नारी शक्ति वंदन सम्मेलन: पीएम मोदी ने कहा- 'महिलाओं की भागीदारी से बढ़ेगा विकसित भारत का संवाद'
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास
- 'विकसित भारत' के निर्माण में महिलाओं की भूमिका
- महिला आरक्षण अधिनियम का महत्व
- सभी स्तरों पर महिलाओं का नेतृत्व
- भविष्य की दिशा में महिला नेतृत्व
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह 11 बजे दिल्ली में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में भाग लेने से पहले बयान दिया कि यह कार्यक्रम जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं को एक मंच पर लाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम 'विकसित भारत' के निर्माण के प्रयासों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने पर संवाद को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आज सुबह 11 बजे, मैं दिल्ली में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में भाग लूंगा। यह कार्यक्रम जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं को एक मंच पर लाने के साथ-साथ 'विकसित भारत' के निर्माण में उनकी भागीदारी पर चर्चा को आगे बढ़ाएगा। इसमें संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास भी शामिल है।"
प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियाँ और उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाएं भाग लेंगी। इसमें सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सितंबर 2023 में संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। देश भर में महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को ध्यान में रखते हुए, 16 अप्रैल को संसद का सत्र बुलाया जा रहा है।
यह सम्मेलन भारत के विकास पथ को आकार देने में महिलाओं की अधिक भागीदारी के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यह पंचायतों से लेकर संसद तक, सभी स्तरों पर शासन और नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाएगा। यह कार्यक्रम निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व के महत्व पर बल देगा।
यह सम्मेलन 'विकसित भारत 2047' की दिशा में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालेगा। यह 'विकसित भारत 2047' की परिकल्पना के मुख्य स्तंभ के रूप में महिला नेतृत्व वाले विकास के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करेगा।