इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना देता है।

CBI की ताज़ा सक्रियता — श्मशान घाट का दौरा और पूर्व जनप्रतिनिधि से पूछताछ — संकेत देती है कि जांच अब उन पहलुओं पर केंद्रित है जो शुरुआती जांच में कथित तौर पर अनदेखे रह गए थे।

क्या होगा आगे

CBI की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में अन्य संदिग्धों या गवाहों से भी पूछताछ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सियालदह कोर्ट में परिवार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई भी इस मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो जांच की निष्पक्षता पर अतिरिक्त दबाव डालता है। सबूत मिटाने के आरोप यदि सत्यापित होते हैं, तो यह केवल एक अपराध की जांच नहीं रहेगी — यह संस्थागत जवाबदेही का सवाल बन जाएगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरजी कर मामले में निर्मल घोष कौन हैं और उन्हें CBI ने क्यों बुलाया?
निर्मल घोष पानीहाटी क्षेत्र के पूर्व TMC विधायक हैं। पीड़ित परिवार ने उनके खिलाफ सबूत मिटाने और घटना को दबाने की कोशिश के आरोप लगाए हैं, जिसके चलते CBI ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया।
आरजी कर मामला क्या है?
अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना हुई थी। यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना और चिकित्सा समुदाय ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए।
पीड़ित परिवार ने क्या आरोप लगाए हैं?
परिवार का आरोप है कि दूसरा पोस्टमार्टम नहीं होने दिया गया और बिना कोई कागजात सौंपे जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करा दिया गया। उन्होंने सबूत मिटाने और घटना को छिपाने की कोशिश के भी आरोप लगाए हैं।
CBI ने पानीहाटी श्मशान घाट का दौरा क्यों किया?
CBI अधिकारी यह जाँचने पहुँचे कि पीड़िता के पार्थिव शरीर को वहाँ लाए जाने के बाद क्या प्रक्रिया अपनाई गई और अंतिम संस्कार किन परिस्थितियों में हुआ। यह दौरा जांच के उस पहलू से जुड़ा है जिसमें कथित तौर पर जल्दबाजी का आरोप है।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
CBI की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों या गवाहों से पूछताछ संभव है। सियालदह कोर्ट में परिवार की याचिका पर सुनवाई भी आगामी कार्रवाई की दिशा तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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