झारखंड: पाकुड़ के किताझोर गांव में बेटे ने हसुआ से की पिता की हत्या, रात भर शव के पास बैठा रहा आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पाकुड़ जिले के किताझोर गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक बेटे ने अपने 60 वर्षीय पिता दिवाकर सरदार की हसुआ (हंसिया) से बेरहमी से हत्या कर दी। मंगलवार रात को अंजाम दी गई इस वारदात का खुलासा बुधवार, 13 मई की सुबह तब हुआ जब आरोपी अपनी बेटी को लेकर उस घर पहुँचा जहाँ शव पड़ा था। पुलिस ने आरोपी अनूप सरदार को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया है।
वारदात का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आरोपी अनूप सरदार ने मंगलवार रात किसी बहाने से अपने पिता दिवाकर सरदार को घर बुलाया। वहाँ दोनों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद अनूप ने घर में रखे हसुआ से पिता पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण दिवाकर सरदार की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
हत्या के बाद आरोपी पूरी रात उसी घर में रहा और शव के पास बैठा रहा। सुबह होने पर वह अपनी पत्नी और बच्चों के पास उनके किराए के मकान में गया — जो उसके हिंसक व्यवहार के कारण उससे अलग रहते थे।
बेटी की चीख से खुला राज़
वारदात का भंडाफोड़ बुधवार सुबह तब हुआ जब अनूप अपनी एक बेटी को साथ लेकर उस घर पहुँचा जहाँ शव पड़ा था। घर के भीतर का मंजर देखकर बेटी चीख पड़ी और उसने तुरंत पड़ोसियों को सूचित किया। ग्रामीणों की सूचना पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी को वहीं से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
मृतक की पोती वर्षा सरदार ने बताया कि उसके पिता शराब के आदी थे और अक्सर घर में मारपीट किया करते थे। शराब की लत और लगातार उत्पीड़न से तंग आकर उसकी माँ और पाँचों बहनें पिता से अलग रहने लगी थीं। स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, अनूप सरदार का आचरण पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का रहा है। कुछ साल पहले उसने अपनी पत्नी को जिंदा जलाने की कोशिश भी की थी। शराब के नशे में वह अपने पिता से भी अक्सर उलझता रहता था।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अनूप सरदार ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। मामले की आगे जाँच जारी है।