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रायबरेली में 'ऑपरेशन लंगड़ा': मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश नजमुद्दीन गिरफ्तार

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रायबरेली में 'ऑपरेशन लंगड़ा': मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश नजमुद्दीन गिरफ्तार

सारांश

रायबरेली पुलिस के 'ऑपरेशन लंगड़ा' में बड़ी कामयाबी — डलमऊ में मुठभेड़ के दौरान 50 हजार के इनामी बदमाश नजमुद्दीन को पैर में गोली लगने के बाद दबोचा गया। तमंचा, कारतूस और कंटेनर बरामद। साथी फरार, सर्च ऑपरेशन जारी।

मुख्य बातें

रायबरेली पुलिस के 'ऑपरेशन लंगड़ा' के तहत 26 अप्रैल को डलमऊ में मुठभेड़ हुई।
50 हजार रुपये के इनामी बदमाश नजमुद्दीन को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया।
नजमुद्दीन मूलतः बरेली जनपद का निवासी है और लंबे समय से फरार था।
बदमाश के पास से तमंचा, कारतूस और कंटेनर गाड़ी बरामद की गई।
मुठभेड़ में नजमुद्दीन का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, उसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने घोषणा की है कि 'ऑपरेशन लंगड़ा' आगे भी जारी रहेगा और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

रायबरेली, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन लंगड़ा' के तहत शनिवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में आईटीबीपी कैंप के निकट हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश नजमुद्दीन को गिरफ्तार किया, जो लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार था। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुई मुठभेड़?

पुलिस टीम डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक कंटेनर गाड़ी को रोका गया। गाड़ी में सवार बदमाशों ने पुलिस को देखते ही भागने का प्रयास किया। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए फायर किया। दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक गोलीबारी चलती रही। इस मुठभेड़ में पुलिस की एक गोली बदमाश नजमुद्दीन के पैर में जा लगी, जिससे वह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। अफरा-तफरी के बीच उसका साथी रात के अंधेरे का लाभ उठाकर फरार होने में सफल रहा।

कौन है गिरफ्तार बदमाश नजमुद्दीन?

घायल बदमाश को पुलिस ने तत्काल काबू में लिया और उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल रायबरेली में भर्ती कराया गया। पकड़े गए बदमाश की पहचान नजमुद्दीन के रूप में हुई, जो मूलतः बरेली जनपद का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार नजमुद्दीन एक शातिर और खूंखार अपराधी है, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और एक कंटेनर गाड़ी बरामद की गई। ये हथियार और वाहन पुलिस ने जब्त कर लिए हैं और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

फरार साथी की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरार बदमाश की पहचान की जा रही है और उसे पकड़ने के लिए पूरे डलमऊ और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

'ऑपरेशन लंगड़ा' और उसका व्यापक संदर्भ

'ऑपरेशन लंगड़ा' रायबरेली पुलिस द्वारा जिले में सक्रिय अपराधियों, इनामी बदमाशों और भगोड़े आरोपियों के विरुद्ध चलाया जा रहा एक विशेष अभियान है। इस अभियान के तहत अब तक कई आपराधिक तत्वों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस का दावा है कि जिले में अपराध दर में उल्लेखनीय कमी आई है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में पुलिस एनकाउंटर और विशेष अभियानों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। राज्य पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 से अब तक हजारों इनामी बदमाशों को या तो मुठभेड़ में ढेर किया गया है या गिरफ्तार किया गया है। रायबरेली जैसे जिलों में जहां पहले अपराधियों का खुला बोलबाला था, वहां इस तरह के ऑपरेशन स्थानीय जनता के लिए राहत की खबर लेकर आते हैं।

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन लंगड़ा' आगे भी जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार साथी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना पुलिस की प्राथमिकता है।

आने वाले दिनों में नजमुद्दीन से पूछताछ के बाद कई और आपराधिक मामलों का खुलासा होने की संभावना है, और पुलिस को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र के अन्य सक्रिय गिरोहों का भी भंडाफोड़ हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसे योगी सरकार ने 2017 से आक्रामक रूप से लागू किया है। सवाल यह है कि नजमुद्दीन जैसे इनामी बदमाश इतने लंबे समय तक फरार कैसे रहे — और उनके नेटवर्क को संरक्षण देने वाले तत्व कहां हैं? मुठभेड़ की सफलता के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि फरार साथी की जल्द गिरफ्तारी हो, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो सके और यह ऑपरेशन केवल आंकड़ों की खानापूर्ति न बने।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन लंगड़ा' क्या है और यह कहां चलाया जा रहा है?
'ऑपरेशन लंगड़ा' रायबरेली पुलिस द्वारा जिले में सक्रिय इनामी बदमाशों और भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान है। इस अभियान के तहत पुलिस लगातार संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही है।
रायबरेली मुठभेड़ में कौन गिरफ्तार हुआ और उस पर कितना इनाम था?
रायबरेली के डलमऊ क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में बरेली जनपद निवासी इनामी बदमाश नजमुद्दीन गिरफ्तार हुआ, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नजमुद्दीन के पास से क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार बदमाश नजमुद्दीन के पास से पुलिस ने एक तमंचा, कारतूस और एक कंटेनर गाड़ी बरामद की है। ये सभी सामग्री जब्त कर ली गई है और मामले की जांच जारी है।
मुठभेड़ में फरार हुए बदमाश की तलाश कैसे हो रही है?
फरार बदमाश को पकड़ने के लिए रायबरेली पुलिस ने डलमऊ और आसपास के इलाकों में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ अभियानों का क्या असर रहा है?
उत्तर प्रदेश में 2017 से पुलिस मुठभेड़ और विशेष अभियानों में तेजी आई है, जिससे राज्य में कई इनामी अपराधी गिरफ्तार हुए या मारे गए हैं। रायबरेली जैसे जिलों में इन अभियानों से स्थानीय जनता को अपराध से राहत मिली है।
राष्ट्र प्रेस
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