क्या बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की हालत खस्ता है? एक साल में कर्ज 14 प्रतिशत बढ़ा
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश का कर्ज पिछले एक साल में 14 प्रतिशत बढ़ा है।
- राजनीतिक अस्थिरता देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है।
- टैक्स-टू-जीडीपी अनुपात 7-7.5 प्रतिशत है।
- विदेशी कर्ज का अनुपात 162 प्रतिशत है।
- आर्थिक विकास दर लगभग 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
नई दिल्ली, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश सरकार का कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है और बीते एक साल में इसमें 14 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
बांग्लादेश सरकार के वित्तीय विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों में बताया गया है कि कुल सरकारी कर्ज अब जून 2025 तक 21,44,340 करोड़ टका - बांग्लादेश की स्थानीय मुद्रा (भारतीय रुपयों में करीब 15,68,056 करोड़) पहुँच गया है, जो पिछले साल के कर्ज 18,89,000 करोड़ टका से 14 प्रतिशत अधिक है।
इसमें 9,49,000 करोड़ टका विदेशी कर्ज है, जबकि 11,95,000 करोड़ टका घरेलू कर्ज है।
एक ओर बांग्लादेश सरकार का कर्ज बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक अस्थिरता और कानून व्यवस्था की कमी से देश की अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रही है।
बांग्लादेश प्रशासन का खर्च बढ़ता जा रहा है, जबकि आय उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रही, जिसके चलते आय और खर्च के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है।
बीते वित्त वर्ष में बांग्लादेश सरकार का कर्ज 2,50,000 करोड़ टका बढ़ा है, जो देश के इतिहास में सबसे तेज कर्ज वृद्धि में से एक है। बांग्लादेश बैंक के डेटा के अनुसार, सरकार ने वित्त वर्ष 25 में 72,372 करोड़ टका का कर्ज लिया था।
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से अर्थव्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है।
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की विकास दर लगभग 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, देश का टैक्स-टू-जीडीपी अनुपात दक्षिण एशिया में सबसे कमजोर 7-7.5 प्रतिशत बना हुआ है, जो कि भारत में लगभग 12 प्रतिशत है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, बांग्लादेश का विदेशी कर्ज अर्थव्यवस्था के लिए मध्यम श्रेणी का जोखिम है।
बांग्लादेश का डेट-टू-एक्सपोर्ट अनुपात 162 प्रतिशत हो गया है, जो सुरक्षित सीमा से काफी अधिक है। यह उस समय में तेजी से बढ़ रहा है जब देश का निर्यात गिरने का अनुमान है। इससे बांग्लादेश के सामने दिवालिया होने का खतरा बढ़ गया है।