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क्या पाकिस्तान शरणार्थियों के अधिकारों का सम्मान करेगा, तालिबान की अपील?

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क्या पाकिस्तान शरणार्थियों के अधिकारों का सम्मान करेगा, तालिबान की अपील?

सारांश

तालिबान ने पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार पर चिंता जताई है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हस्तक्षेप की अपील की है। जानिए इस मुद्दे की बारीकियों पर।

मुख्य बातें

तालिबान ने पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों के खिलाफ अत्याचार की चिंता जताई।
पाकिस्तानी सरकार से शरणार्थियों के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की गई।
अफगान शरणार्थियों को आर्थिक सहयोग की आवश्यकता है।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों का हस्तक्षेप जरूरी है।
पत्रकारों की गिरफ्तारी पर चिंता जताई गई है।

काबुल, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तालिबान ने पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों के प्रति हो रहे भेदभाव पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अफगान प्रवासियों के खिलाफ अत्याचार बढ़ रहे हैं, जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। रविवार को स्थानीय मीडिया ने इस पर रिपोर्ट किया।

पझवोक अफगान न्यूज ने तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत के एक ऑडियो संदेश के हवाले से जानकारी दी। फितरत ने कहा, "दुर्भाग्य से, पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों की समस्याएं बढ़ रही हैं, पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा गिरफ्तारी, उत्पीड़न और दुर्व्यवहार बढ़ रहे हैं, जिससे शरणार्थी कठिनाई में हैं।"

फितरत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य संबंधित संगठनों से शरणार्थी सुरक्षा सिद्धांतों को बनाए रखने का आग्रह किया और उन देशों में हस्तक्षेप करने की बात की जहां शरणार्थियों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अफगान शरणार्थियों को अफगानिस्तान लौटने के लिए आर्थिक सहयोग और समर्थन की आवश्यकता है।

पझवोक अफगान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तानी सरकार को शरणार्थियों के अधिकारों का सम्मान करने, अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी सिद्धांतों का पालन करने और अफगान शरणार्थियों को गिरफ्तार करने और परेशान करने से रोकने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए।

शनिवार को, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने कहा कि जनवरी 2026 के पहले 10 दिनों में पाकिस्तान में अफगान नागरिकों की गिरफ्तारियों में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश गिरफ्तारियां पिशिन, चमन और इस्लामाबाद में हुई हैं।

इससे पहले गुरुवार को, एक प्रमुख अफगान मीडिया वॉचडॉग ने पाकिस्तान में अफगान पत्रकारों की बार-बार गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त की और हिरासत में लिए गए तीन पत्रकारों की तत्काल रिहाई की मांग की।

अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने बताया कि अफगानिस्तान मीडिया सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (एएमएसओ) ने कहा कि दो पत्रकारों को इस्लामाबाद में गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य को पेशावर में गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान में गिरफ्तार किए गए पत्रकारों के नाम अब्दुल रहमान मंगल, अस्मा मोहम्मदी और समीम नईमी हैं।

समूह ने इन गिरफ्तारियों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, पत्रकारिता के सिद्धांतों और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया। उन्होंने पाकिस्तानी पुलिस से अफगान पत्रकारों के उत्पीड़न, गिरफ्तारी और जबरन निकासी को रोकने का आग्रह किया।

एएमएसओ ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।

पाकिस्तान ने पिछले एक साल में देशव्यापी कार्रवाई के तहत हजारों अफगान प्रवासियों को वापस भेजा है, जिसमें पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिल हैं। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद स्वतंत्र मीडिया गतिविधियों को खतरों और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है, जिसके कारण कई अफगान पत्रकार पाकिस्तान भाग गए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी शरणार्थियों के अधिकारों की रक्षा की जाए। पाकिस्तान को अपने मानवाधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और शरणार्थियों के प्रति उचित व्यवहार करना चाहिए।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या तालिबान की अपील का कोई असर होगा?
तालिबान की अपील का असर संभव है, लेकिन पाकिस्तान की नीतियों पर निर्भर करेगा।
पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों की स्थिति क्या है?
अफगान शरणार्थियों की स्थिति चिंताजनक है, उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय का इसमें क्या रोल है?
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को शरणार्थियों के अधिकारों की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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