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दिलीप घोष का बयान: 'आरजी कर केस में संलिप्त सभी व्यक्तियों को मिलनी चाहिए सजा', हुमायूं कबीर के स्टिंग वीडियो पर भी तीखी टिप्पणी

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दिलीप घोष का बयान: 'आरजी कर केस में संलिप्त सभी व्यक्तियों को मिलनी चाहिए सजा', हुमायूं कबीर के स्टिंग वीडियो पर भी तीखी टिप्पणी

सारांश

दिलीप घोष ने आरजी कर मामले में हाईकोर्ट के निर्णय पर अपनी निष्कर्ष व्यक्त किए हैं, जिसमें उन्होंने दोषियों को सजा देने की मांग की। साथ ही हुमायूं कबीर के स्टिंग वीडियो पर भी अपनी राय रखी।

मुख्य बातें

आरजी कर केस में सभी दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
टीएमसी पर आरोप कि उन्होंने पीड़िता के साथ अन्याय किया।
मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटाए गए हैं।
हुमायूं कबीर के स्टिंग वीडियो को दुष्प्रचार बताया गया।

मिदनापुर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता दिलीप घोष ने आरजी कर मामले में हाईकोर्ट के निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हाल ही में हाईकोर्ट ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी संजय रॉय से दोबारा पूछताछ की अनुमति दी। दिलीप घोष का कहना है कि इस मामले में शामिल सभी व्यक्तियों को सजा मिलनी चाहिए।

दिलीप घोष ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "आरजी कर का मामला अभी तक सुलझा नहीं है। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिल जाती। जनता और पीड़ितों के परिवार भी यही मांग कर रहे हैं। इस मामले में जो न्याय हुआ, लोग उससे संतुष्ट नहीं हैं। इसलिए इस केस में शामिल सभी लोगों को सजा मिलनी चाहिए।"

उन्होंने आरोप लगाया कि "आरजी कर केस की पीड़िता की मां चुनाव लड़ रही हैं। ममता बनर्जी ने उन्हें न न्याय दिया और न ही सम्मान। टीएमसी की ओर से उनकी आलोचना और आक्रमण किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि इस पूरी घटना के पीछे टीएमसी और उसके नेता हैं। अन्यथा कोई भी पीड़िता की मां के साथ इस प्रकार का व्यवहार नहीं कर सकता।"

पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से करीब 91 लाख नाम हटाए जाने पर दिलीप घोष ने कहा, "यह हिंदुओं और मुसलमानों का मामला नहीं है। जो लोग पात्र नहीं हैं, उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं मिलेगा। इसलिए फर्जी नाम, दोहरी मतदाता आईडी और जिनकी मृत्यु हो चुकी है, वे नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।"

वहीं, आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर के कथित स्टिंग वीडियो पर दिलीप घोष ने कहा, "यह वीडियो किसने बनाया? हुमायूं कबीर को 1,000 करोड़ रुपए कौन देगा? मैं कहता हूं कि राजनीति में ऐसी किसी चीज का कोई अस्तित्व ही नहीं है। इसलिए, इस तरह का दुष्प्रचार करने का कोई मतलब नहीं है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

दिलीप घोष के बयान में न्याय की मांग और राजनीतिक आरोपों का मिश्रण है। यह घटना न केवल एक गंभीर अपराध से जुड़ी है, बल्कि राजनीतिक चर्चाओं को भी जन्म देती है। सभी पक्षों द्वारा न्याय की प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरजी कर केस में दिलीप घोष ने क्या कहा?
दिलीप घोष ने कहा कि आरजी कर केस में संलिप्त सभी व्यक्तियों को सजा मिलनी चाहिए।
हुमायूं कबीर के स्टिंग वीडियो पर दिलीप घोष की प्रतिक्रिया क्या थी?
दिलीप घोष ने कहा कि इस वीडियो का कोई अस्तित्व नहीं है और यह दुष्प्रचार है।
राष्ट्र प्रेस
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