बड़ा फैसला: चुनाव आयोग ने कोलकाता के 3 थानों के प्रभारी बदले, ममता के आवास वाला थाना भी शामिल
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग ने 25 अप्रैल 2026 की शाम को कोलकाता के तीन पुलिस थानों के प्रभारियों का तबादला किया।
- कालीघाट थाने के प्रभारी उत्पल घोष की जगह गौतम दास को नियुक्त किया गया, जो स्पेशल ब्रांच में इंस्पेक्टर थे।
- सुब्रत पांडे को अलीपुर और चमेली मुखर्जी को उल्टाडांगा महिला थाने का नया प्रभारी बनाया गया।
- कालीघाट थाना वह क्षेत्र है जहां CM ममता बनर्जी का सरकारी आवास और भवानीपुर विधानसभा सीट आती है।
- 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जिनमें कोलकाता की सीटें शामिल हैं।
- भवानीपुर में ममता बनर्जी बनाम सुवेंदु अधिकारी का मुकाबला इस चुनाव का सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबला माना जा रहा है।
कोलकाता, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने शनिवार शाम को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से महज चार दिन पहले कोलकाता के तीन पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारियों का तबादला कर दिया। इनमें कालीघाट पुलिस थाना भी शामिल है, जिसके अधिकार क्षेत्र में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित सरकारी आवास आता है। यह कदम स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में आयोग की सक्रियता को दर्शाता है।
किन थानों के प्रभारी बदले गए?
चुनाव आयोग के आदेश के तहत जिन तीन थानों के इंस्पेक्टर रैंक के प्रभारी अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें कालीघाट पुलिस थाना, अलीपुर पुलिस थाना और उल्टाडांगा महिला पुलिस थाना शामिल हैं।
कालीघाट थाने के प्रभारी उत्पल घोष को हटाकर उनकी जगह गौतम दास को नियुक्त किया गया है, जो इससे पहले कोलकाता पुलिस की स्पेशल ब्रांच में इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा, कालीघाट थाने के अतिरिक्त प्रभारी उत्तम पाइक का भी तबादला किया गया है।
अलीपुर पुलिस थाने का नया प्रभार सुब्रत पांडे को सौंपा गया है। वहीं, उल्टाडांगा महिला पुलिस थाने की नई प्रभारी चमेली मुखर्जी को बनाया गया है, जो पहले अलीपुर थाने की अतिरिक्त प्रभारी के रूप में कार्यरत थीं।
कालीघाट थाना क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
कालीघाट पुलिस थाने के प्रभारियों का तबादला दो वजहों से विशेष महत्व रखता है। पहली वजह यह है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सरकारी निवास इसी थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है।
दूसरी और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील वजह यह है कि कालीघाट थाना, दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थानों में से एक है। भवानीपुर इस बार के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का सबसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्र बन चुका है, क्योंकि यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है।
दूसरे चरण में कब और कहां होगा मतदान?
29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान होगा, जिसमें कोलकाता के विधानसभा क्षेत्रों सहित कुल 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। पहले चरण का मतदान पहले ही संपन्न हो चुका है।
यह तबादला आदेश मतदान से चार दिन से भी कम समय पहले जारी किया गया है, जो यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग चुनावी प्रक्रिया में पुलिस की निष्पक्षता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहता।
गहरा राजनीतिक संदर्भ और विश्लेषण
चुनाव आयोग का यह कदम उस पृष्ठभूमि में आया है जब भारतीय जनता पार्टी और अन्य विपक्षी दल लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि राज्य पुलिस तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में काम करती है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पिछले विधानसभा चुनावों और पंचायत चुनावों के दौरान भी चुनाव आयोग को पुलिस तैनाती और स्थानांतरण को लेकर कई बार सख्त कदम उठाने पड़े थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में जहां ममता बनर्जी खुद मैदान में हैं, वहां के थाना प्रभारी का तबादला एक स्पष्ट संदेश है कि आयोग सत्ता के निकट के पुलिस अधिकारियों पर भी नजर रख रहा है। यह कदम मतदाताओं में विश्वास बढ़ाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि चुनाव आयोग ने इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में कई वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हटाया है, जो एक स्पष्ट पैटर्न की ओर इशारा करता है। आयोग की यह सक्रियता दर्शाती है कि वह राज्य सरकार के प्रभाव को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
29 अप्रैल को होने वाले मतदान के नतीजे और उसकी शांतिपूर्ण संपन्नता यह तय करेगी कि आयोग के ये प्रयास कितने प्रभावी साबित हुए। सभी की निगाहें अब भवानीपुर और कोलकाता के अन्य संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों पर टिकी हैं।