गुजरात से गिरफ्तार: बोरीवली महिला को व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज वायरल कर बदनाम करने वाली आरोपी पकड़ी

Click to start listening
गुजरात से गिरफ्तार: बोरीवली महिला को व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज वायरल कर बदनाम करने वाली आरोपी पकड़ी

सारांश

बोरीवली की एक महिला को व्हाट्सएप ग्रुप पर अश्लील मैसेज वायरल कर बदनाम करने वाली फरार आरोपी महिला को कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने गुजरात के होटल से गिरफ्तार किया। बीएनएस धारा 356(3), 79 और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज, दो अन्य आरोपी अभी फरार।

Key Takeaways

  • कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने गुजरात के होटल से फरार आरोपी महिला को 25 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया।
  • आरोपी पर बोरीवली की एक महिला को व्हाट्सएप ग्रुप पर अश्लील मैसेज वायरल कर बदनाम करने का आरोप है।
  • मामले में बीएनएस धारा 356(3), 79 और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
  • कुल तीन महिला आरोपियों में से एक गिरफ्तार, बाकी दो अभी भी फरार हैं।
  • पुलिस व्हाट्सएप चैट, स्क्रीनशॉट और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच कर रही है।
  • पीड़िता को सामाजिक बदनामी और गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।

मुंबई, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बोरीवली निवासी एक महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा नष्ट करने के इरादे से व्हाट्सएप ग्रुप पर अश्लील और अपमानजनक मैसेज वायरल करने के मामले में कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य फरार आरोपी महिला को गुजरात के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया है। यह महिला आरोपी पिछले 10 दिनों से फरार थी और पुलिस की तकनीकी टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर उसे दबोचा।

क्या है पूरा मामला

बोरीवली की शिकायतकर्ता महिला ने कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में तीन महिलाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी महिलाओं ने एक व्हाट्सएप ग्रुप में जानबूझकर भ्रामक, अश्लील और अपमानजनक टिप्पणियां पोस्ट कीं, जिनमें शिकायतकर्ता के चरित्र पर गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाए गए। इन मैसेजेस के वायरल होने के बाद पीड़िता की सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा और उसे मानसिक यंत्रणा झेलनी पड़ी।

पुलिस की त्वरित कानूनी कार्रवाई

शिकायत मिलते ही कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356(3) और धारा 79 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। जांच में पुष्टि हुई कि तीनों आरोपी महिलाएं इस पूरी साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थीं।

पुलिस ने सूचना एवं तकनीकी सहायता का उपयोग कर फरार आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और गुजरात के एक होटल में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को मुंबई लाया जा रहा है, जबकि बाकी दो आरोपी महिलाओं की तलाश अभी भी जारी है।

डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच

जांच टीम इस समय व्हाट्सएप चैट रिकॉर्ड, वायरल मैसेजेस, स्क्रीनशॉट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी और क्या आरोपी महिलाओं की शिकायतकर्ता से कोई पुरानी रंजिश या आपसी विवाद था।

पीड़िता की मानसिक पीड़ा और सामाजिक नुकसान

शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि अश्लील मैसेज वायरल होने के बाद उसके परिवार और समाज में उसकी छवि बुरी तरह प्रभावित हुई। कई लोगों ने उसके चरित्र पर सवाल उठाने शुरू कर दिए, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गई।

गौरतलब है कि साइबर अपराध और सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को निशाना बनाने के मामले पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग के आंकड़ों के अनुसार, ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर बुलिंग की शिकायतों में हर साल उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हो रही है। यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि अपराध करने वाले केवल पुरुष नहीं, बल्कि महिलाएं भी साइबर अपराध में लिप्त हो सकती हैं।

पुलिस की जनता से अपील

कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग न करें। किसी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से अश्लील या भ्रामक सामग्री प्रसारित करना गंभीर दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आने वाले दिनों में शेष दो आरोपी महिलाओं की गिरफ्तारी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी। यह मामला मुंबई की अदालत में एक महत्वपूर्ण साइबर अपराध केस के रूप में दर्ज होगा।

Point of View

जो यह साबित करता है कि साइबर उत्पीड़न का कोई लिंग नहीं होता। डिजिटल साक्षरता और कानूनी जागरूकता की कमी के चलते लोग यह नहीं समझते कि व्हाट्सएप पर भेजा गया एक अश्लील मैसेज भी जेल की सजा दिला सकता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि बाकी दो आरोपी कब तक न्याय की पहुंच से दूर रहेंगी।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

कस्तूरबा पुलिस ने किसे और कहां से गिरफ्तार किया?
कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने बोरीवली की एक महिला को व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज वायरल कर बदनाम करने वाली आरोपी महिला को गुजरात के एक होटल से गिरफ्तार किया। यह आरोपी पिछले 10 दिनों से फरार थी।
इस मामले में कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356(3) और 79 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। ये धाराएं ऑनलाइन बदनामी और साइबर अपराध से संबंधित हैं।
इस मामले में कुल कितनी आरोपी हैं और बाकी कहां हैं?
इस मामले में कुल तीन महिला आरोपी हैं। एक को गुजरात से गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी दो अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
पीड़िता महिला को किस तरह का नुकसान हुआ?
व्हाट्सएप ग्रुप पर अश्लील मैसेज वायरल होने के बाद पीड़िता की सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा और उसे मानसिक तनाव झेलना पड़ा। कई लोगों ने उसके चरित्र पर सवाल उठाए, जिससे वह परिवार और समाज में अपमानित महसूस करने लगी।
क्या सोशल मीडिया पर किसी को बदनाम करना कानूनी अपराध है?
हां, सोशल मीडिया पर किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए अश्लील या भ्रामक सामग्री वायरल करना बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत गंभीर दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।
Nation Press