जलियांवाला बाग नरसंहार के स्मृति दिवस पर नेताओं ने शहीदों को किया नमन
सारांश
Key Takeaways
- जलियांवाला बाग नरसंहार १३ अप्रैल १९१९ को हुआ।
- यह घटना स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण मोड़ थी।
- नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
- यह घटना आज भी राष्ट्र की एकता और स्वतंत्रता के लिए प्रेरणा देती है।
- शहीदों की वीरता को याद करने का यह दिन महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जलियांवाला बाग नरसंहार के स्मृति दिवस पर सम्पूर्ण देश अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और अन्य प्रमुख नेताओं ने भी शहीदों को नमन किया है। नेताओं ने इस घटना को देश के इतिहास का एक अत्यंत दुखद अध्याय बताते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान आज भी राष्ट्रसेवा, एकता और स्वतंत्रता के मूल्यों को प्रेरित करता है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "१३ अप्रैल १९१९ को जलियांवाला बाग में स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन। निहत्थे, निर्दोष नागरिकों पर औपनिवेशिक शासन की बर्बरता ने भारत की आत्मा को झकझोर दिया, जिसने पूरे राष्ट्र को स्वतंत्रता के लिए एकजुट होने की प्रेरणा दी।"
उन्होंने आगे कहा, "जलियांवाला बाग की शहादत ने आजादी की लौ को और प्रज्वलित किया, गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने की इच्छा को मजबूत किया और करोड़ों भारतीयों के मन में स्वाभिमान और स्वतंत्रता का जज़्बा जगाया। उन महान आत्माओं को श्रद्धापूर्वक नमन।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जलियांवाला बाग के अमर बलिदानियों को नमन करते हुए कहा, "जलियांवाला बाग वह पावन तीर्थ है, जहां असंख्य राष्ट्रभक्तों ने ब्रिटिश हुकूमत की क्रूरता के सामने अदम्य साहस और अद्वितीय त्याग का परिचय देते हुए मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इन अमर क्रांतिवीरों का बलिदान हमें सदैव राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता रहेगा।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'एक्स' पर लिखा, "स्वतंत्रता की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले जलियांवाला बाग नरसंहार के अमर बलिदानियों को कोटि-कोटि नमन। यह अटूट राष्ट्रप्रेम प्रत्येक नागरिक को देश की सेवा और एकता के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। कृतज्ञ राष्ट्र आपकी वीरता का सदैव ऋणी रहेगा।"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, "१३ अप्रैल १९१९ का वह हृदय विदारक दिवस, जब निर्दोष भारतीयों पर हुए निर्मम अत्याचार ने पूरे देश की चेतना को झकझोर दिया, आज भी हमारे इतिहास का सबसे पीड़ादायक अध्याय है। मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले उन वीरों का साहस, त्याग और अटूट देशभक्ति सदैव हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देती रहेगी।"
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने लिखा, "जलियांवाला बाग नरसंहार के स्मृति दिवस पर मां भारती की स्वाधीनता में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी अमर बलिदानियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपकी अमर गाथा सदैव हमें राष्ट्र के लिए सर्वस्व अर्पित करने और स्वतंत्रता की इस अनमोल धरोहर की रक्षा करने के लिए प्रेरणा देती रहेगी।"