बांग्लादेश में महंगाई और सीमित वित्तीय संसाधनों पर वर्ल्ड बैंक की चेतावनी

Click to start listening
बांग्लादेश में महंगाई और सीमित वित्तीय संसाधनों पर वर्ल्ड बैंक की चेतावनी

सारांश

वर्ल्ड बैंक ने अपनी नई रिपोर्ट में बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं जताई हैं। महंगाई, चालू खाता घाटा और गरीबी में वृद्धि की संभावना है। क्या बांग्लादेश इन चुनौतियों का सामना कर पाएगा?

Key Takeaways

  • महंगाई में वृद्धि का अनुमान
  • चालू खाता घाटा बढ़ने की संभावना
  • गरीबी दर में वृद्धि
  • राजकोषीय संसाधनों की कमी
  • राजनीतिक स्थिरता और सुधार की आवश्यकता

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्य पूर्व में चल रहे लंबे संघर्ष का बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे महंगाई में वृद्धि, चालू खाता घाटा (सीएडी) में वृद्धि, निर्यात में कमी, रेमिटेंस में गिरावट और ऊर्जा सब्सिडी के कारण सरकार की खर्च करने की क्षमता में कमी आ सकती है।

वर्ल्ड बैंक की 'बांग्लादेश डेवलपमेंट अपडेट' रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026 में बांग्लादेश की आर्थिक वृद्धि दर केवल 3.9 प्रतिशत रह सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जैसे बढ़ती गरीबी, लगातार उच्च महंगाई, बैंकिंग क्षेत्र पर दबाव, कमजोर राजस्व संग्रह और निजी निवेश में कमी। इन समस्याओं पर मिडिल ईस्ट संकट ने और दबाव डाला है।

वित्तीय वर्ष 2026 में महंगाई दर 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसमें खाद्य और गैर-खाद्य दोनों प्रकार की कीमतें ऊँची हैं। कम आय वाले वर्ग की आय महंगाई के साथ नहीं बढ़ रही, जिससे उनकी खरीदने की क्षमता में कमी आ रही है।

देश में गरीबी दर 2022 के 18.7 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 21.4 प्रतिशत होने की उम्मीद है, जिससे 2025 में लगभग 14 लाख लोग और गरीब होंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमित विदेशी मुद्रा भंडार, सख्त वित्तीय और मौद्रिक परिस्थितियाँ और कमजोर बैंकिंग प्रणाली के कारण बांग्लादेश के पास लंबे समय तक झटकों का सामना करने की क्षमता कम है, विशेषकर गरीब और कमजोर वर्गों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ेगा।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि 2026 के चुनावों के बाद राजनीतिक स्थिरता बनी रहती है और संरचनात्मक सुधार तेजी से किए जाते हैं, तो अर्थव्यवस्था में सुधार संभव है।

वर्ल्ड बैंक के बांग्लादेश और भूटान प्रभाग के निदेशक जीन पेस्मे का कहना है कि यदि राजस्व संग्रह, वित्तीय क्षेत्र और कारोबारी माहौल में ठोस सुधार नहीं हुए, तो अर्थव्यवस्था की मजबूती लंबे समय तक नहीं टिकेगी।

वहीं, वरिष्ठ अर्थशास्त्री ध्रुव शर्मा का कहना है कि तेजी से बढ़ते कार्यबल को रोजगार देने और आर्थिक विकास बनाए रखने के लिए कारोबारी माहौल में सुधार अनिवार्य है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "नियमों में सुधार, बेहतर प्रतिस्पर्धा नीति, सरकारी कंपनियों के लिए समान अवसर, व्यापार नीतियों को सरल बनाना और बिजली आपूर्ति में सुधार जैसे कदम निजी क्षेत्र की वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण होंगे।"

Point of View

अन्यथा देश की आर्थिक स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश की आर्थिक वृद्धि दर कितनी है?
रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की आर्थिक वृद्धि दर वित्तीय वर्ष 2026 में 3.9 प्रतिशत रह सकती है।
महंगाई दर क्या है?
वित्तीय वर्ष 2026 में महंगाई दर 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
गरीबी दर में क्या बदलाव आया है?
2022 में 18.7 प्रतिशत की गरीबी दर 2025 में बढ़कर 21.4 प्रतिशत हो गई है।
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में क्या सुझाव दिए गए हैं?
रिपोर्ट में नियमों में सुधार, प्रतिस्पर्धा नीति में सुधार और बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए सुझाव दिए गए हैं।
क्या बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था में सुधार संभव है?
अगर राजनीतिक स्थिरता बनी रहती है और संरचनात्मक सुधार तेजी से किए जाते हैं, तो अर्थव्यवस्था में सुधार संभव है।
Nation Press