‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ - महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक नया कदम

Click to start listening
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ - महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक नया कदम

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में महिला आरक्षण विधेयक को 21वीं सदी का ऐतिहासिक निर्णय बताया। यह विधेयक महिलाओं के सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जानें, इस सम्मेलन में क्या कुछ हुआ और महिलाओं को कैसे मिलेगा नया अवसर।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण विधेयक 21वीं सदी का ऐतिहासिक निर्णय है।
  • नारी शक्ति को समर्पित यह अधिनियम संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएगा।
  • अन्नपूर्णा देवी ने इस कार्यक्रम को महिलाओं के सशक्तीकरण का महत्वपूर्ण कदम बताया।
  • सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख महिलाएं शामिल थीं।
  • इस बिल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 21वीं सदी का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय है। यह निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है। हमारी संसद एक नए इतिहास के निर्माण के बहुत करीब है, जो अतीत के संकल्पों को साकार करते हुए भविष्य के सपनों को पूरा करेगा।

इस समारोह में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के साथ खेल, कला, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों की कई प्रमुख महिलाएं उपस्थित थीं। राष्ट्र प्रेस से बातचीत में अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि यह आयोजन महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अन्नपूर्णा देवी ने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होंने आज ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में देश की सभी महिलाओं को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित थीं।

उन्होंने कहा कि हमारी आधी आबादी, जो लंबे समय से संघर्ष कर रही है, को एक नया स्थान मिल सके। 2029 में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हम सभी से अपील करते हैं कि वे अपना योगदान दें।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने महिला आरक्षण बिल के बारे में कहा कि 2023 में नए संसद भवन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पेश किया गया था। इसके तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। नारी हमेशा वंदनीय रही है और हर क्षेत्र में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। 16 अप्रैल को बुलाया गया विशेष सत्र महिलाओं के लिए उत्सव का दिन होगा, जिससे उनकी भागीदारी और बढ़ेगी।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने इस बिल को प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि आज देश की सभी महिलाएं खुश हैं। यह प्रधानमंत्री द्वारा उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है और मैं उनके प्रति तहेदिल से आभार व्यक्त करती हूं।

उन्होंने कहा कि इस बिल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमें एकजुट होकर सहयोग करना चाहिए। जब परिवार की महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो वे पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को आगे ले जाती हैं। हमें इस बिल को साकार करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

कथक नृत्यांगना शोभना नारायण ने कहा कि हमारी सभी महिलाएं प्रतिभाशाली और सक्षम हैं। उन्हें अवसर मिलेंगे, जिससे उन्हें मानसिक संबल, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति प्राप्त होगी। वे अपनी क्षमताओं के बल पर योगदान दे पाएंगी, जिससे न केवल छोटे समुदायों को, बल्कि पूरे समाज को और समग्र रूप से भारत को लाभ होगा।

ज्योतिषाचार्य जय मदान ने कहा कि मेरा मानना है कि हमारे राष्ट्रगान में भी हम मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी का जिक्र करते हैं। इसलिए हमारी संसद में भी समानता होनी चाहिए। मुझे लगता है कि 33 फीसदी आरक्षण से शुरुआत करना एक सकारात्मक और सही कदम है।

Point of View

बल्कि समाज में भी उनके योगदान को मान्यता देगा।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक एक ऐसा कानून है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य क्या है?
इस अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तीकरण को बढ़ावा देना और उन्हें राजनीति में अधिक भागीदारी देने का है।
इस सम्मेलन में कौन-कौन उपस्थित थे?
सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख महिलाएं उपस्थित थीं।
महिलाओं की भागीदारी कब बढ़ेगी?
महिलाओं की भागीदारी विशेष सत्र के दौरान, जो 16 अप्रैल को बुलाया गया है, बढ़ने की संभावना है।
इस विधेयक का प्रभाव क्या होगा?
यह विधेयक महिलाओं को राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए एक नया मंच प्रदान करेगा, जिससे उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
Nation Press