अभिषेक शर्मा का 34 गेंदों में 108 रन: 'हर सीरीज से पहले की प्रक्रिया ही मेरी असली ताकत'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने 18 सितंबर 2026 को अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में सिर्फ 34 गेंदों में 108 रन की तूफानी पारी खेली, जिससे भारत ने सीरीज 3-0 से अपने नाम की। 26 वर्षीय इस बल्लेबाज ने मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में खुलासा किया कि उनकी धमाकेदार फॉर्म का राज़ सीरीज से पहले अपनाई जाने वाली व्यक्तिगत तैयारी की प्रक्रिया है।
रिकॉर्ड-तोड़ पारी का विवरण
अभिषेक ने 30 गेंदों में शतक पूरा किया — जो किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज टी20 शतक और 'फुल मेंबर' देश के किसी बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड है। उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' दोनों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। भारत ने अफगानिस्तान को इस सीरीज में 127 रनों की बड़ी जीत सहित तीनों मैचों में पराजित किया।
प्रक्रिया और तैयारी पर अभिषेक की बात
मैच के बाद अभिषेक ने अपनी सफलता के पीछे की सोच साझा करते हुए कहा, 'सब कुछ उस प्रक्रिया पर निर्भर करता है जिसे मैं हर सीरीज से पहले अपनाता हूं। मेरे लिए यह बहुत जरूरी है कि मैं किसके खिलाफ खेलने जा रहा हूं और कौन-से गेंदबाज होंगे।' उन्होंने आगे जोड़ा कि पावरप्ले की रणनीति — किस ओवर में कौन गेंदबाजी करेगा और सातवें-आठवें ओवर की तैयारी — उनके खेल की बुनियाद है।
टीम की आक्रामक पहचान पर एकजुटता
कभी-कभार मिलने वाली हार या खराब प्रदर्शन को लेकर उठ रहे सवालों पर अभिषेक ने स्पष्ट कहा, 'हम बीते 2 वर्षों से ऐसा कर रहे हैं। एक या दो खराब सीरीज से बैटिंग यूनिट के तौर पर हमारी पहचान तय नहीं होगी।' उन्होंने बताया कि टीम का ड्रेसिंग रूम का माहौल और सामूहिक सोच ही उनकी असली ताकत है — मुश्किल दौर में अगले मुकाबले पर ध्यान केंद्रित रखना और अपना दबदबा बनाए रखना।
कप्तान और कोच के भरोसे का महत्व
हाई-रिस्क बल्लेबाजी शैली को बनाए रखने में टीम मैनेजमेंट की भूमिका पर अभिषेक ने कहा, 'जब आप किसी खास तरीके से खेलना चाहते हैं, तो यह बहुत जरूरी है कि कप्तान और कोच आपके साथ हों।' उन्होंने यह भी कहा कि कोच और कप्तान की ओर से मिला भरोसा ही उन्हें और पूरी टीम को वर्षों से इसी आक्रामक अंदाज़ में खेलने की हिम्मत देता है।
बल्लेबाजी दर्शन: गेंद को देखो और खेलो
मैदान के हर कोने में रन बनाने की अपनी काबिलियत के बारे में अभिषेक ने कहा, 'मेरे लिए, मुझे नहीं लगता कि मुझे किसी खास एरिया तक सीमित रहना चाहिए। बस गेंद को देखो और उसके हिसाब से खेलो।' उन्होंने माना कि हर बार शानदार प्रदर्शन की गारंटी नहीं दी जा सकती, लेकिन टीम की संस्कृति — पावरप्ले में दबदबा बनाना — सही दिशा में है। यह बयान इस बात का संकेत है कि भारत की यह नई पीढ़ी आने वाले विश्व कप तक इसी मानसिकता के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।