आरजी कर केस: पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष सीबीआई के सामने पेश, पानीहाटी श्मशान घाट की भी जांच
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष गुरुवार, 18 जून को कोलकाता स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के दफ्तर में पूछताछ के लिए पेश हुए। यह पूछताछ अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच के तहत हुई। CBI ने इस मामले में अपनी जांच नए सिरे से तेज कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
CBI की टीम ने बुधवार को पानीहाटी श्मशान घाट का दौरा किया — वही स्थान जहाँ पीड़ित डॉक्टर का अंतिम संस्कार किया गया था। अधिकारी यह पता लगाने पहुँचे कि पार्थिव शरीर को वहाँ लाए जाने के बाद क्या प्रक्रिया अपनाई गई और अंतिम संस्कार किस परिस्थिति में हुआ। इसी क्रम में, जांच अधिकारियों ने पानीहाटी क्षेत्र के तत्कालीन विधायक निर्मल घोष और उनके बेटे तीर्थंकर घोष को पूछताछ के लिए बुलाया।
तीर्थंकर घोष ने बताया कि CBI ने उन्हें और उनके पिता दोनों को समन भेजा था। उन्होंने कहा कि उनके पिता जांच में सहयोग करने के इरादे से स्वेच्छा से CBI दफ्तर पहुँचे।
परिवार के आरोप और कानूनी लड़ाई
पीड़ित डॉक्टर की माँ अब पानीहाटी सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक हैं, जो हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में जीती हैं। वह शुरू से ही जांच की दिशा और पारदर्शिता पर सवाल उठाती रही हैं।
परिवार का आरोप है कि पीड़िता के शव का दूसरा पोस्टमार्टम नहीं होने दिया गया और बिना कोई कागजात सौंपे जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करा दिया गया। परिवार ने सबूत मिटाने, लापरवाही और घटना को दबाने की कोशिशों के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर परिवार ने तत्कालीन विधायक निर्मल घोष समेत तीन व्यक्तियों की गिरफ्तारी की माँग की है।
पिछले महीने पीड़िता के माता-पिता ने इस मामले में सियालदह कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था, जिसके बाद न्यायिक दबाव में जांच की रफ्तार बढ़ी है।
जांच का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि आरजी कर मामला अगस्त 2024 में सामने आने के बाद से देशभर में चिकित्सा समुदाय और नागरिक समाज के विरोध का केंद्र बना रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है, और पीड़ित परिवार की सदस्य का विधायक बनना इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना देता है।
CBI की ताज़ा सक्रियता — श्मशान घाट का दौरा और पूर्व जनप्रतिनिधि से पूछताछ — संकेत देती है कि जांच अब उन पहलुओं पर केंद्रित है जो शुरुआती जांच में कथित तौर पर अनदेखे रह गए थे।
क्या होगा आगे
CBI की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में अन्य संदिग्धों या गवाहों से भी पूछताछ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सियालदह कोर्ट में परिवार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई भी इस मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।