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शिवाजी पार्क CJP प्रदर्शन पर निरुपम का हमला: आयोजकों पर FIR की मांग, UCC को बताया जरूरी

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शिवाजी पार्क CJP प्रदर्शन पर निरुपम का हमला: आयोजकों पर FIR की मांग, UCC को बताया जरूरी

सारांश

मुंबई पुलिस के प्रतिबंध को नजरअंदाज कर शिवाजी पार्क में हुए CJP प्रदर्शन पर शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने तीखा हमला बोला — आयोजकों पर FIR की माँग के साथ गुजरात UCC को राष्ट्रपति की मंजूरी का स्वागत और पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 3 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन को मुंबई पुलिस के प्रतिबंध का उल्लंघन बताया।
निरुपम ने CJP के 4-5 मुख्य नेताओं तथा प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की माँग की।
उन्होंने कहा कि मुंबई में विरोध प्रदर्शन के लिए आज़ाद मैदान अधिकृत स्थल है, शिवाजी पार्क नहीं।
गुजरात UCC विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर निरुपम ने इसका स्वागत करते हुए पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत की।
गुजरात, उत्तराखंड के बाद UCC को विधायी मंजूरी देने वाला दूसरा राज्य बना।

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने 3 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में मुंबई पुलिस के प्रतिबंध के बावजूद आयोजित सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के विरोध प्रदर्शन को कानून का खुला उल्लंघन करार दिया और आयोजकों तथा प्रदर्शनकारियों, दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की माँग की। इसके साथ ही उन्होंने गुजरात के समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने का स्वागत करते हुए पूरे देश में UCC लागू करने की वकालत की।

शिवाजी पार्क प्रदर्शन: निरुपम का आरोप

निरुपम ने कहा कि मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में किसी भी प्रकार की सभा, बैठक या विरोध प्रदर्शन पर पूर्व से ही रोक लगा रखी थी। उनके अनुसार, CJP के प्रमुख नेताओं ने इस प्रतिबंध की अनदेखी करते हुए अपने समर्थकों को वहाँ एकत्र होने के लिए उकसाया, जिससे बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।

उन्होंने माँग की कि सबसे पहले CJP के चार-पाँच मुख्य नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया जाए, क्योंकि उन्होंने कानून तोड़ने के लिए भीड़ को प्रेरित किया। इसके अलावा, प्रदर्शन में शामिल हुए अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

आज़ाद मैदान का विकल्प क्यों नहीं चुना

निरुपम ने स्पष्ट किया कि मुंबई में विरोध प्रदर्शन के लिए आज़ाद मैदान को अधिकृत स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को प्रदर्शन करना है तो वह आज़ाद मैदान में अनुमति माँगे — पुलिस उचित प्रक्रिया के तहत अनुमति देती है। उनके अनुसार, स्थानीय निवासियों को असुविधा पहुँचाने के लिए किसी भी स्थान पर इस तरह के आयोजन नहीं होने चाहिए।

यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा प्रतिबंधित स्थलों पर प्रदर्शन करने के मामले बार-बार सामने आते रहे हैं।

गुजरात UCC को राष्ट्रपति की मंजूरी: निरुपम का स्वागत

निरुपम ने गुजरात विधानसभा से पारित समान नागरिक संहिता विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने को ऐतिहासिक कदम बताया। उनके अनुसार, UCC के तहत विवाह, तलाक, संपत्ति की विरासत और बच्चा गोद लेने जैसे विषयों पर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एकसमान कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुजरात में इसके लागू होने से अब पूरे देश में UCC की राह और प्रशस्त होनी चाहिए।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के बाद गुजरात UCC को विधायी मंजूरी दिलाने वाला दूसरा राज्य बन गया है, जो इस मुद्दे पर राष्ट्रीय बहस को नई गति दे रहा है।

धर्म और राष्ट्र पर निरुपम का बयान

निरुपम ने कहा, 'भारत का राष्ट्र धर्म हिंदू धर्म है। यह आज से नहीं, बल्कि 5,000 साल से है। धर्म की यह परंपरा चली आ रही है और इसी धर्म की परंपरा से हमारा देश और संस्कृति बने हैं। जब-जब हमारा धर्म कमजोर हुआ, जब-जब हिंदू कमजोर हुए, भारत को लूटा गया, भारत को तोड़ा गया और भारत को तबाह और बर्बाद किया गया।'

उन्होंने आगे कहा, 'इसलिए अगर पूरे भारत को सुरक्षित रखना है, अगर देश को संकट से मुक्त रखना है और अगर भारत के सभी नागरिकों को सुरक्षित रखना है तो यह बहुत जरूरी है कि हमारा धर्म भी पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहे और इसकी सुरक्षा के साथ कोई छेड़छाड़ न हो।'

आगे क्या होगा

CJP की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मुंबई पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई या नहीं, इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। निरुपम की माँग के बाद यह देखना होगा कि शिवसेना इस मुद्दे को आगे किस रूप में उठाती है और मुंबई पुलिस क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए। गुजरात UCC को 'पूरे देश की राह' बताना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यक अधिकारों पर हमले के रूप में देखता है — यह पहलू निरुपम के बयान में पूरी तरह अनुपस्थित रहा।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवाजी पार्क में CJP का प्रदर्शन क्यों विवादास्पद है?
मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में किसी भी सभा, बैठक या विरोध प्रदर्शन पर पूर्व से प्रतिबंध लगा रखा था। इस प्रतिबंध के बावजूद CJP ने वहाँ प्रदर्शन आयोजित किया, जिसे शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कानून का खुला उल्लंघन बताया।
संजय निरुपम ने किस पर FIR दर्ज करने की माँग की है?
निरुपम ने CJP के चार-पाँच मुख्य नेताओं पर मुकदमा दर्ज करने की माँग की है, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर भीड़ को कानून तोड़ने के लिए उकसाया। इसके अलावा, प्रदर्शन में शामिल हुए अन्य सभी लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की माँग की गई है।
गुजरात UCC विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी का क्या मतलब है?
गुजरात विधानसभा से पारित समान नागरिक संहिता विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब गुजरात में UCC कानूनी रूप से लागू हो सकेगा। उत्तराखंड के बाद गुजरात यह कदम उठाने वाला दूसरा राज्य बन गया है।
UCC के तहत किन विषयों पर एकसमान कानून होगा?
निरुपम के अनुसार, UCC के तहत विवाह, तलाक, संपत्ति की विरासत और बच्चा गोद लेने जैसे विषयों पर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एकसमान कानून लागू होगा। इन चार-पाँच विषयों पर धर्म-निरपेक्ष कानून बनाना ही UCC का मूल उद्देश्य बताया गया है।
मुंबई में विरोध प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थल कौन सा है?
निरुपम के अनुसार, मुंबई में विरोध प्रदर्शन के लिए आज़ाद मैदान को अधिकृत स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है। यदि कोई संगठन प्रदर्शन करना चाहता है तो उसे आज़ाद मैदान में पुलिस से अनुमति लेनी होती है।
राष्ट्र प्रेस
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