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CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा न दें तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके

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CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा न दें तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके

सारांश

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने CEC ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे की 48 घंटे की अल्टीमेटम दी है। समयसीमा पार होने पर 2 अक्टूबर — गांधी जयंती — से मुंबई में देशव्यापी आंदोलन शुरू होगा। दिपके का आरोप है कि 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।

मुख्य बातें

अभिजीत दिपके (सीजेपी संस्थापक) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे की 48 घंटे की अल्टीमेटम दी है।
समयसीमा पूरी होने पर 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) से मुंबई में देशव्यापी आंदोलन शुरू होगा।
दिपके का दावा है कि देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।
सीईसी पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है।
मुख्य चुनाव आयोग या सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 25 सितंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए घोषणा की कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार नियत समयसीमा के भीतर पद नहीं छोड़ते, तो 2 अक्टूबर 2026 से मुंबई में देशव्यापी विरोध आंदोलन का आगाज़ किया जाएगा। दिपके ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'अगर ज्ञानेश कुमार कल तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सीजेपी 2 अक्टूबर से मुंबई से अपना देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी और इसे देश के कई शहरों तक ले जाएगी। इस गांधी जयंती पर आइए लोकतंत्र को बचाने का संकल्प लें।'

मुख्य घटनाक्रम

इस ऐलान से पहले गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे की अल्टीमेटम दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि जब तक इस्तीफा नहीं होगा, पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी और पीछे नहीं हटेगी।

दिपके ने ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, 'मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद सरकार तय कर रही है कि किसे वोट देने की अनुमति होगी और किसे नहीं। क्या ऐसी व्यवस्था को लोकतंत्र कहा जा सकता है।'

मतदाता सूची विवाद

दिपके ने चुनाव आयोग से जुड़ी एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। उन्होंने इसे असाधारण बताया और कहा कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटना चुनावी राजनीति पर गहरा असर डाल सकता है।

गौरतलब है कि मतदाता सूची से नाम हटाने का मुद्दा हाल के महीनों में कई विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों की आपत्तियों का केंद्र रहा है। दिपके के आरोप इस व्यापक बहस का हिस्सा हैं, हालांकि चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस मामले में सामने नहीं आई है।

लोकतंत्र पर दिपके का तर्क

दिपके ने कहा कि लोकतंत्र का असल अर्थ यह है कि जनता अपने प्रतिनिधियों और सरकार को स्वयं चुने। उनके अनुसार मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से नागरिकों के मताधिकार पर सीधा प्रहार होता है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में मतदाता पंजीकरण और सूची शुद्धिकरण की प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक विमर्श तेज़ हुआ है। 2 अक्टूबर — गांधी जयंती — को चुनना प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह तिथि ऐतिहासिक रूप से अहिंसक प्रतिरोध आंदोलनों से जुड़ी रही है।

आगे क्या होगा

अभिजीत दिपके के अनुसार यदि ज्ञानेश कुमार समयसीमा के भीतर इस्तीफा नहीं देते, तो सीजेपी का आंदोलन मुंबई से शुरू होकर देश के कई शहरों में फैलेगा। पार्टी का कहना है कि वह इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखेगी।

इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्य चुनाव आयोग या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है। आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक राजनीतिक ध्यान आकर्षित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए यह आंदोलन कितना व्यापक जन-समर्थन जुटा पाएगा, यह देखना होगा। हालांकि, मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने का दावा — यदि स्वतंत्र रूप से सत्यापित हो — तो यह गंभीर संवैधानिक प्रश्न खड़ा करता है जिसे केवल एक छोटे दल की माँग तक सीमित नहीं किया जा सकता। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर माँग करने वाले दल की साख पर टिक जाती है और मूल डेटा की जाँच नहीं करती — यही वह अंतर है जो पाठकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग की चुप्पी इस बहस को और लंबा खींच सकती है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिजीत दिपके ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों की है?
दिपके का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि यह नागरिकों के मताधिकार पर सीधा हमला है।
सीजेपी का देशव्यापी आंदोलन कब और कहाँ से शुरू होगा?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन 2 अक्टूबर 2026 — गांधी जयंती — से मुंबई में शुरू होगा। पार्टी का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन बाद में देश के कई अन्य शहरों तक फैलाया जाएगा।
13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का दावा क्या है?
दिपके ने चुनाव आयोग से जुड़ी एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह दावा किया है। उनके अनुसार इतनी बड़ी संख्या में नाम हटना असामान्य है और इसका चुनावी परिणामों पर सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक उपलब्ध नहीं है।
मुख्य चुनाव आयोग ने इस पर क्या कहा है?
अभी तक मुख्य चुनाव आयोग या सरकार की ओर से दिपके के आरोपों और इस्तीफे की माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) एक राजनीतिक दल है जिसकी स्थापना अभिजीत दिपके ने की है। यह दल राष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षाकृत नई और सीमित उपस्थिति वाला संगठन है।
राष्ट्र प्रेस
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