पश्चिम एशिया संघर्ष से बांग्लादेश में हालात बिगड़ने का खतरा, तेल संकट से महंगाई बढ़ने की संभावना
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम एशिया में संघर्ष से बांग्लादेश पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
- ईरान के हमलों के चलते कतर ने गैस आपूर्ति पर रोक लगाई है।
- तेल संकट के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका है।
- विश्लेषकों ने स्थिति को गंभीर बताया है।
- स्थानीय नागरिकों में चिंता का माहौल है।
ढाका, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में संघर्ष का दौर जारी है। इस बीच, ईरान ने कतर के विभिन्न प्लांटों पर घातक हमले किए हैं, जिसके चलते कतर ने बड़े कदम उठाए हैं, जिससे एशियाई आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो गई है। खासकर, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के लिए यह एक गंभीर संकट बनता जा रहा है। इस संदर्भ में, बांग्लादेश के आर्थिक विश्लेषक और आम नागरिकों ने न्यूज एजेंसी राष्ट्र प्रेस से अपनी चिंताएं साझा की हैं।
आर्थिक विश्लेषक खुंडाकर हसन शहरियार ने कहा कि वर्तमान युद्ध की स्थिति हमारे जैसे देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भी इससे काफी प्रभावित हो रहा है। हालांकि, फिलहाल हमें किसी कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है, लेकिन हमें सतर्क रहना चाहिए।
हसन शहरियार ने आगे कहा कि पिछले 17-18 महीनों में, बांग्लादेश-भारत के विदेश नीति संबंधों में गिरावट आई है। इसी कारण, हमें मित्र देशों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पा रहा है।
वहीं, स्थानीय निवासी अब्दुल मन्नान ने कहा कि तेल संकट के कारण परिवहन लागत में वृद्धि होगी। इसके फलस्वरूप, दैनिक आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि होगी, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी दबाव पड़ेगा। अभी तेल उपलब्ध है, लेकिन लोग चिंतित हैं कि यह स्थिति कब तक बनी रहेगी।
अब्दुल मन्नान ने कहा कि तेल संकट के कारण परिवहन किराया बढ़ेगा, जिससे दैनिक आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी प्रभावित होंगी।
एक निजी विश्वविद्यालय की छात्रा फरहाना ने कहा, "मुझे लगता है कि यह मूल्य वृद्धि हमारे लिए बहुत बुरी है। पूरी दुनिया आर्थिक मंदी की ओर बढ़ रही है।"
बता दें कि ईरानी हमले के बाद कतर ने एलएनजी आपूर्ति और उत्पादन पर रोक लगा दी है, जिससे एशियाई बाजार में गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। खासकर बांग्लादेश के लिए इस पर निर्भरता ने ऊर्जा संकट को और बढ़ा दिया है।