2 अक्टूबर 2026
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शिवाजी पार्क धरना: सीजेपी की मुंबई जनता से अपील, सीएम फडणवीस बोले — झूठा नैरेटिव नहीं चलेगा

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शिवाजी पार्क धरना: सीजेपी की मुंबई जनता से अपील, सीएम फडणवीस बोले — झूठा नैरेटिव नहीं चलेगा

सारांश

गांधी जयंती पर मुंबई के शिवाजी पार्क में सीजेपी का 'लोकतंत्र बचाओ' धरना — एक तरफ सीएम फडणवीस का आरोप कि यह झूठे नैरेटिव की राजनीति है, दूसरी तरफ सीजेपी का दावा कि 13 करोड़ वोटरों के अधिकारों की लड़ाई है। टकराव तेज है।

मुख्य बातें

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क में 'लोकतंत्र बचाओ' धरना आयोजित किया।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची से 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने का आरोप लगाया।
सीजेपी नेता सिद्धांत भारद्वाज ने 40,000–50,000 और संभवतः 1 लाख से अधिक प्रदर्शनकारियों के जुटने का अनुमान दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा — तीनों चुनाव आयुक्तों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष का झूठा नैरेटिव उजागर कर दिया है।
BJP नेता परिणय फुके ने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें इस आंदोलन को वित्त पोषित कर रही हैं।
एनसीपी (सपा) सांसद सुप्रिया सुले ने सीजेपी के धरने को समर्थन दिया।

मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित धरने को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई। एक ओर सीजेपी नेताओं ने मुंबईवासियों से भारी संख्या में धरनास्थल पर पहुँचने की अपील की, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखे शब्दों में पलटवार करते हुए कहा कि झूठा नैरेटिव आगे बढ़ाने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी। यह प्रदर्शन गांधी जयंती के दिन हुआ, जिसे सीजेपी ने प्रतीकात्मक रूप से 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान का हिस्सा बताया।

सीएम फडणवीस का पलटवार

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'मैं शुरू में ही यह साफ कर देना चाहता हूँ कि सब कुछ पहले ही सामने आ चुका है। तीनों चुनाव आयुक्तों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और विपक्ष की तथाकथित झूठी कहानी का पर्दाफाश हो चुका है।' उन्होंने जोड़ा कि इसके बावजूद झूठे नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगी।

भाजपा नेता का सीजेपी पर सवाल

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता परिणय फुके ने कहा कि सीजेपी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक फाउंडेशन या संगठन है जो कथित तौर पर नीट पेपर लीक के आरोपों के बाद अस्तित्व में आया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सीजेपी खुद स्वीकार करती है कि वह चुनाव नहीं लड़ेगी, तो वह चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन क्यों कर रही है। फुके ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें जो भारत की तरक्की से जलती हैं, वे इस आंदोलन को वित्त पोषित कर रही हैं।

सीजेपी नेताओं की अपील और भीड़ का अनुमान

सीजेपी नेता सिद्धांत भारद्वाज ने कहा कि जंतर-मंतर जैसा जोश इस बार भी दिखेगा। उन्होंने दावा किया कि धरने में कम से कम 40,000–50,000 लोगों के आने की उम्मीद है और संख्या एक लाख से भी अधिक हो सकती है। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मतदाता सूची से 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने के लिए जिम्मेदार हैं और उन्होंने कहा कि अगर जेल जाने से इन मतदाताओं के अधिकार बहाल हो सकते हैं, तो वे इसके लिए तैयार हैं।

विपक्षी समर्थन और प्रतीकात्मक संदेश

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ जो भी विरोध करेगा, उसे उनका समर्थन है। सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने गांधी जयंती के संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह गांधीजी ने अंग्रेजों से दांडी मार्च की इजाजत नहीं माँगी थी, उसी तरह वे भी बिना इजाजत के अपना लोकतांत्रिक अधिकार इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने मुंबई पुलिस से सहयोग की उम्मीद जताई।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर कटौती को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। सीजेपी ने संकेत दिया है कि यह 'सीजेपी 2.0' की शुरुआत है और आगे भी इसी तरह के आंदोलन जारी रहेंगे। सरकार और सीजेपी के बीच तनाव को देखते हुए मुंबई पुलिस की भूमिका और प्रशासन का रुख आने वाले घंटों में निर्णायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

कोई ठोस डेटा-आधारित खंडन नहीं दिया। BJP का 'विदेशी फंडिंग' वाला आरोप भी बिना किसी सबूत के लगाया गया है। असली सवाल यह है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है — और यह जवाब न सीजेपी देगी, न सरकार।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) क्या है और यह धरना क्यों कर रही है?
सीजेपी एक गैर-चुनावी संगठन है जो कथित तौर पर नीट पेपर लीक विवाद के बाद उभरा था। 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क में इसने मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने के कथित घोटाले के विरोध में धरना दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की।
सीएम फडणवीस ने सीजेपी के धरने पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के तथाकथित झूठे नैरेटिव का पर्दाफाश पहले ही कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह झूठी कहानी आगे नहीं बढ़ेगी।
13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने का मामला क्या है?
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मतदाता सूची से 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने के लिए जिम्मेदार हैं। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और सरकार इसे झूठा नैरेटिव बता रही है।
सीजेपी के धरने में किन नेताओं ने समर्थन दिया?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ विरोध करने वाले हर व्यक्ति को उनका समर्थन है। इसके अलावा एक चिकित्सक सहित कई आम नागरिक भी धरनास्थल पर एकजुट हुए।
सीजेपी के धरने का गांधी जयंती से क्या संबंध है?
सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन धरने का आयोजन प्रतीकात्मक रूप से किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह गांधीजी ने दांडी मार्च के लिए अंग्रेजों से इजाजत नहीं माँगी थी, उसी भावना से यह आंदोलन शुरू हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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