पप्पू यादव का जदयू से निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन
सारांश
Key Takeaways
- पप्पू यादव का निशांत कुमार के लिए समर्थन महत्वपूर्ण है।
- नीतीश कुमार को बिहार नहीं छोड़ने की सलाह दी गई है।
- महिला आरक्षण बिल पर गरीब और कमजोर तबकों की महिलाओं की मांग है।
- राजनीति में भ्रष्टाचार और नेताओं के चाल-चरित्र पर सवाल उठाए गए हैं।
- इस मुद्दे पर सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण को समझना आवश्यक है।
दरभंगा, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री पद के लिए निशांत कुमार का समर्थन किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को बिहार नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि जनता ने उन्हें चुना है। अगर उन्होंने बिहार छोड़ने का फैसला किया तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन जदयू से ही मुख्यमंत्री होना चाहिए।
पप्पू यादव ने यह भी कहा कि बिहार का मुख्यमंत्री ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो विनम्र हो और जो हिंदू-मुसलमान या जाति की राजनीति न करे। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जदयू से निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनने में क्या कठिनाई है? उन्हें मुख्यमंत्री बनाना चाहिए।
इससे पहले, पप्पू यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में जस्टिस यशवंत वर्मा के बारे में कहा था कि इस देश में एक बड़ा खेल चल रहा है। सभी नेताओं का चाल-चरित्र स्पष्ट हो रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई जस्टिस पैसा लेगा तो वह अपने घर में रखेगा, क्या उसके घर में कोई पैसा नहीं है? उनके इस्तीफे का स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सभी संस्थाओं में भ्रष्टाचार व्याप्त है, और नेताओं में सबसे अधिक भ्रष्टाचार है।
महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के गरीब और कमजोर तबकों को उम्मीद है कि ईबीसी, ओबीसी, एसटी, एससी और अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं को लोकसभा में स्थान मिलना चाहिए। यदि कोई ऐसा बिल लाने की कोशिश करता है जो इन तबकों की महिलाओं को नजरअंदाज करता है, तो उसका विरोध किया जाएगा।
पप्पू यादव ने हाल ही में हुमायूं कबीर को लेकर कहा था कि ये लोग इस्लाम के गद्दार हैं। ऐसे लोगों के कारण विचारों पर हमला होता रहा है। एआईएमआईएम को पहले ही गठबंधन तोड़ देना चाहिए था। कन्हैया कुमार के बयान पर उन्होंने कहा कि देश की संपदा पर कब्जा करने वाले घुसपैठिए हैं। गरीब की जिंदगी से सब कुछ छीन लेना घुसपैठ है।