पाकिस्तान: FIA ने ग्वादर जाते 34 अफगान नागरिकों को पकड़ा, महिलाएं-बच्चे भी हिरासत में

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पाकिस्तान: FIA ने ग्वादर जाते 34 अफगान नागरिकों को पकड़ा, महिलाएं-बच्चे भी हिरासत में

सारांश

पाकिस्तान की FIA ने सीपेक रोड पर छापेमारी कर 34 अफगान नागरिकों को पकड़ा — जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यह कार्रवाई तब हुई जब AMSO की रिपोर्ट ने खुलासा किया कि 2023 से 34 लाख से अधिक अफगान निर्वासित हो चुके हैं और 96.4% हिरासती अफगानों ने दुर्व्यवहार की शिकायत की है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान की FIA ने 13 मई 2026 को सीपेक रोड पर छापेमारी कर 34 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार नागरिक कथित तौर पर बिना दस्तावेजों के ग्वादर के रास्ते ईरान में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।
AMSO की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 से अब तक पाकिस्तान और ईरान से 34 लाख से अधिक अफगान प्रवासी निर्वासित किए जा चुके हैं।
सर्वेक्षण में शामिल 96.4% हिरासती अफगानों ने दुर्व्यवहार और 85.7% ने रिहाई के लिए पैसे देने की बात कही।
AMSO की रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र की यातना विरोधी समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई है।

पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने 13 मई 2026 को बलूचिस्तान के सीपेक रोड क्षेत्र में छापेमारी कर 34 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिनमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कथित तौर पर ये सभी लोग बिना आवश्यक दस्तावेजों के पाकिस्तान में प्रवेश कर ग्वादर के रास्ते ईरान में घुसने की कोशिश कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

FIA की तुर्बत विंग को खुफिया सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के बाद सभी गिरफ्तार नागरिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही, विदेशी नागरिकों की अवैध आवाजाही में शामिल व्यक्तियों और नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अवैध मानव तस्करी और बिना दस्तावेजों के सीमा पार आवाजाही पर पाबंदी लगाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने 2023 के अंत से सुरक्षा संबंधी चिंताओं और आर्थिक दबावों का हवाला देते हुए बिना दस्तावेज वाले अफगान नागरिकों के निर्वासन की प्रक्रिया तेजी से बढ़ाई है।

अफगान शरणार्थियों की स्थिति पर चिंता

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पिछले सप्ताह अफगानिस्तान मीडिया सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (AMSO) ने एक गंभीर रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान में रह रहे अफगान शरणार्थियों को मनमानी गिरफ्तारी, दुर्व्यवहार, वसूली और जबरन निर्वासन की धमकियों का अक्सर सामना करना पड़ता है।

8 मई को जारी AMSO की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 से अब तक पाकिस्तान और ईरान से 34 लाख से अधिक अफगान प्रवासियों को निर्वासित किया जा चुका है। यह रिपोर्ट वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन अगेंस्ट टॉर्चर के साथ मिलकर तैयार की गई और इसे संयुक्त राष्ट्र की यातना विरोधी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

सर्वेक्षण के चौंकाने वाले आंकड़े

AMSO की रिपोर्ट 41 अफगान नागरिकों पर किए गए सर्वेक्षण, छह विस्तृत साक्षात्कारों तथा UNHCR, IOM, एमनेस्टी इंटरनेशनल और पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग के दस्तावेजों पर आधारित है। सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्ष इस प्रकार रहे:

सर्वेक्षण में शामिल 68.3 प्रतिशत अफगानों ने बताया कि उन्हें गिरफ्तार किया गया या जेल में डाला गया। हिरासत में लिए गए 96.4 प्रतिशत लोगों ने गिरफ्तारी या नजरबंदी के दौरान दुर्व्यवहार का सामना करने की बात कही, जबकि 85.7 प्रतिशत को गिरफ्तारी से बचने या रिहाई के लिए पैसे देने पड़े।

इसके अलावा, 75.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने धमकी, अपमान और मानसिक उत्पीड़न का सामना करने की बात कही, जबकि 72.4 प्रतिशत लोगों को बिना न्यायिक समीक्षा के 48 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया। संगठन ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में किसी भी व्यक्ति को निर्वासित करते समय व्यक्तिगत जोखिम आकलन नहीं किया गया।

व्यापक संदर्भ

यह कार्रवाई बिना दस्तावेज वाले विदेशियों के खिलाफ तेज हुए अभियान के बीच की गई है। पाकिस्तान ने सुरक्षा और आर्थिक कारणों का हवाला देते हुए अफगान नागरिकों पर सख्ती बढ़ाई है, जिसे मानवाधिकार संगठन चिंताजनक मान रहे हैं।

आगे क्या होगा

FIA ने संकेत दिया है कि अवैध मानव तस्करी नेटवर्क को उजागर करने के लिए जांच जारी रहेगी। मानवाधिकार संगठनों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि गिरफ्तार महिलाओं और बच्चों के साथ किस प्रक्रिया का पालन किया जाता है और क्या उन्हें अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी कानूनों के तहत संरक्षण मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पाकिस्तान ने व्यक्तिगत जोखिम आकलन की प्रक्रिया नहीं अपनाई — जो अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी कानूनों का सीधा उल्लंघन है। 34 लाख से अधिक निर्वासन के बाद भी जब महिलाएं और बच्चे सीपेक रोड पर पकड़े जा रहे हैं, तो यह सवाल उठता है कि तस्करी नेटवर्क पर नहीं, बल्कि कमजोर लोगों पर ही कार्रवाई क्यों हो रही है। संयुक्त राष्ट्र समिति के सामने रिपोर्ट पेश होने के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ना तय है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान की FIA ने 34 अफगान नागरिकों को क्यों गिरफ्तार किया?
FIA की तुर्बत विंग को खुफिया सूचना मिली थी कि कुछ अफगान नागरिक बिना दस्तावेजों के सीपेक रोड से ग्वादर के रास्ते ईरान में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर छापेमारी कर 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ अवैध आवाजाही का मामला दर्ज किया गया।
गिरफ्तार अफगान नागरिकों में कौन-कौन शामिल हैं?
गिरफ्तार किए गए 34 अफगान नागरिकों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ के बाद सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
2023 से अब तक कितने अफगान नागरिक पाकिस्तान से निर्वासित हो चुके हैं?
AMSO की 8 मई को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2023 से अब तक पाकिस्तान और ईरान से मिलाकर 34 लाख से अधिक अफगान प्रवासियों को निर्वासित किया जा चुका है। पाकिस्तान ने सुरक्षा और आर्थिक कारणों का हवाला देते हुए यह अभियान तेज किया है।
AMSO की रिपोर्ट में अफगान शरणार्थियों के साथ किस तरह के दुर्व्यवहार का उल्लेख है?
AMSO के सर्वेक्षण के अनुसार, 96.4% हिरासती अफगानों ने दुर्व्यवहार की बात कही, 85.7% को रिहाई के लिए पैसे देने पड़े, 75.6% ने मानसिक उत्पीड़न झेला और 72.4% को बिना न्यायिक समीक्षा के 48 घंटे से अधिक हिरासत में रखा गया। यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र की यातना विरोधी समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई है।
पाकिस्तान में अफगान नागरिकों के खिलाफ अभियान क्यों तेज हुआ है?
पाकिस्तान ने 2023 के अंत से सुरक्षा संबंधी चिंताओं और आर्थिक दबावों का हवाला देते हुए बिना दस्तावेज वाले अफगान नागरिकों के निर्वासन और गिरफ्तारी का अभियान तेज किया है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इस प्रक्रिया में व्यक्तिगत जोखिम आकलन नहीं किया जा रहा, जो अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी कानूनों के विरुद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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