जैसलमेर हत्याकांड: 48 घंटे में गिरफ्तार हुआ हत्यारा, जीरे के लालच में की थी पड़ोसी महिला की हत्या
सारांश
Key Takeaways
- 21 अप्रैल 2025 की रात जैसलमेर के बीरे की ढाणी में हथुदेवी (50) की अवैध बंदूक से गोली मारकर हत्या की गई।
- आरोपी हेमसिंह (22) पड़ोसी था, जो 5 से 6 लाख रुपये मूल्य का जीरा लूटना चाहता था।
- पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया।
- आरोपी ने वारदात को लूट का रूप देने के लिए ट्रैक्टर चुराकर 8 किलोमीटर दूर छोड़ा और जांच के दौरान सबूत मिटाने की कोशिश की।
- एसपी अभिषेक शिवहरे ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और एफएसएल टीम व डॉग स्क्वॉड से साक्ष्य जुटाए।
- पुलिस अभी भी अवैध टोपीदार बंदूक की बरामदगी के प्रयासों में जुटी है।
जैसलमेर, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के जैसलमेर जिले के झिंझिनयाली थाना क्षेत्र में 21 अप्रैल 2025 की रात एक महिला की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर आरोपी को दबोच लिया। 5 से 6 लाख रुपये मूल्य के जीरे की लूट की नीयत से पड़ोसी युवक हेमसिंह (22) ने हथुदेवी (50) की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
घटना का पूरा विवरण
बीरे की ढाणी निवासी हथुदेवी 21 अप्रैल की रात अपने घर में अकेली सो रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला हेमसिंह एक अवैध टोपीदार बंदूक लेकर उनके घर पहुंचा। उसने खिड़की से सो रही महिला के सिर पर गोली दाग दी, जिससे छर्रे सिर और गले में धंस गए और हथुदेवी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
वारदात के बाद आरोपी घबरा गया और नकदी या जीरा चोरी नहीं कर सका। घटना को लूट का रूप देने के लिए उसने घर के बाहर खड़ा ट्रैक्टर चुरा लिया और उसे करीब 8 किलोमीटर दूर ले जाकर लावारिस छोड़ दिया।
22 अप्रैल की सुबह मृतका के पति अमराराम जब एक शादी समारोह से लौटकर अपने ट्यूबवेल (खेत) पर पहुंचे, तो पत्नी का शव देखकर स्तब्ध रह गए। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया।
पुलिस जांच और आरोपी की चालाकी
सूचना मिलते ही झिंझिनयाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य एकत्र किए गए और विशेष जांच दल गठित किए गए।
चौंकाने वाली बात यह रही कि हेमसिंह जांच के दौरान पुलिस के साथ ही रहा और मदद का नाटक करता रहा। इसके साथ ही वह रेत में पड़े पैरों के निशान और ट्रैक्टर के टायर के निशान मिटाने की कोशिश भी करता रहा, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से बच नहीं सका।
जांच में हेमसिंह की मोबाइल लोकेशन वारदात के समय घटनास्थल पर मिली, जिसने संदेह को पक्का कर दिया। इसके बाद कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हत्या की असली वजह: जीरे का लालच और पुराना विवाद
एसपी अभिषेक शिवहरे ने प्रेस वार्ता में बताया कि हेमसिंह शराब का आदी है और उस पर भारी कर्ज भी चढ़ा हुआ है। पड़ोसी के घर में रखे 5 से 6 लाख रुपये मूल्य के जीरे को देखकर उसकी नीयत बिगड़ गई थी।
गौरतलब है कि जीरे की खरीद-फरोख्त को लेकर हेमसिंह और मृतका के पति अमराराम के बीच पहले भी विवाद हो चुका था। इस पुरानी रंजिश और कर्ज के बोझ तले दबे आरोपी ने लूट की नीयत से यह जघन्य अपराध किया।
तकनीकी साक्ष्य बने निर्णायक
मोबाइल लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हेमसिंह को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस अवैध टोपीदार बंदूक की बरामदगी के प्रयासों में जुटी है।
यह घटना राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में अवैध हथियारों की सुलभता और कर्ज के दबाव में बढ़ते अपराधों की ओर गंभीर संकेत करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फसल और जिंसों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक तनाव बढ़ रहा है, जो कभी-कभी इस तरह की भयावह वारदातों को जन्म देता है। अवैध हथियार बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं जोड़े जाने की संभावना है और मामले में अदालती कार्यवाही शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।