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बंगाल में BJP को 200+ सीटें मिलेंगी: हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा दावा

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बंगाल में BJP को 200+ सीटें मिलेंगी: हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा दावा

सारांश

असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने उत्तर 24 परगना में रोड शो कर दावा किया कि बंगाल में भाजपा सरकार बनेगी और 200 से अधिक सीटें मिलेंगी। ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा — PM का विरोध करना बांग्ला का विरोध है।

मुख्य बातें

असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 25 अप्रैल को उत्तर 24 परगना में भाजपा उम्मीदवार सुदीप्ता दास के समर्थन में रोड शो किया।
सरमा ने दावा किया कि बंगाल में भाजपा सरकार बनेगी और पार्टी को 200 से अधिक सीटें मिलेंगी।
उन्होंने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वे PM मोदी का नहीं बल्कि बांग्ला का विरोध कर रही हैं।
23 अप्रैल को सरमा ने बोंगागांव निर्वाचन क्षेत्र में जनसभा की थी और मतुआ समाज के भाजपा समर्थन की बात कही थी।
2021 के चुनाव में भाजपा को 294 में से केवल 77 सीटें मिली थीं — 200+ सीटों का दावा उसी पृष्ठभूमि में आया है।
रोड शो नोआपारा पुलिस स्टेशन से कांचरापाड़ा बाग मोड़ तक आयोजित हुआ।

उत्तर 24 परगना, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उत्तर 24 परगना जिले में जोरदार रोड शो किया और दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी तथा पार्टी को 200 से अधिक सीटें मिलेंगी। यह रोड शो भाजपा उम्मीदवार सुदीप्ता दास के समर्थन में आयोजित किया गया था।

नोआपारा से कांचरापाड़ा तक रोड शो

यह रोड शो नोआपारा पुलिस स्टेशन से शुरू होकर कांचरापाड़ा बाग मोड़ तक गया। इस दौरान भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक उनके साथ जुड़े। रोड शो में भारी भीड़ देखी गई, जिसे पार्टी ने जनसमर्थन का प्रतीक बताया।

ममता पर सीधा हमला — PM का विरोध यानी बांग्ला का विरोध

सीएम सरमा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र सहित देश के किसी भी हिस्से में जाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि दीदी को इस पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

सरमा ने कहा कि जब प्रधानमंत्री असम आते हैं तो वे खुले दिल से उनका स्वागत करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो कुछ भी बंगाल के लिए अच्छा होता है, ममता दीदी उसका विरोध करती हैं। PM मोदी के झालमुड़ी खाने से पूरे देश में बंगाल की इस लोकप्रिय खाद्य संस्कृति की पहचान बढ़ी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।

सरमा ने तीखे शब्दों में कहा कि ममता दीदी प्रधानमंत्री का विरोध नहीं कर रहीं, वो बांग्ला का विरोध कर रही हैं।

असम के अनुभव से बंगाल की तुलना

हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि एक समय असम में चुनावों के दौरान अफरा-तफरी और हिंसा आम बात थी, लेकिन आज वहां चुनाव एक उत्सव की तरह होते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में भी यही माहौल दिख रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले चरण में शांतिपूर्ण और उत्साहजनक मतदान हुआ और दूसरे चरण में लोगों का उत्साह दोगुना हो गया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास रहा है और केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर विवाद जारी है।

मतुआ समाज और भाजपा का जुड़ाव

गौरतलब है कि 23 अप्रैल को भी सीएम सरमा ने उत्तर 24 परगना के बोंगागांव निर्वाचन क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि मतुआ समाज शुरुआत से ही भाजपा के साथ है और इस बार भी वह पार्टी के साथ खड़ा है।

मतुआ समाज उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में निर्णायक मतदाता वर्ग माना जाता है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू होने के बाद से भाजपा इस समुदाय को अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगी है।

राजनीतिक विश्लेषण — क्या 200 सीटें संभव हैं?

2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 294 में से 77 सीटें मिली थीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी। ऐसे में 200 सीटों का दावा एक बड़ी चुनौती है। आलोचकों का कहना है कि भाजपा नेताओं के बड़े-बड़े दावे चुनावी रैलियों की परंपरागत बयानबाजी का हिस्सा हैं।

वहीं पार्टी का मानना है कि केंद्रीय योजनाओं का लाभ, CAA लागू होना और घुसपैठ विरोधी रुख इस बार बंगाल में बड़ा बदलाव ला सकता है। मांस-मछली खाने के सवाल पर सरमा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था कि वे ममता बनर्जी से ज्यादा मांस खा जाएंगे। आने वाले चरणों में मतदान के आंकड़े और एग्जिट पोल यह तय करेंगे कि सरमा का यह दावा कितना जमीनी हकीकत से जुड़ा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें बाहरी नेताओं को बंगाल में उतारकर राष्ट्रीय मुद्दों को स्थानीय रंग दिया जाता है। विडंबना यह है कि 2021 में 77 सीटों पर सिमटी भाजपा अब 200+ का दावा कर रही है — यह या तो जमीनी बदलाव की गवाही है या चुनावी अतिशयोक्ति। CAA, मतुआ समाज और बांग्ला बनाम दिल्ली की लड़ाई — ये तीन धुरियां ही तय करेंगी कि बंगाल का जनादेश किसके पक्ष में जाता है। मुख्यधारा मीडिया रैली की भीड़ दिखाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भाजपा के पास बूथ स्तर पर TMC को टक्कर देने की संगठनात्मक ताकत है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंता बिस्वा सरमा ने बंगाल में भाजपा को कितनी सीटें मिलने का दावा किया?
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को 200 से अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने यह बयान उत्तर 24 परगना में रोड शो के दौरान दिया।
हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाया?
सरमा ने कहा कि ममता बनर्जी PM मोदी का नहीं बल्कि बांग्ला का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि PM के झालमुड़ी खाने से बंगाल की पहचान बढ़ी, लेकिन ममता दीदी इसका भी विरोध करती हैं।
उत्तर 24 परगना में हिमंता का रोड शो कहां से कहां तक हुआ?
यह रोड शो नोआपारा पुलिस स्टेशन से शुरू होकर कांचरापाड़ा बाग मोड़ तक गया। यह रोड शो भाजपा उम्मीदवार सुदीप्ता दास के समर्थन में आयोजित किया गया था।
मतुआ समाज और भाजपा के संबंध पर सरमा ने क्या कहा?
सरमा ने कहा कि मतुआ समाज शुरुआत से ही भाजपा के साथ है और इस बार भी उसका समर्थन पार्टी को मिलेगा। मतुआ समाज उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में निर्णायक मतदाता वर्ग माना जाता है।
2021 बंगाल चुनाव में भाजपा को कितनी सीटें मिली थीं?
2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 294 में से 77 सीटें मिली थीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी। इसी पृष्ठभूमि में सरमा का 200+ सीटों का दावा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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