युवा आपदा मित्र: पथानामथिट्टा में 150 युवाओं को मिलेगा आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण
सारांश
Key Takeaways
- पथानामथिट्टा, केरल में 25 अप्रैल 2025 को 'युवा आपदा मित्र' प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ।
- 150 युवा स्वयंसेवकों को 7 दिवसीय गहन आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कलेक्टर एस. प्रेम कृष्णन ने एसएनडीपी हॉल, पथानामथिट्टा में किया।
- यह योजना NDMA द्वारा वित्त पोषित और KSDMA द्वारा कार्यान्वित है, जो मई 2025 में शुरू हुई।
- प्रशिक्षण पूरा करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, वर्दी और आपातकालीन किट प्रदान की जाएगी।
- यह पहल NCC, NSS और NYKS के साथ मिलकर बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से निपटने के लिए युवाओं को तैयार करती है।
पथानामथिट्टा, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल के पथानामथिट्टा जिले में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के संयुक्त तत्वावधान में 'युवा आपदा मित्र' प्रशिक्षण कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हो गई है। यह कार्यक्रम 'मेरा युवा भारत' के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जिले के 150 चयनित स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन की व्यावहारिक और वैज्ञानिक जानकारी दी जाएगी।
उद्घाटन और कार्यक्रम की रूपरेखा
पथानामथिट्टा टाउन एसएनडीपी हॉल में आयोजित उद्घाटन समारोह में जिला कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एस. प्रेम कृष्णन ने इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आपदा प्रबंधन के उप कलेक्टर सुरेश बाबू ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर आपदा प्रबंधन विभाग के जूनियर अधीक्षक अजित श्रीनिवास, जिला जोखिम विश्लेषक चांदनी पीसी सेनन, आपदा प्रबंधन योजना समन्वयक एनी थॉमस इटिकुला, जिला युवा अधिकारी पी. संदीप कृष्णन और 'युवा आपदा मित्र' के मास्टर ट्रेनर वी. अभिनव भी उपस्थित रहे।
सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में क्या सिखाया जाएगा
'मेरा युवा भारत' के स्वयंसेवकों में से चुने गए इन 150 प्रतिभागियों को अलग-अलग चरणों में प्रशिक्षित किया जाएगा। सात दिवसीय इस गहन शिविर में निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा:
आपातकालीन प्रतिक्रिया तकनीकें, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में समन्वय और संचालन, बचाव कार्यों की तैयारी, बुनियादी जीवन रक्षक सहायता (Basic Life Support) और जीवन बचाने के मूलभूत कौशल जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को व्यावहारिक अभ्यास के साथ पढ़ाया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, वर्दी और आपातकालीन किट प्रदान की जाएगी, ताकि वे आपदा के समय आधिकारिक रूप से राहत कार्यों में भाग ले सकें।
युवा आपदा मित्र योजना — पृष्ठभूमि और महत्व
युवा आपदा मित्र योजना NDMA द्वारा वित्त पोषित और KSDMA द्वारा कार्यान्वित एक सामुदायिक-आधारित पहल है। यह योजना मई 2025 में प्रारंभ हुई और इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को बाढ़, भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तैयार करना है।
यह योजना राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS) के साथ मिलकर संचालित होती है। इन संगठनों के माध्यम से स्वयंसेवकों को खोज, बचाव और प्राथमिक चिकित्सा का समेकित प्रशिक्षण दिया जाता है।
केरल के संदर्भ में यह पहल क्यों है अत्यंत जरूरी
गौरतलब है कि केरल भारत के सर्वाधिक आपदा-संवेदनशील राज्यों में से एक है। 2018 और 2019 की विनाशकारी बाढ़ में राज्य को अरबों रुपये का नुकसान हुआ और सैकड़ों जानें गईं। वायनाड भूस्खलन (2024) जैसी त्रासदियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तत्काल उपस्थिति कितनी महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो NDMA ने पिछले कुछ वर्षों में सामुदायिक आपदा प्रबंधन को नीतिगत प्राथमिकता दी है। युवा आपदा मित्र जैसी योजनाएं इसी दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम हैं, जो पेशेवर आपदा प्रबंधन टीमों के पहुंचने से पहले 'गोल्डन आवर' में राहत कार्य शुरू कर सकती हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि अन्य राज्यों जैसे ओडिशा और हिमाचल प्रदेश में भी इसी तर्ज पर सामुदायिक आपदा प्रतिक्रिया दल (CERT) गठित किए गए हैं, जो आपदाओं के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पथानामथिट्टा में यह पहल उस राष्ट्रीय प्रवृत्ति का हिस्सा है।
आने वाले समय में इस प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये 150 प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवक केरल के मानसून सीजन में किस प्रकार की भूमिका निभाते हैं और क्या यह मॉडल अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा।