सुवेंदु अधिकारी का बयान- 'आरजी कर केस की पीड़िता के माता-पिता ने भाजपा की सदस्यता ली'

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सुवेंदु अधिकारी का बयान- 'आरजी कर केस की पीड़िता के माता-पिता ने भाजपा की सदस्यता ली'

सारांश

कोलकाता की राजनीति में हलचल। सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि आरजी कर मामले की पीड़िता के माता-पिता ने भाजपा की सदस्यता ली है। क्या यह आगामी विधानसभा चुनाव में कोई बड़ी भूमिका निभाएगा?

मुख्य बातें

सुवेंदु अधिकारी का बयान भाजपा की राजनीतिक स्थिति को मजबूत कर सकता है।
भाजपा ने अभी तक पानीहाटी से उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
पीड़िता के माता-पिता ने भाजपा की सदस्यता ली है।
सीबीआई द्वारा मामले की जांच जटिलताओं को बढ़ा रही है।
कोलकाता की निचली अदालत ने रॉय को सजा सुनाई है।

कोलकाता, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को यह पुष्टि की कि पीड़िता के माता-पिता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बुनियादी सदस्यता ले ली है।

हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि पार्टी नेतृत्व ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से उनमें से किसी को पार्टी का उम्मीदवार बनाया जाएगा या नहीं।

भाजपा ने अगले महीने होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की दो सूचियां प्रकाशित की हैं, लेकिन उसने अभी तक पानीहाटी से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।

विपक्ष के नेता ने सोमवार रात को कहा कि पीड़ित परिवार के किसी सदस्य को पानीहाटी से उम्मीदवार बनाया जाएगा या नहीं, इसका निर्णय हमारी पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। राज्य समिति ने इस मामले में अपनी राय केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है, जिसका खुलासा मैं अभी नहीं कर सकता। अब इस मामले में अंतिम निर्णय हमारी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में है।

गौरतलब है कि पीड़िता (महिला डॉक्टर) का शव 9 अगस्त, 2024 की सुबह आरजी कर परिसर से बरामद किया गया था। कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इस मामले में एकमात्र दोषी संजय रॉय को गिरफ्तार किया, जो शहर पुलिस के पूर्व नागरिक स्वयंसेवक थे।

बाद में, कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले की जांच का जिम्मा संभाला और केंद्रीय एजेंसी ने भी संजय रॉय को दुष्कर्म और हत्या के अपराध में एकमात्र आरोपी के रूप में पहचाना।

बाद में, कोलकाता की निचली अदालत ने रॉय को इस अपराध में एकमात्र दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद, सीबीआई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में इस आदेश को चुनौती दी और रॉय के लिए मृत्युदंड की मांग की।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक राजनीतिक दृष्टिकोण से इस मामले को और अधिक जटिल बनाता है। भाजपा का चुनावी रणनीति में यह कदम क्या प्रभाव डालेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरजी कर मेडिकल कॉलेज केस क्या है?
यह एक दुष्कर्म और हत्या का मामला है जिसमें एक महिला डॉक्टर पीड़िता थी।
सुवेंदु अधिकारी का क्या कहना है?
उन्होंने पुष्टि की है कि पीड़िता के माता-पिता ने भाजपा की सदस्यता ली है।
भाजपा ने उम्मीदवारों की घोषणा क्यों नहीं की?
भाजपा ने अभी तक पानीहाटी से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
सीबीआई ने मामले की जांच क्यों शुरू की?
कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने मामले की जांच का जिम्मा संभाला।
क्या संजय रॉय को सजा मिली है?
जी हां, कोलकाता की निचली अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
राष्ट्र प्रेस