मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बोलीं लीसा रे, कहा- सहायता मांगना साहस की निशानी है
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 13 मई। वेब सीरीज़ 'फोर मोर शॉट्स प्लीज़!' की अभिनेत्री लीसा रे ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता माह पर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने किरदार समारा कपूर की क्लिप्स शेयर करते हुए कहा कि मानसिक उपचार एक जटिल प्रक्रिया है और प्रत्येक व्यक्ति की कहानी महत्वपूर्ण है।
बाइपोलर डिसऑर्डर का सजीव चित्रण
लीसा के किरदार समारा कपूर सीरीज़ में बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझते हुए दिखाई देते हैं। अभिनेत्री ने बताया कि इस मानसिक स्थिति में व्यक्ति को लगातार भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, 'कभी बहुत अधिक खुशी महसूस होती है, तो कभी अचानक गहरी उदासी आ जाती है। व्यक्ति अपने आप को अकेला और असुरक्षित महसूस करने लगता है।'
सीन्स की यथार्थवादिता ने प्रभावित किया
लीसा ने स्वीकार किया कि सीरीज़ के कई दृश्य इतने वास्तविक थे कि वह स्वयं भावुक हो जाती थीं। उन्होंने कहा, 'समारा का अचानक गुस्सा होना, जल्दबाज़ी में निर्णय लेना, छोटी-छोटी बातों पर टूट जाना और रिश्तों में उलझन — ये सब सच्चाई के साथ दिखाया गया था।' उन्होंने आगे कहा कि हज़ारों लोग ऐसी परेशानियों से जूझ रहे हैं, लेकिन समाज के भय से अपनी समस्याओं को छिपाते हैं।
मानसिक बीमारी पहचान नहीं है
लीसा रे ने जोर देते हुए कहा कि मानसिक बीमारी किसी व्यक्ति की पहचान नहीं होती। उन्होंने कहा, 'यदि कोई मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है, तो इसका अर्थ यह नहीं कि वह कमजोर है या प्यार पाने के योग्य नहीं है। ऐसे लोगों को सबसे अधिक समझदारी, प्रेम और सहायता की आवश्यकता होती है।'
परिवार और चिकित्सा की भूमिका
अभिनेत्री ने कहा कि परिवार, मित्र, सही उपचार, थेरेपी और खुली बातचीत मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने आसपास के लोगों का हाल-चाल पूछें, क्योंकि कई लोग बाहर से मुस्कुराते हुए नज़र आते हैं, लेकिन अंदर से टूटे हुए होते हैं।
सहायता मांगना साहस है
लीसा रे ने अपने संदेश को समाप्त करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर मदद मांगना कभी कमजोरी नहीं होती। यह वास्तव में साहस और समझदारी की निशानी है। उनका यह कथन उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हो सकता है जो मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं और समाज के डर से चुप रहते हैं।