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संजय निरुपम का सीजेपी पर हमला: 'यह लोकतंत्र नहीं, राजनीति चमकाने का खेल है'

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संजय निरुपम का सीजेपी पर हमला: 'यह लोकतंत्र नहीं, राजनीति चमकाने का खेल है'

सारांश

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन को 'इंस्टाग्राम की राजनीति' करार दिया और मुंबई पुलिस की सराहना की। साथ ही इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के वर्चस्व को लेकर भी तीखे सवाल उठाए। शाइना एनसी और मनीषा कायंदे ने भी विपक्ष पर पलटवार किया।

मुख्य बातें

संजय निरुपम ने कहा कि सीजेपी और विपक्ष का आंदोलन देश या लोकतंत्र नहीं, बल्कि राजनीतिक छवि बचाने के लिए है।
मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में सीजेपी का मंच शुरू होने से पहले ही उखाड़ दिया।
निरुपम ने इंडिया गठबंधन को कांग्रेस का जबरदस्ती चलाया गया अभियान बताया; अखिलेश यादव की अनुपस्थिति को विद्रोह का संकेत कहा।
शाइना एनसी ने फॉर्म-6 के एनेक्सर का बचाव किया और विपक्ष पर अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया।
मनीषा कायंदे ने ओवैसी पर हिंदुओं को बदनाम करने और गरबा आयोजनों में अनुचित प्रवेश का विरोध किया।

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह आंदोलन देश या लोकतंत्र बचाने के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों की छवि चमकाने की कवायद मात्र है। उन्होंने यह भी तंज कसा कि इंस्टाग्राम से निकली सीजेपी जल्द ही वापस वहीं लौट जाएगी।

मुख्य आरोप: आंदोलन नहीं, सियासी प्रदर्शन

संजय निरुपम ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क में विपक्षी दलों एवं सीजेपी की ओर से जो विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, वे न देश बचाने के लिए हैं, न संविधान की रक्षा के लिए। उनके अनुसार, यह सब राजनीतिक दलों द्वारा अपनी पार्टी को बचाने और सीजेपी द्वारा अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित करने की कोशिश है।

निरुपम ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह जनता का आंदोलन नहीं, बल्कि किसी टीवी शो के नए सीज़न जैसा प्रतीत होता है — जहाँ दर्शकों को लुभाने की कोशिश है, लेकिन असल मकसद कुछ और है।

मुंबई पुलिस को बधाई, शिवाजी पार्क में मंच उखाड़ा

निरुपम ने मुंबई पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसने शिवाजी पार्क में होने वाले कार्यक्रम को शुरू होने से पहले ही रोक दिया और पूरा मंच हटा दिया। उन्होंने इसे 'नौटंकी' रोकने का सही कदम बताया।

इंडिया गठबंधन और अखिलेश यादव की अनुपस्थिति पर सवाल

इंडिया गठबंधन की बैठक में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के शामिल न होने पर निरुपम ने कहा कि यह गठबंधन दरअसल कांग्रेस का विपक्षी एकता के नाम पर जबरदस्ती चलाया गया अभियान है। उनका आरोप था कि कांग्रेस अन्य विपक्षी दलों पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहती है।

निरुपम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव सबसे प्रमुख विपक्षी नेता हैं, जबकि वहाँ कांग्रेस का मुश्किल से एक विधायक है। इसके बावजूद कांग्रेस उन पर हुक्म चलाने की कोशिश कर रही है, जिसके चलते अखिलेश यादव ने विद्रोह का रास्ता अपनाया है।

शाइना एनसी का पलटवार: वोटर लिस्ट शुद्धि पर सवाल क्यों?

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के विरोध पर पलटवार किया। उन्होंने बताया कि ज्ञानेश कुमार ने विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत बीएलओ को हर जगह जाकर असली मतदाताओं की पहचान करने का निर्देश दिया है।

शाइना एनसी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि फॉर्म-6 में केवल एक अनुबंध (एनेक्सर) जोड़ा गया है, जिसमें माता-पिता और दादा-दादी की अतिरिक्त जानकारी माँगी गई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी दल को आपत्ति है, तो उसे तथ्यों पर बात करनी चाहिए, अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए।

मनीषा कायंदे: ओवैसी और गरबा विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे हिंदुओं के खिलाफ बयान देते हैं, तो संविधान का हवाला नहीं दिया जाता।

वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार के गरबा-संबंधी बयान पर कायंदे ने कहा कि नवरात्रि और गरबा देवी की आराधना से जुड़े हैं — जहाँ देवी की मूर्ति स्थापित होती है और पूजा होती है। उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग वंदे मातरम के विरोधी हैं और भारत भूमि को वंदन नहीं करना चाहते, वे देवी को प्रणाम नहीं कर सकते। इसलिए गरबा जैसे धार्मिक आयोजनों में उन्हीं का प्रवेश उचित है जो हिंदू धर्म को मानते और सम्मान करते हैं।

यह सारे बयान ऐसे समय में आए हैं जब देश में मतदाता सूची शुद्धिकरण और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में प्रवेश को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर संसदीय और सामाजिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इंडिया गठबंधन में अखिलेश यादव की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि 2024 की चुनावी सफलता के बाद भी कांग्रेस क्षेत्रीय दलों के साथ समान भागीदारी का फॉर्मूला नहीं बना पाई है। मतदाता सूची विवाद में शाइना एनसी का फॉर्म-6 बचाव और गरबा-प्रवेश पर मनीषा कायंदे का बयान — दोनों एक साथ आना बताता है कि शिवसेना एकसाथ कई मोर्चों पर अपनी हिंदुत्व पहचान को मज़बूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने सीजेपी के आंदोलन पर क्या कहा?
संजय निरुपम ने कहा कि सीजेपी और विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र या संविधान बचाने के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक छवि चमकाने के लिए है। उन्होंने सीजेपी को 'इंस्टाग्राम से निकली पार्टी' कहते हुए इसे टीवी शो के सीज़न से उपमा दी।
मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में क्या कार्रवाई की?
मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में सीजेपी का कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पूरा मंच उखाड़ दिया। संजय निरुपम ने इसके लिए पुलिस की प्रशंसा की।
इंडिया गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव क्यों नहीं आए?
निरुपम के अनुसार, अखिलेश यादव की अनुपस्थिति कांग्रेस के एकतरफा वर्चस्व के खिलाफ विद्रोह का संकेत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का आधार नगण्य है, फिर भी वह समाजवादी पार्टी पर हुक्म चलाने की कोशिश करती है।
फॉर्म-6 के एनेक्सर को लेकर विवाद क्या है?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर फॉर्म-6 में एक अनुबंध जोड़ा गया है, जिसमें माता-पिता और दादा-दादी की अतिरिक्त जानकारी माँगी गई है। विपक्ष इसे मतदाताओं की छंटनी का हथियार बता रहा है, जबकि शाइना एनसी ने इसे मतदाता सूची शुद्धि की स्वाभाविक प्रक्रिया बताया।
मनीषा कायंदे ने गरबा में प्रवेश को लेकर क्या तर्क दिया?
मनीषा कायंदे ने कहा कि नवरात्रि और गरबा हिंदू देवी की आराधना से जुड़े धार्मिक आयोजन हैं, इसलिए इनमें उन्हीं का प्रवेश उचित है जो हिंदू धर्म को मानते और उसका सम्मान करते हैं। उन्होंने ओवैसी पर हिंदुओं को बार-बार बदनाम करने का आरोप भी लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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