बांग्लादेश में खाद्य महंगाई की स्थिति गंभीर, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता

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बांग्लादेश में खाद्य महंगाई की स्थिति गंभीर, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता

सारांश

बांग्लादेश में खाद्य महंगाई की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि की है कि देश खाद्य असुरक्षा के 'रेड' स्तर पर बना हुआ है। जानिए इसके पीछे के कारण और संभावित परिणाम।

Key Takeaways

  • बांग्लादेश की खाद्य महंगाई की स्थिति 'रेड' श्रेणी में है।
  • महंगाई में वृद्धि गरीब लोगों को सबसे अधिक प्रभावित कर रही है।
  • मध्य पूर्व संकट का आयात पर प्रभाव पड़ सकता है।
  • सरकारी आंकड़े ८.५ से प्रतिशत महंगाई दर्शाते हैं।
  • खाद्य महंगाई का आंकड़ा ९.३ प्रतिशत तक पहुँच गया है।

नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्टों और वर्ल्ड बैंक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश लगातार पिछले तीन वर्षों से उन अर्थव्यवस्थाओं की 'रेड' श्रेणी में है, जहाँ खाद्य असुरक्षा और महंगाई का खतरा बहुत अधिक है।

हालांकि, सरकार की विभिन्न पहलों के चलते कुल महंगाई में कुछ कमी आई है, लेकिन पिछले पाँच महीनों में खाद्य पदार्थों की महंगाई फिर से बढ़ी है।

ढाका के समाचार पत्र प्रोथोम आलो के अनुसार, हाल ही में आई वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने पिछले दस महीनों में उच्च खाद्य महंगाई के कारण बांग्लादेश की 'रेड' स्थिति को स्पष्ट किया है। इसका अर्थ है कि देश में खाद्य असुरक्षा का खतरा कम नहीं हो रहा है और मध्य पूर्व संकट के कारण यह और बढ़ सकता है।

बांग्लादेश के अलावा, पिछले दस महीनों से १३ अन्य देश भी 'रेड' श्रेणी में हैं। इनमें इथियोपिया, मोजाम्बिक, अंगोला, घाना, मंगोलिया, नाइजीरिया, ट्यूनीशिया, यूक्रेन, जाम्बिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, मोल्दोवा और रूस शामिल हैं।

साउथ एशियन नेटवर्क ऑन इकोनॉमिक मॉडलिंग (एसएएनईएम) के कार्यकारी निदेशक सलीम रायहान ने प्रोथोम आलो को बताया कि खाद्य महंगाई में वृद्धि बेहद चिंताजनक है। यदि मध्य पूर्व संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका प्रभाव देश के आयात पर पड़ेगा, जिससे महंगाई और बढ़ सकती है।

रायहान ने यह भी कहा कि पड़ोसी देशों की तुलना में बांग्लादेश में महंगाई को नियंत्रित करने में काफी कठिनाई हो रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महंगाई दर ८.५ से प्रतिशत के बीच है, लेकिन वास्तविकता में यह और अधिक है।

बांग्लादेश सांख्यिकी ब्यूरो (बीबीएस) ने फरवरी तक के महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं, जबकि वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट पिछले नवंबर तक के डेटा पर आधारित है। बीबीएस के अनुसार, फरवरी में खाद्य महंगाई ९.३ प्रतिशत रही, जो पिछले १३ महीनों में सबसे अधिक है।

पिछले तीन वर्षों से खाद्य महंगाई काफी अधिक बनी हुई है। पहले, गरीब और सीमित आय वाले लोगों को इतनी लंबी अवधि तक ऐसी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा था।

गरीब लोगों की आय का एक बड़ा हिस्सा भोजन खरीदने में खर्च होता है। महंगाई के दौरान वे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

विश्व बैंक की सूची में शामिल अन्य देशों में पिछले एक साल के दौरान खाद्य पदार्थों की महंगाई 'रेड', 'पर्पल', 'येलो' और 'ग्रीन' श्रेणियों के बीच उतार-चढ़ाव देखी गई है। कुछ देशों ने अपनी खाद्य मुद्रास्फीति की स्थिति में सुधार किया है, जबकि दूसरों की स्थिति और बिगड़ गई है।

Point of View

जो गरीब और सीमित आय वाले लोगों के लिए नई चुनौतियाँ पेश कर रही है। यह रिपोर्ट देश की आर्थिक स्थिरता पर गंभीर प्रश्न उठाती है।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या बांग्लादेश में खाद्य महंगाई की स्थिति में सुधार हो रहा है?
हालांकि कुल महंगाई में कुछ कमी आई है, लेकिन खाद्य महंगाई फिर से बढ़ी है, जिससे स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
कौन से देश बांग्लादेश के साथ 'रेड' श्रेणी में हैं?
इथियोपिया, मोजाम्बिक, अंगोला, घाना, मंगोलिया, नाइजीरिया, ट्यूनीशिया, यूक्रेन, जाम्बिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, मोल्दोवा और रूस भी 'रेड' श्रेणी में हैं।
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