प्रधानमंत्री मोदी 13 अप्रैल को 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में देंगे संबोधन
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देगा।
- सम्मेलन में कई क्षेत्रों की प्रमुख महिलाएं भाग लेंगी।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महत्व समझाया जाएगा।
- महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
- विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा होगी।
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे सभा को भी संबोधित करेंगे।
इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख महिलाएं और विशेषज्ञ भाग लेंगी। इसमें सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे कई क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सितंबर 2023 में संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को पारित किया, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित की गई हैं। अब, देशभर में महिला आरक्षण को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, 16 अप्रैल को संसद का सत्र बुलाया जा रहा है।
यह सम्मेलन भारत के विकास पथ को आकार देने में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यह पंचायतों से लेकर संसद तक, सभी स्तरों पर शासन और नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी उजागर करेगा। कार्यक्रम निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं के बेहतर प्रतिनिधित्व के महत्व पर जोर देगा।
यह सम्मेलन विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालेगा। यह विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के केंद्रीय स्तंभ के रूप में महिला नेतृत्व वाले विकास के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाएगा।