ट्रंप का समुद्री नाकाबंदी का ऐलान, ईरानी जहाजों के खिलाफ दी सख्त चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- डोनाल्ड ट्रंप ने समुद्री नाकाबंदी की घोषणा की।
- ईरानी जहाजों को नष्ट करने की धमकी दी गई।
- किल सिस्टम का उपयोग नशे के तस्करों के खिलाफ किया जाएगा।
- नाकाबंदी से ईरान की आर्थिक शक्ति कमजोर होगी।
- यह नाकाबंदी सोमवार से प्रभावी है।
वाशिंगटन, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समुद्री नाकाबंदी की शुरुआत की घोषणा करते हुए ईरानी जहाजों को नष्ट करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इसी "किल सिस्टम" का उपयोग किया जाएगा, जो आमतौर पर नशे के तस्करों के खिलाफ अपनाया जाता है।
सोमवार को एक बार फिर ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने जानबूझकर 'फास्ट अटैक शिप' को लक्ष्य नहीं बनाया।
ट्रंप ने यह भी कहा, "ईरान की नौसेना समुद्र में पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। हमने इसके १५८ जहाजों को नष्ट कर दिया है। कुछ को छोड़ दिया गया है, जिन्हें हम 'फास्ट अटैक शिप' मानते हैं, क्योंकि हमें लगता है कि वे हमें कोई खतरा नहीं पहुंचाते।"
इसके साथ ही, ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि इनमें से कोई जहाज हमारी नाकाबंदी के पास आया, तो उन्हें तत्काल नष्ट कर दिया जाएगा, उसी 'किल सिस्टम' का इस्तेमाल करते हुए, जिसे हम समुद्र में नशे के डीलरों के खिलाफ लागू करते हैं।
किल सिस्टम की खौफनाक विशेषताओं को बताते हुए उन्होंने कहा कि यह तेज और निर्दयी है। उनका दावा था कि इसके कारण समुद्री रास्ते से अमेरिका में आने वाले ९८.२ प्रतिशत नशे पर रोक लगाई जा चुकी है!
ज्ञात हो कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर लगाए गए समुद्री नाकाबंदी का निर्णय सोमवार शाम ७:३० बजे (अमेरिकी समयानुसार सुबह १० बजे) से प्रभावी हो गया।
ट्रंप ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जो भी जहाज हॉरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने का प्रयास करेगा, उसे रोका जाएगा और उसकी जांच की जाएगी। खासकर उन जहाजों पर ध्यान रखा जाएगा, जो ईरान को टोल देते हैं। जो जहाज ईरान को गैरकानूनी टोल देंगे, उन्हें सुरक्षित मार्ग नहीं दिया जाएगा। ट्रंप का कहना है, "इससे ईरान की आर्थिक शक्ति कम होगी।"