ईरान के पास बातचीत में अब कोई विकल्प नहीं: ट्रंप
सारांश
Key Takeaways
- ईरान की सैन्य ताकत अब कमजोर है।
- ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास कोई विकल्प नहीं है।
- अमेरिकी सेना को जनता का बड़ा समर्थन प्राप्त है।
- ईरान ने अपने संसाधनों का बड़ा हिस्सा हथियारों पर खर्च किया है।
- ट्रंप पूरी तरह से अपनी शर्तें मनवाना चाहते हैं।
वाशिंगटन, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की सैन्य शक्ति अब बहुत कमजोर हो चुकी है और बातचीत के दौरान उनके पास कोई मजबूत विकल्प नहीं है।
फॉक्स न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने उल्लेख किया कि ईरान ने लंबे समय से अमेरिका के खिलाफ नकारात्मक बातें की हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अक्सर “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इजरायल मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाता रहा है, और यह तक कहता है कि वह अमेरिका को समाप्त कर देगा।
ट्रंप ने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे बयानों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया क्यों कम होती है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन दुनिया इसे उतना महत्व नहीं देती। ट्रंप का दावा है कि हाल में अमेरिका की कार्रवाइयों से स्थिति काफी बदल गई है। उनके अनुसार, ईरान की सेना अब लगभग नष्ट हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि ईरान की नेतृत्व व्यवस्था में भी बदलाव आया है। ट्रंप ने कहा, "यहां सत्ता परिवर्तन हुआ है क्योंकि जिन लोगों से हमने बात की थी, वे बहुत होशियार और तेज थे।" उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि ईरान ने अपने बहुत से संसाधन हथियारों पर खर्च किए, लेकिन अमेरिका ने उन हथियारों का बड़ा हिस्सा नष्ट कर दिया है।
ट्रंप का यह भी कहना है कि उनकी सख्त भाषा और रुख के कारण ही ईरान बातचीत की मेज पर आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंततः अमेरिका को वह सब कुछ मिलेगा जो वह चाहता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी समझौते में थोड़ी-बहुत रियायत नहीं चाहते, बल्कि पूरी तरह से अपनी शर्तें मनवाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे ९० प्रतिशत नहीं चाहिए, मुझे ९५ प्रतिशत नहीं चाहिए। मुझे सब कुछ चाहिए।"
ईरान की वर्तमान स्थिति के बारे में ट्रंप ने कहा कि उसके पास अब कोई ताकत नहीं बची है। उन्होंने कहा कि उसकी नौसेना और वायुसेना लगभग समाप्त हो चुकी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कई जहाज समुद्र में डूब चुके हैं और उनके पास अब नए और मजबूत जहाज भी नहीं हैं। उन्होंने कहा, "उनके पास कोई जहाज नहीं है। १५८ जहाज समुद्र की गहराइयों में समा चुके हैं।" उन्होंने 'सुलेमानी' नामक जहाज के विनाश का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे "हमारी एक 'टाइगर शार्क' - हमारी तेज रफ्तार पनडुब्बी ने नष्ट कर दिया।"
ट्रंप ने इस इंटरव्यू में अमेरिका की सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना बहुत मजबूत है और उसे जनता का बड़ा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जहां सेना को लगभग ९४ प्रतिशत लोगों का समर्थन प्राप्त है, वहीं कांग्रेस और मीडिया की लोकप्रियता कम है। ट्रंप के अनुसार, उनके कार्यकाल में मीडिया पर लोगों का भरोसा काफी घट गया है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। दोनों देशों के बीच बातचीत भी चल रही है और सैन्य गतिविधियां तेज हैं। ट्रंप का रुख सख्त माना जा रहा है और वे ईरान से अपनी शर्तें मनवाना चाहते हैं।