कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को दिया उन्नत खेती का नया दृष्टिकोण
सारांश
Key Takeaways
- आधुनिक खेती से किसानों की आय में सुधार हो सकता है।
- फसल बीमा योजना से किसानों को सुरक्षा मिलती है।
- इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल से भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
- मल्टी-पर्पस हार्वेस्टर पर्यावरण के लिए फायदेमंद है।
- उन्नत कृषि उत्सव 2026 किसानों के लिए ज्ञान और नवाचार का मंच है।
रायसेन, १२ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित ‘उन्नत कृषि उत्सव २०२६’ के दूसरे दिन रविवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में भाग लेते हुए किसानों को आधुनिक और उन्नत खेती की दिशा में अग्रसर होने का संदेश दिया।
यह तीन दिवसीय महोत्सव किसानों के लिए कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। मंत्री चौहान ने बताया कि इस कार्यक्रम में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें फसल बीमा योजना, बागवानी, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण और आधुनिक खेती की तकनीकें शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक मेला नहीं है, बल्कि किसानों के लिए सीखने का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए कृषि रोडमैप को जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर क्षेत्र के लिए कृषि विकास की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
शिवराज चौहान ने किसानों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की भीड़ ज्ञान प्राप्त करने के लिए एकत्रित जागरूक किसानों की है। उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल पर जोर देते हुए कहा कि किसान एक एकड़ भूमि पर भी लाखों रुपये की बचत और बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने मल्टी-पर्पस हार्वेस्टर ‘स्टॉक क्रूज़र’ का अवलोकन किया, जो विभिन्न फसलों की कटाई और भूसा तैयार करने में सक्षम है। इससे किसानों को नरवाई जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और प्रदूषण कम होता है।
इस महोत्सव के दौरान कुल आठ प्रमुख सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें फूल और सब्जी उत्पादन, कीट प्रबंधन और रोग नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषय भी शामिल हैं। विशेषज्ञ किसानों को यह समझा रहे हैं कि फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों और बीमारियों से कैसे बचाव किया जाए और कम लागत में अधिक उत्पादन कैसे प्राप्त किया जाए। ‘उन्नत कृषि उत्सव २०२६’ किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और तकनीकी प्रगति का एक बड़ा मंच बनकर उभर रहा है, जो कृषि क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगा।