पश्चिम बंगाल चुनाव चरण-2: आरजी कर कांड, संदेशखाली और कानून-व्यवस्था पर बुधवार को जनता का फैसला
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को शेष सीटों पर मतदान होगा; कोलकाता की सभी 11 सीटें इसी चरण में।
- आरजी कर मेडिकल कॉलेज में अगस्त 2024 में हुई डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या की घटना प्रमुख चुनावी मुद्दा बनी हुई है; जाँच CBI को सौंपी गई थी।
- पीड़िता की माँ पनिहाटी सीट से BJP उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं।
- संदेशखाली में TMC नेता शेख शाहजहाँ की फरवरी 2024 में गिरफ्तारी और महिलाओं के यौन शोषण के आरोप चुनावी बहस में केंद्रीय मुद्दा बने।
- 2024 लोकसभा चुनाव में संदेशखाली क्षेत्र में BJP को 47.64%25 वोट मिले थे, TMC की बढ़त केवल 8,400 वोट रही।
- सभी सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित होंगे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार, 30 अप्रैल 2025 को मतदान होगा, जहाँ कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या का मामला, उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में कथित उत्पीड़न और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति केंद्रीय मुद्दे बने हुए हैं। विपक्षी दल इन घटनाओं को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 वर्षों के शासनकाल में हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रमाण के रूप में पेश कर रहे हैं।
मतदान का दायरा और प्रमुख सीटें
राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान हो चुका है। शेष सीटों पर दूसरे चरण में बुधवार को वोट डाले जाएंगे। कोलकाता की सभी 11 विधानसभा सीटों पर भी इसी चरण में मतदान होगा, जिनमें काशीपुर बेलगछिया सीट शामिल है — जहाँ आरजी कर मेडिकल कॉलेज स्थित है। संदेशखाली सीट पर भी बुधवार को मतदान होगा।
आरजी कर कांड और पीड़िता की माँ का चुनाव मैदान में उतरना
अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 32 वर्षीया इंटर्न डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे देश को हिला दिया था। कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी। गौरतलब है कि पीड़िता की माँ अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। BJP इसे न्याय और महिला सुरक्षा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत कर रही है, हालाँकि उनकी उम्मीदवारी पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं — कुछ इसे साहसिक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे न्याय के मुद्दे का राजनीतिकरण बता रहे हैं।
संदेशखाली: हिंसा से चुनावी रणभूमि तक
जनवरी 2024 में संदेशखाली उस समय राष्ट्रीय सुर्खियों में आया, जब राशन घोटाले की जाँच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर हमला हुआ। इस मामले में TMC नेता शेख शाहजहाँ का नाम सामने आया, जिन्हें फरवरी 2024 के अंत में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद इलाके की महिलाओं ने यौन शोषण और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए, जिससे विवाद और गहरा गया। विपक्ष ने राज्य सरकार पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए जाँच राज्य से बाहर कराने की माँग की थी।
चुनावी आँकड़ों पर नज़र डालें तो 2024 लोकसभा चुनाव में बशीरहाट सीट पर TMC उम्मीदवार जीता था, लेकिन संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र में BJP उम्मीदवार को कथित तौर पर करीब 47.64 प्रतिशत वोट मिले थे और TMC को केवल लगभग 8,400 वोटों की बढ़त हासिल हुई थी।
काशीपुर बेलगछिया और संदेशखाली में TMC का ऐतिहासिक दबदबा
काशीपुर बेलगछिया सीट लंबे समय से TMC का गढ़ रही है। 2021 विधानसभा चुनाव में TMC उम्मीदवार ने BJP प्रत्याशी को 35,000 से अधिक वोटों से हराया था। वहीं संदेशखाली में TMC ने 2016 में वाम दलों का लंबे समय का कब्जा समाप्त किया था और 2021 में करीब 39,700 वोटों के अंतर से सीट बरकरार रखी थी। यह ऐसे समय में आया है जब संदेशखाली कांड के बाद राजनीतिक समीकरण बदले हुए नज़र आ रहे हैं।
परिणाम और आगे की राह
पनिहाटी, काशीपुर बेलगछिया और संदेशखाली समेत सभी सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव न केवल राज्य की सत्ता का फैसला करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि क्या कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे TMC के परंपरागत वोट आधार को प्रभावित कर पाते हैं।