पीएम ई-ड्राइव योजना मार्च 2028 तक बढ़ी: इलेक्ट्रिक दोपहिया पर ₹5,000 तक की सब्सिडी, ₹11,900 करोड़ का बजट
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 11 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (पीएम ई-ड्राइव) योजना की अवधि दो वर्ष बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दी है, जिससे इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (ईवी-2डब्ल्यू) खरीदारों को ₹5,000 तक की सब्सिडी मिलती रहेगी। भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार, विस्तारित योजना के लिए ₹11,900 करोड़ का कुल बजट निर्धारित किया गया है, जिसका उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना और घरेलू ईवी विनिर्माण को सुदृढ़ करना है।
योजना की नई शर्तें और प्रोत्साहन संरचना
1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 के बीच पंजीकृत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खरीद पर यह प्रोत्साहन लागू होगा। सरकार ने प्रोत्साहन दर ₹2,500 प्रति किलोवाट-घंटा (kWh) तय की है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹5,000 प्रति वाहन होगी। इसके साथ ही, सब्सिडी की राशि वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी — यानी अधिकतम निर्धारित प्रोत्साहन और वाहन मूल्य के 15% में से जो कम होगा, वही लाभार्थी को मिलेगा।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया की एक्स-फैक्ट्री कीमत ₹1.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। मंत्रालय ने अधिकतम 45.79 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को सहायता देने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए ₹2,767 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पुरानी योजना से तुलना: सब्सिडी में कमी
गौरतलब है कि नई व्यवस्था में मिलने वाला प्रोत्साहन पहले की तुलना में कम है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान इलेक्ट्रिक दोपहिया पर ₹5,000 प्रति kWh की दर से प्रोत्साहन दिया जाता था, जिसकी अधिकतम सीमा ₹10,000 प्रति वाहन थी। यानी नई योजना में प्रति kWh प्रोत्साहन आधा और अधिकतम सीमा भी आधी कर दी गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ईवी की उत्पादन लागत में आने वाली कमी को देखते हुए प्रति kWh प्रोत्साहन राशि की समय-समय पर समीक्षा की जा सकती है।
फंड-सीमित योजना: बजट खत्म होते ही बंद
पीएम ई-ड्राइव एक फंड-सीमित योजना के रूप में संचालित होगी। इसका अर्थ है कि कुल भुगतान ₹11,900 करोड़ के निर्धारित बजट तक ही सीमित रहेगा। यदि किसी विशेष घटक के लिए आवंटित राशि समय से पहले समाप्त हो जाती है, तो उस घटक को बंद किया जा सकता है और उसके बाद के नए दावे स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह प्रावधान खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सब्सिडी की उपलब्धता अंतिम तिथि से पहले भी समाप्त हो सकती है।
समयसीमा और दावे की अंतिम तिथि
योजना के तहत सभी श्रेणियों के लिए 31 मार्च 2028 अंतिम तारीख निर्धारित है। हालांकि, सब्सिडी दावे जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2027 रखी गई है। यह अंतर महत्वपूर्ण है — वाहन खरीद और दावा प्रस्तुति की समयसीमा अलग-अलग है, जिससे खरीदारों को समय रहते आवेदन करना होगा।
व्यापक लक्ष्य और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत ईवी अपनाने की दर बढ़ाने और चीन पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू विनिर्माण को प्राथमिकता दे रहा है। योजना का दीर्घकालिक लक्ष्य भारत को ईवी निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है। मंत्रालय के अनुसार, चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि रेंज-एंग्ज़ाइटी जैसी उपभोक्ता चिंताओं को दूर किया जा सके।