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आरजी कर हत्याकांड: पनिहाटी नगरपालिका के पूर्व प्रमुख सोमनाथ डे बेंगलुरु से गिरफ्तार, शीघ्र अंतिम संस्कार साजिश का आरोप

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आरजी कर हत्याकांड: पनिहाटी नगरपालिका के पूर्व प्रमुख सोमनाथ डे बेंगलुरु से गिरफ्तार, शीघ्र अंतिम संस्कार साजिश का आरोप

सारांश

आरजी कर हत्याकांड में तीसरे और अंतिम फरार आरोपी सोमनाथ डे को बेंगलुरु से दबोचा गया। पीड़िता के शव के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार की साजिश में शामिल तीनों मुख्य आरोपी अब गिरफ्त में हैं — यह मामला न्याय की लंबी लड़ाई में एक अहम मोड़ है।

मुख्य बातें

सोमनाथ डे , पनिहाटी नगरपालिका के पूर्व प्रमुख, को बेंगलुरु से 3 सितंबर को गिरफ्तार किया गया।
डे पर आरजी कर बलात्कार-हत्या पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने की साजिश का आरोप है।
उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाकर बैरकपुर जिला न्यायालय में पेश किया जाएगा।
इस मामले के दो अन्य आरोपी — TMC पूर्व विधायक निर्मल घोष (ओडिशा से गिरफ्तार) और संजीव मुखर्जी (कोलकाता से गिरफ्तार) — पहले से न्यायिक हिरासत में हैं।
नई एफआईआर खारदाह पुलिस स्टेशन में पीड़ित के पिता की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
संदेह है कि जल्दबाजी में अंतिम संस्कार दूसरे पोस्टमार्टम को रोकने के लिए किया गया।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पनिहाटी नगरपालिका के पूर्व प्रमुख सोमनाथ डे को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया है। 3 सितंबर को पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डे पर 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कोलकाता में हुई महिला चिकित्सक की बलात्कार और हत्या के बाद पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब डे लंबे समय से फरार चल रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

सोमनाथ डे फिलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस की हिरासत में हैं। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया जाएगा और इसके बाद उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर जिला न्यायालय में पेश किया जाएगा। लोक अभियोजक इस मामले में उनकी पुलिस हिरासत की माँग करेगा।

इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों की पहचान की गई थी — डे के अलावा पनिहाटी से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष और पीड़ित परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी। घोष को पड़ोसी राज्य ओडिशा से सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था, जबकि मुखर्जी को कोलकाता के चिनार पार्क स्थित एक आवास से पकड़ा गया। दोनों अभी न्यायिक हिरासत में हैं।

जाँच का विस्तार और नई एफआईआर

8 अगस्त को आरजी कर पीड़िता की दूसरी पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा इस जल्दबाजी में अंतिम संस्कार के मामले में नई जाँच शुरू करने की घोषणा की थी। इसके बाद बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत खारदाह पुलिस स्टेशन में तीनों आरोपियों के विरुद्ध एक नई एफआईआर दर्ज की गई, जो पीड़ित के पिता की शिकायत पर आधारित थी।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में इस मामले को लेकर जनाक्रोश अभी भी बना हुआ है और जाँच एजेंसियाँ साजिश के नए आयामों की पड़ताल कर रही हैं।

अंतिम संस्कार साजिश का आरोप

आरोपों के अनुसार, पीड़िता के शव को पनिहाटी के श्मशान घाट ले जाकर सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। संदेह है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि शव का दूसरा पोस्टमार्टम न हो सके और महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट किए जा सकें। आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया निर्मल घोष, संजीव मुखर्जी और सोमनाथ डे की देखरेख में संपन्न हुई।

आरजी कर मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 9 अगस्त 2024 की सुबह कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक सेमिनार हॉल से एक महिला चिकित्सक का शव बरामद हुआ था। जाँच में सामने आया कि पिछली रात उनके साथ बर्बरतापूर्वक बलात्कार और हत्या की गई थी। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना और देशभर में चिकित्सकों व नागरिकों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किए।

आगे क्या होगा

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अब जाँच एजेंसियाँ इस साजिश की पूरी श्रृंखला को उजागर करने में जुटी हैं। सोमनाथ डे को बैरकपुर न्यायालय में पेश किए जाने के बाद पुलिस हिरासत मिलने पर पूछताछ से और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतने संवेदनशील मामले में शव का अंतिम संस्कार इतनी जल्दी कैसे हो गया — और किसके संरक्षण में। यह मामला केवल तीन व्यक्तियों की साजिश नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रणालीगत विफलता की ओर इशारा करता है जहाँ राजनीतिक संपर्क साक्ष्य संरक्षण से ऊपर रखे गए। पीड़ित परिवार को दूसरे पोस्टमार्टम का अधिकार मिलने से पहले ही सबूत राख हो गए — यह न्यायिक जवाबदेही की सबसे बड़ी परीक्षा है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोमनाथ डे कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
सोमनाथ डे उत्तर 24 परगना जिले के पनिहाटी नगरपालिका के पूर्व प्रमुख हैं। उन पर आरजी कर बलात्कार-हत्या पीड़िता के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने की साजिश में शामिल होने का आरोप है, जिससे दूसरा पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
आरजी कर मामले में जल्दबाजी में अंतिम संस्कार का आरोप क्या है?
आरोप है कि 9 अगस्त 2024 को महिला चिकित्सक की हत्या के बाद पनिहाटी के श्मशान घाट में सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया गया। संदेह है कि यह इसलिए किया गया ताकि शव का दूसरा पोस्टमार्टम न हो सके और महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट किए जा सकें।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं?
तीनों मुख्य आरोपी अब गिरफ्तार हो चुके हैं — TMC पूर्व विधायक निर्मल घोष (ओडिशा से), संजीव मुखर्जी (कोलकाता के चिनार पार्क से) और सोमनाथ डे (बेंगलुरु से)। घोष और मुखर्जी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि डे को बैरकपुर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
आरजी कर मामले में नई एफआईआर कब और कहाँ दर्ज हुई?
नई एफआईआर बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत खारदाह पुलिस स्टेशन में पीड़ित के पिता की शिकायत पर दर्ज की गई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 8 अगस्त को पीड़िता की दूसरी पुण्यतिथि पर इस नई जाँच की घोषणा की थी।
सोमनाथ डे को अब आगे क्या होगा?
सोमनाथ डे को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया जाएगा और बैरकपुर जिला न्यायालय में पेश किया जाएगा। लोक अभियोजक उनकी पुलिस हिरासत की माँग करेगा, जिसके बाद विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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