झारखंड हत्याकांड: पत्नी सुनीता सरदार ने भाई समेत तीन परिजनों संग रची पति की हत्या की साजिश, चार गिरफ्तार

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झारखंड हत्याकांड: पत्नी सुनीता सरदार ने भाई समेत तीन परिजनों संग रची पति की हत्या की साजिश, चार गिरफ्तार

सारांश

झारखंड के सरायकेला-खरसावां में बाया सरदार की हत्या का मामला उस वक्त पलट गया जब जांच का दायरा घर के भीतर पहुंचा। पत्नी सुनीता सरदार ने अपने भाई सोमा मुंडा — जो UAPA और आर्म्स एक्ट का आरोपी रह चुका है — समेत तीन परिजनों के साथ मिलकर फरसे से पति की हत्या कराई। चारों न्यायिक हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

2 मई 2026 की रात कांटाडीह गांव, खरसावां में बाया सरदार (41) की गला काटकर हत्या की गई।
मृतक की पत्नी सुनीता सरदार समेत चार आरोपी — सोमा मुंडा उर्फ लुबू मुंडा , बीर सिंह मुंडा और बिरा मुंडा — गिरफ्तार।
हत्या की वजह आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद ; हथियार के रूप में फरसे का इस्तेमाल।
पुलिस ने खून से सना फरसा , स्कूटी और चार मोबाइल फोन बरामद किए।
मुख्य आरोपी सोमा मुंडा 2019 में UAPA और आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुका है।
सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में; खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार और तकनीकी टीम ने खुलासे में निभाई अहम भूमिका।

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में बाया सरदार हत्याकांड में पुलिस जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है — मृतक की पत्नी सुनीता सरदार ने अपने भाई और अन्य परिजनों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। 5 मई 2026 को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ समीर सवैया ने इस पूरे षड्यंत्र का खुलासा करते हुए चार आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की।

मुख्य घटनाक्रम

2 मई 2026 की रात खरसावां थाना क्षेत्र के कांटाडीह गांव में बाया सरदार (41) की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई सुखराम सरदार के बयान पर खरसावां थाना में मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में यह मामला बाहरी साजिश का प्रतीत हो रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच का दायरा घर के भीतर तक पहुंचा।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया — मृतक की पत्नी सुनीता सरदार, उसके भाई सोमा मुंडा उर्फ लुबू मुंडा, बीर सिंह मुंडा और बिरा मुंडा। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए धारदार हथियार फरसे का इस्तेमाल किया गया।

बरामद साक्ष्य

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून से सना फरसा, वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार ये सभी सामान घटना की साजिश और उसके क्रियान्वयन की पुष्टि करते हैं।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी सोमा मुंडा का आपराधिक इतिहास रहा है। वह वर्ष 2019 में कुचाई थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट और यूएपीए (UAPA) जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुका है। गौरतलब है कि इतने संगीन आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति की इस हत्याकांड में संलिप्तता मामले की गंभीरता को और बढ़ा देती है।

पुलिस की भूमिका और आगे की कार्रवाई

एसडीपीओ समीर सवैया ने बताया कि इस मामले के खुलासे में खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार और तकनीकी शाखा की टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल सभी चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस आगे की जांच में जुटी है और मामले में अन्य संभावित संलिप्तताओं की भी पड़ताल की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उजागर होता है कि शुरुआती जांच में पारिवारिक कोण नज़रअंदाज़ हुआ। न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित सुनवाई ही इस मामले में असली न्याय सुनिश्चित करेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाया सरदार हत्याकांड क्या है?
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के कांटाडीह गांव में 2 मई 2026 की रात 41 वर्षीय बाया सरदार की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि उनकी पत्नी सुनीता सरदार ने अपने भाई और परिजनों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कौन हैं?
पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है — मृतक की पत्नी सुनीता सरदार, उसके भाई सोमा मुंडा उर्फ लुबू मुंडा, बीर सिंह मुंडा और बिरा मुंडा। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
हत्या की साजिश क्यों रची गई थी?
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए धारदार हथियार फरसे का इस्तेमाल किया गया।
क्या आरोपी सोमा मुंडा का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है?
हां, जांच में सामने आया कि सोमा मुंडा वर्ष 2019 में कुचाई थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट और UAPA जैसे गंभीर मामलों में जेल जा चुका है। यह उसकी इस हत्याकांड में संलिप्तता को और गंभीर बनाता है।
पुलिस ने इस मामले में क्या साक्ष्य बरामद किए?
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून से सना फरसा, वारदात में प्रयुक्त स्कूटी और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये साक्ष्य साजिश और उसके क्रियान्वयन दोनों की पुष्टि करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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