कोलकाता पोर्ट सीट से राकेश सिंह बने भाजपा के उम्मीदवार, जेल से रिहा होते ही किया गया नामांकित

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कोलकाता पोर्ट सीट से राकेश सिंह बने भाजपा के उम्मीदवार, जेल से रिहा होते ही किया गया नामांकित

सारांश

भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कोलकाता पोर्ट सीट से राकेश सिंह को उम्मीदवार बनाया है। जेल से रिहा होने के बाद उनका स्वागत हुआ, जिससे उनके समर्थन का संकेत मिलता है।

Key Takeaways

  • राकेश सिंह को कोलकाता पोर्ट सीट से भाजपा का उम्मीदवार घोषित किया गया है।
  • उन्हें जेल से अंतरिम जमानत मिली है।
  • राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
  • महिला अर्धसैनिक जवानों की भी रिकॉर्ड संख्या में तैनाती की गई है।
  • नामांकन की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कोलकाता पोर्ट सीट से राकेश सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इसके साथ ही, पार्टी ने राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 293 पर अपने प्रत्याशियों के नाम भी जारी कर दिए हैं।

इस बीच, भाजपा नेता राकेश सिंह को मंगलवार दोपहर को प्रेसिडेंसी जेल से रिहा किया गया। उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम जमानत दी गई थी, जिससे वे कोलकाता पोर्ट सीट से चुनाव लड़ सकें। जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया, जिससे उनके प्रति स्थानीय समर्थन का पता चलता है।

हालांकि, उनके रिहाई के समय तक भाजपा ने औपचारिक रूप से उन्हें उम्मीदवार घोषित नहीं किया था, लेकिन पार्टी ने उच्च न्यायालय को पहले ही बता दिया था कि राकेश सिंह इस सीट से उनके उम्मीदवार होंगे। अब इस आधिकारिक घोषणा के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल निर्धारित की गई है, और उम्मीद है कि राकेश सिंह उसी दिन अपना नामांकन पत्र जमा करेंगे।

न्यायमूर्ति कौसिक चंदा ने अपने जमानत आदेश में यह स्पष्ट किया कि यदि राकेश सिंह को पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन नहीं मिलता है, तो राज्य सरकार उनकी जमानत रद्द करने के लिए आवेदन कर सकती है। इस टिप्पणी से अदालत ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि जमानत का उद्देश्य केवल चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी तक सीमित रहे।

वहीं, राज्य सरकार ने राकेश सिंह की जमानत का विरोध करते हुए उनके आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला दिया। सरकार के अनुसार, चुनाव आयोग के पोर्टल पर सिंह को “अपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले” और “उपद्रवी” के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि, राकेश सिंह ने उच्च न्यायालय में दलील दी है कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों में उन्हें या तो नियमित जमानत या अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य में अब तक की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। लगभग 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों के जवान तैनात किए गए हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग 2,40,000 है। यह तैनाती पिछले चुनाव के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है, जो सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दिखाता है।

इस बार महिला सुरक्षा कर्मियों की भी रिकॉर्ड संख्या में तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, करीब 20,000 महिला अर्धसैनिक जवान, यानी लगभग 200 कंपनियां चुनाव ड्यूटी में लगाई गई हैं।

Point of View

राज्य सरकार का विरोध भी इस मुद्दे को और जटिल बनाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी प्रक्रिया में इसके क्या नतीजे निकलते हैं।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

राकेश सिंह को क्यों जेल से रिहा किया गया?
उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम जमानत प्रदान की गई थी ताकि वे कोलकाता पोर्ट सीट से चुनाव लड़ सकें।
भाजपा ने कुल कितनी सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं?
भाजपा ने राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 293 पर अपने प्रत्याशियों के नाम जारी किए हैं।
चुनाव में सुरक्षा के इंतजाम कैसे हैं?
राज्य में लगभग 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों के जवान तैनात किए गए हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग 2,40,000 है।
क्या राकेश सिंह के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड है?
जी हाँ, चुनाव आयोग के पोर्टल पर उन्हें 'अपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले' के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
राकेश सिंह का नामांकन कब होगा?
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है, और उम्मीद है कि राकेश सिंह उसी दिन अपना नामांकन पत्र जमा करेंगे।
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