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भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट Q1 FY27 में 111.9 अरब डॉलर रहने का अनुमान: इंडिया एक्जिम बैंक रिपोर्ट

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भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट Q1 FY27 में 111.9 अरब डॉलर रहने का अनुमान: इंडिया एक्जिम बैंक रिपोर्ट

सारांश

इंडिया एक्जिम बैंक के ELI मॉडल के अनुसार, भारत का कुल मर्चेंडाइज निर्यात Q1 FY27 में 111.9 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट में 3.5% की वृद्धि की उम्मीद है, जिसे हालिया व्यापार समझौतों और सरकारी नीतिगत हस्तक्षेप से बल मिलेगा — हालाँकि वैश्विक अनिश्चितता जोखिम बनी हुई है।

मुख्य बातें

इंडिया एक्जिम बैंक के अनुसार भारत का कुल मर्चेंडाइज निर्यात Q1 FY27 में 111.9 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।
नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट 97.8 अरब डॉलर रहने का अनुमान, जो सालाना 3.5% की वृद्धि है।
नॉन-ऑयल और नॉन-जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट 90.4 अरब डॉलर रहने का अनुमान, सालाना वृद्धि लगभग 3% ।
वृद्धि को भौगोलिक विस्तार, सरकारी नीतिगत हस्तक्षेप और हालिया व्यापार समझौतों से समर्थन मिलने की उम्मीद।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक संघर्ष प्रमुख जोखिम के रूप में बने हुए हैं।
अगला पूर्वानुमान अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े में जारी किया जाएगा।

इंडिया एक्जिम बैंक की ताज़ा तिमाही निर्यात आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कुल मर्चेंडाइज निर्यात वित्त वर्ष 2027 की अप्रैल-जून तिमाही में 111.9 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामूली वृद्धि को दर्शाता है। 13 मई 2026 को जारी यह रिपोर्ट सरकार समर्थित एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ इंडिया (इंडिया एक्जिम बैंक) की इन-हाउस एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ELI) मॉडल पर आधारित है।

मुख्य अनुमान और आँकड़े

रिपोर्ट के अनुसार, नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 97.8 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 3.5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि है। इसके अलावा, नॉन-ऑयल और नॉन-जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट 90.4 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया है, जो इसी तिमाही में लगभग 3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाता है।

वृद्धि को सहारा देने वाले कारक

इंडिया एक्जिम बैंक ने कहा कि नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट में वृद्धि को निर्यात के बढ़ते भौगोलिक विस्तार, समय पर सरकारी नीतिगत हस्तक्षेप और लक्षित आपातकालीन क्रेडिट सहायता उपायों से समर्थन मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि हाल ही में कुछ देशों के साथ संपन्न हुए व्यापार समझौते नॉन-ऑयल निर्यात क्षेत्रों में वृद्धि की गति बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत कई प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है।

वैश्विक माँग और विनिमय दर का असर

रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक माँग में संभावित सुधार और विनिमय दरों में अनुकूल बदलाव से भी भारत के निर्यात आउटलुक को लाभ मिल सकता है। यह संकेत महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत का निर्यात प्रदर्शन डॉलर-रुपये की विनिमय दर और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की माँग पर काफी हद तक निर्भर करता है।

जोखिम और चुनौतियाँ

हालाँकि, बैंक ने चेतावनी दी कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाज़ारों में उतार-चढ़ाव जैसे जोखिम अभी भी बने हुए हैं। आलोचकों का कहना है कि ये बाहरी कारक किसी भी अनुकूल घरेलू नीति के प्रभाव को सीमित कर सकते हैं।

ELI मॉडल और अगला पूर्वानुमान

इंडिया एक्जिम बैंक अपने एक्सपोर्ट लीडिंग इंडेक्स (ELI) मॉडल के ज़रिए हर तिमाही मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट, नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट और नॉन-ऑयल एवं नॉन-जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट का अनुमान जारी करता है। यह मॉडल घरेलू और वैश्विक कारकों का आकलन करके भारत के निर्यात की दिशा और संभावित प्रदर्शन का तिमाही आधार पर पूर्वानुमान लगाने के लिए तैयार किया गया है। बैंक ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए अगला निर्यात पूर्वानुमान अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े में जारी किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि टिकाऊ है। हालिया व्यापार समझौतों का उल्लेख उत्साहजनक है, परंतु उनके क्रियान्वयन और बाज़ार पहुँच का वास्तविक लाभ तिमाही अनुमानों में अभी पूरी तरह नहीं दिखता। वैश्विक माँग में सुधार की उम्मीद पर निर्भरता एक कमज़ोर कड़ी है — खासकर जब अमेरिका और यूरोप में आर्थिक सुस्ती के संकेत हैं। भारत को निर्यात विविधीकरण में और तेज़ी लानी होगी, अन्यथा बाहरी झटके इन सकारात्मक अनुमानों को पलट सकते हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया एक्जिम बैंक की Q1 FY27 निर्यात रिपोर्ट क्या कहती है?
इंडिया एक्जिम बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कुल मर्चेंडाइज निर्यात अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 111.9 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामूली वृद्धि को दर्शाता है।
नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट में कितनी वृद्धि का अनुमान है?
Q1 FY27 में नॉन-ऑयल एक्सपोर्ट 97.8 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 3.5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि है। नॉन-ऑयल और नॉन-जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट 90.4 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जो लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि है।
भारत के निर्यात वृद्धि को कौन-से कारक सहारा दे रहे हैं?
इंडिया एक्जिम बैंक के अनुसार, निर्यात के बढ़ते भौगोलिक विस्तार, सरकारी नीतिगत हस्तक्षेप, लक्षित क्रेडिट सहायता उपाय और हालिया व्यापार समझौते वृद्धि को सहारा दे रहे हैं। वैश्विक माँग में सुधार और अनुकूल विनिमय दरें भी सहायक हो सकती हैं।
भारत के निर्यात के लिए प्रमुख जोखिम क्या हैं?
बैंक ने चेतावनी दी है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाज़ारों में उतार-चढ़ाव प्रमुख जोखिम बने हुए हैं। ये कारक निर्यात वृद्धि की गति को प्रभावित कर सकते हैं।
अगला निर्यात पूर्वानुमान कब जारी होगा?
इंडिया एक्जिम बैंक ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए अगला निर्यात पूर्वानुमान अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े में जारी किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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