अभिजीत दिपके की फडणवीस सरकार को चुनौती: '2 अक्टूबर से पहले गिरफ्तार करके दिखाओ'
सारांश
मुख्य बातें
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 1 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि वह रणनीतिक भूलें न करे और अधिकारियों को खुली चुनौती दी कि 2 अक्टूबर को निर्धारित सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों से पहले उन्हें गिरफ्तार करके दिखाएं।
गिरफ्तारी की चुनौती और '20 जुलाई' की चेतावनी
दिपके ने सरकार को स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर आप हमें गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो अभी करें — 20 जुलाई को हुई गलती को न दोहराएं।' उनका यह बयान उस तारीख की ओर संकेत करता है जब सत्ताधारी गठबंधन द्वारा की गई कार्रवाई को, दिपके के अनुसार, रणनीतिक भूल माना गया।
मुख्यमंत्री फडणवीस के उस हालिया बयान पर तंज कसते हुए, जिसमें कहा गया था कि प्रदर्शनकारियों को जमानत मिलने से पहले तीन दिन जेल में रहना पड़ सकता है, दिपके ने कहा, 'मुझे तीन दिन के बजाय तीन महीने जेल में रख लो — मैं बार-बार सड़कों पर उतरूंगा।'
मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप
दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'देश का गद्दार' बताते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश भर में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जो कि बड़े पैमाने पर हेरफेर का संकेत है।
दिपके ने कहा, 'जो भी मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बैठे, उसे पारदर्शी होना चाहिए। जब वे 13 करोड़ मतदाता सड़कों पर उतरेंगे, तो जनता ज्ञानेश कुमार के बॉस के इस्तीफे की मांग करेगी।'
उन्होंने यह भी माँग की कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) हाल की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) सूची को तत्काल रोके और आगामी चुनाव 2005 की मतदाता सूची के आधार पर कराए।
शिवाजी पार्क और अनुमति पर विवाद
दिपके ने विरोध प्रदर्शनों के लिए पुलिस की औपचारिक अनुमति की आवश्यकता को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्वाधीनता संग्राम का उदाहरण देते हुए कहा, 'अगर महात्मा गांधी ने भी विरोध करने के लिए अंग्रेजों से इजाजत माँगी होती, तो वे मना कर देते। इजाजत मिले या न मिले, हम मार्च करेंगे।'
उन्होंने स्थल आवंटन में भेदभाव का भी आरोप लगाया और कहा, 'अगर देवेंद्र फडणवीस शिवाजी पार्क में राजनीतिक रैली कर सकते हैं और वोट माँग सकते हैं, तो हमें उसी जगह प्रदर्शन करने से क्यों रोका जा रहा है?'
4 अक्टूबर का संयुक्त आंदोलन और विपक्षी एकजुटता
दिपके ने घोषणा की कि सीजेपी 4 अक्टूबर को होने वाले विपक्ष के संयुक्त आंदोलन को पूर्ण समर्थन देगा। उनके अनुसार, वे स्वयं देशव्यापी दौरे पर रहेंगे, जबकि सीजेपी के कार्यकर्ता मुंबई में पार्टी सीमाओं से ऊपर उठकर ECI के विरुद्ध एक व्यापक संयुक्त मोर्चे में शामिल होंगे।
गौरतलब है कि विपक्षी दल 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में ECI मुख्यालय के बाहर बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी में हैं। इस प्रकार 2 अक्टूबर का मुंबई प्रदर्शन विपक्षी गुटों और चुनाव आयोग के बीच बढ़ते टकराव की शुरुआत बताया जा रहा है।
2029 चुनाव और युवा मतदाताओं पर जोर
भविष्य के चुनावी समीकरणों पर बात करते हुए दिपके ने कहा कि 2029 के आम चुनावों में 'Gen Z' सबसे बड़ा मतदाता समूह होगा। उन्होंने कहा, 'यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें वैसा देश दें जिसकी वे कल्पना करते हैं।'
यह आंदोलन ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फेरबदल को लेकर विपक्ष पहले से ही आक्रामक रुख अपना रहा है और ECI की स्वायत्तता पर सवाल उठते जा रहे हैं।