आरजी कर मामला: साजिश का दूसरा आरोपी संजीव मुखर्जी गिरफ्तार, जल्दबाजी में दाह संस्कार की जांच तेज
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी संजीव मुखर्जी को कोलकाता के चिनार पार्क स्थित एक आवास से गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों के अनुसार, मुखर्जी पर अगस्त 2024 में पीड़िता के शव के पनिहाटी श्मशान घाट पर जल्दबाजी में दाह संस्कार कराने की साजिश में शामिल होने का आरोप है — जिसे कथित तौर पर दूसरे पोस्टमार्टम की संभावना खत्म करने के लिए अंजाम दिया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
गुरुवार रात संजीव मुखर्जी की गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले, इसी मामले के मुख्य आरोपी निर्मल घोष को पड़ोसी राज्य ओडिशा में उनके ठिकाने से पकड़ा गया था। निर्मल घोष पनिहाटी विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और विधानसभा में पार्टी के पूर्व मुख्य सचेतक रह चुके हैं। घोष को ओडिशा से कोलकाता लाया जा चुका है।
दोनों आरोपियों — घोष और मुखर्जी — को शुक्रवार को उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित जिला न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहाँ लोक अभियोजक उनकी पुलिस हिरासत की माँग करेंगे।
तीसरा आरोपी अभी फरार
इस साजिश में नामजद तीसरे आरोपी सोमनाथ डे — जो पनिहाटी नगरपालिका से तृणमूल कांग्रेस के पार्षद हैं — अभी तक फरार हैं। तीनों के खिलाफ खारदाह पुलिस स्टेशन, बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट में पीड़िता के पिता की शिकायत पर नई एफआईआर दर्ज की गई थी।
जांच का पृष्ठभूमि और नई एफआईआर
8 अगस्त को आरजी कर पीड़िता की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की थी कि जल्दबाजी में हुए दाह संस्कार मामले की नए सिरे से जांच बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा कराई जाएगी। इसके बाद पीड़ित पिता ने नई शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और तीनों आरोपी फरार हो गए थे।
गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में दोनों प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की तेज कार्रवाई को दर्शाती है।
मूल घटना: क्या हुआ था
9 अगस्त 2024 की सुबह कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के एक सेमिनार हॉल से एक महिला डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि पिछली रात उनके साथ बेरहमी से बलात्कार किया गया और उनकी हत्या कर दी गई थी।
इसके बाद आरोप लगे कि शव को जल्दबाजी में पनिहाटी श्मशान घाट ले जाया गया और अंतिम संस्कार संबंधी नियमों का उल्लंघन करते हुए दाह संस्कार कर दिया गया। आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया निर्मल घोष, संजीव मुखर्जी और सोमनाथ डे की देखरेख में हुई, और इसका उद्देश्य कथित तौर पर दूसरे पोस्टमार्टम की संभावना को समाप्त करना था।
आगे क्या होगा
न्यायालय में पेशी के बाद पुलिस हिरासत मिलने पर जांचकर्ता घोष और मुखर्जी से साजिश के और सूत्र खंगालेंगे। फरार सोमनाथ डे की तलाश जारी है। यह मामला पश्चिम बंगाल में न्यायिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गहरी हलचल पैदा कर रहा है।