क्या भारत में फरवरी 2025 तक 56.75 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं?

सारांश
Key Takeaways
- 56.75 लाख इलेक्ट्रिक वाहन फरवरी 2025 तक पंजीकृत हुए हैं।
- इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- सरकार ने 2030 तक ईवी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।
- सरकार ने फेम-3 स्कीम शुरू की है।
- 7,432 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की गई है।
नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तेजी से अपनाया जा रहा है और फरवरी 2025 तक 56.75 लाख ईवी पंजीकृत हो चुके हैं। यह जानकारी सरकारी डेटा में प्रस्तुत की गई है।
आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 25 में देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 11.49 लाख यूनिट्स रही, जो पिछले वित्त वर्ष के आंकड़े 9.48 लाख यूनिट्स से 21 प्रतिशत अधिक है।
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहे हैं। सरकार ने 2030 तक कुल वाहनों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है।
सरकार ईवी इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने और निर्माण (फेम-2), पीएम ई-ड्राइव, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम, पीएम ई-बस सेवा शामिल हैं।
फेम-2 की सफलता को देखते हुए सरकार ने फेम-3 स्कीम को शुरू किया है, जिसके तहत 16,29,600 ईवी वाहनों को समर्थन किया जा रहा है, जिसमें दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया वाहन और बस शामिल हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए, भारी उद्योग मंत्रालय ने मार्च 2023 में तीन तेल कंपनियों - इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन - को पूरे भारत में अपने ईंधन आउटलेट पर 7,432 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 800 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे।
मार्च 2024 में, 980 चार्जिंग स्टेशनों को अपग्रेड करने के लिए अतिरिक्त 73.50 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे।
9,332 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पीसीएस की स्थापना के लिए कुल 912.50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत 30 जून 2025 तक 8,885 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पीसीएस स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।